{"_id":"6a2b1d65a15a40b23d09da26","slug":"orders-for-the-arrest-of-pnbs-chairman-and-branch-manager-sambhal-news-c-275-1-smbd1033-136430-2026-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: पीएनबी के चेयरमैन और शाखा प्रबंधक की गिरफ्तारी के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: पीएनबी के चेयरमैन और शाखा प्रबंधक की गिरफ्तारी के आदेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
संभल। ओटीपी साझा किए बिना बैंक खाते से 65 हजार रुपये से अधिक की रकम निकलने और उपभोक्ता आयोग के आदेश का अनुपालन न करने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए पंजाब नेशनल बैंक के चेयरमैन और शाखा प्रबंधक के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं।
नगर के मोहल्ला कोटपूर्वी निवासी डॉ. रितेश कुमार का पंजाब नेशनल बैंक की शुक्ला मार्केट शाखा में बचत खाता संचालित है। उनके अनुसार 25 मई 2019 की शाम करीब 7:33 बजे मोबाइल पर एसएमएस प्राप्त हुआ, जिसमें खाते से 65,026 रुपये निकाले जाने की सूचना थी। इसके बाद उन्होंने तत्काल ग्राहक सेवा केंद्र के टोल फ्री नंबर पर सूचना देकर खाते को ब्लॉक कराया और पुलिस को भी मामले की जानकारी दी।
डॉ. रितेश का आरोप है कि जांच में पता चला कि 25 मई 2019 को पहले उनके खाते से 50 हजार रुपये निकालने का प्रयास किया गया, जिसमें 25 हजार रुपये निकाले गए। इसके कुछ समय बाद 65,026 रुपये की राशि भी फर्जी तरीके से आहरित कर ली गई। उन्होंने बैंक अधिकारियों से मामले की जांच कर रकम वापस दिलाने की मांग की, लेकिन उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया।
विज्ञापन
इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता देवेंद्र वार्ष्णेय के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया। जिला उपभोक्ता आयोग ने 25 मार्च 2021 को पंजाब नेशनल बैंक के चेयरमैन और शाखा प्रबंधक को आदेश दिया कि वे उपभोक्ता को 65,026 रुपये नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करें। साथ ही पांच हजार रुपये वाद व्यय के रूप में भी देने के निर्देश दिए गए।
बैंक प्रबंधन ने आयोग के आदेश के विरुद्ध राज्य उपभोक्ता आयोग, लखनऊ में अपील दायर की, लेकिन 6 अप्रैल 2026 को अपील खारिज कर दी गई। इसके बावजूद आयोग के आदेश का पालन नहीं किया गया।
आयोग ने आदेश की लगातार अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए पंजाब नेशनल बैंक के चेयरमैन और शाखा प्रबंधक के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर उनकी गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं।
नगर के मोहल्ला कोटपूर्वी निवासी डॉ. रितेश कुमार का पंजाब नेशनल बैंक की शुक्ला मार्केट शाखा में बचत खाता संचालित है। उनके अनुसार 25 मई 2019 की शाम करीब 7:33 बजे मोबाइल पर एसएमएस प्राप्त हुआ, जिसमें खाते से 65,026 रुपये निकाले जाने की सूचना थी। इसके बाद उन्होंने तत्काल ग्राहक सेवा केंद्र के टोल फ्री नंबर पर सूचना देकर खाते को ब्लॉक कराया और पुलिस को भी मामले की जानकारी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
डॉ. रितेश का आरोप है कि जांच में पता चला कि 25 मई 2019 को पहले उनके खाते से 50 हजार रुपये निकालने का प्रयास किया गया, जिसमें 25 हजार रुपये निकाले गए। इसके कुछ समय बाद 65,026 रुपये की राशि भी फर्जी तरीके से आहरित कर ली गई। उन्होंने बैंक अधिकारियों से मामले की जांच कर रकम वापस दिलाने की मांग की, लेकिन उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया।
इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता देवेंद्र वार्ष्णेय के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया। जिला उपभोक्ता आयोग ने 25 मार्च 2021 को पंजाब नेशनल बैंक के चेयरमैन और शाखा प्रबंधक को आदेश दिया कि वे उपभोक्ता को 65,026 रुपये नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करें। साथ ही पांच हजार रुपये वाद व्यय के रूप में भी देने के निर्देश दिए गए।
बैंक प्रबंधन ने आयोग के आदेश के विरुद्ध राज्य उपभोक्ता आयोग, लखनऊ में अपील दायर की, लेकिन 6 अप्रैल 2026 को अपील खारिज कर दी गई। इसके बावजूद आयोग के आदेश का पालन नहीं किया गया।
आयोग ने आदेश की लगातार अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए पंजाब नेशनल बैंक के चेयरमैन और शाखा प्रबंधक के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर उनकी गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं।