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Sambhal News: किशोरी से दुष्कर्म मामले में दोषी को 10 साल की कैद
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चंदौसी। न्यायालय ने थाना गुन्नौर के वर्ष 2021 में किशोरी को बहला फुसला कर भगा ले जाने और दुष्कर्म के मामले में एक दोषी को 10 वर्ष का कारावास और 28 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में हुई।
गुन्नौर थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले पीड़ित पिता ने एक तहरीर थाना पुलिस को दी थी। इसमें बताया कि 11 मई 2021 की शाम सात बजे करीब उसकी 17 वर्षीय पुत्री को एक युवक इंद्रपाल बहला फुसला कर भगा ले गया था। गांव के ही व्यक्ति ने उसे बाइक से ले जाते हुए देखा था। 13 मई को उसे जानकारी मिली कि इंद्रपाल उसकी पुत्री को मोटरसाइकिल से दिल्ली लेकर जाने वाला है। जो जुनावई से होता हुआ दिल्ली जाएगा।
सूचना पर वह जुनावई में तिराहे पर परिवार के लोगों के साथ इंद्रपाल का इंतजार कर रहा था। तभी बदायूं की तरफ से बाइक पर इंद्रपाल आता दिखाई दिया। पीछे उसकी पुत्री बैठी हुई थी। इंद्रपाल को पकड़ लिया। पकड़े जाने पर उसकी पुत्री ने उसे रोते हुए बताया कि इंद्रपाल ने उसके साथ गंदा काम किया है और दो रात तक जंगल में रखा है। शोर मचाने की बात पर जान से मारने की धमकी दे रहा था। आरोपी को पुलिस को सौंप दिया और कार्रवाई की मांग की।
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पुलिस ने तहरीर के आधार पर इंद्रपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली और विवेचना में साक्ष्यों जुटा कर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। आठ सितंबर 2021 को सुनवाई शुरू हो गई थी।
मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) / अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक आदित्य कुमार सिंह ने साक्ष्यों के आधार पर दलीलें पेश कीं। न्यायालय ने इंद्रपाल को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष का कारावास और 28 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
गुन्नौर थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले पीड़ित पिता ने एक तहरीर थाना पुलिस को दी थी। इसमें बताया कि 11 मई 2021 की शाम सात बजे करीब उसकी 17 वर्षीय पुत्री को एक युवक इंद्रपाल बहला फुसला कर भगा ले गया था। गांव के ही व्यक्ति ने उसे बाइक से ले जाते हुए देखा था। 13 मई को उसे जानकारी मिली कि इंद्रपाल उसकी पुत्री को मोटरसाइकिल से दिल्ली लेकर जाने वाला है। जो जुनावई से होता हुआ दिल्ली जाएगा।
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सूचना पर वह जुनावई में तिराहे पर परिवार के लोगों के साथ इंद्रपाल का इंतजार कर रहा था। तभी बदायूं की तरफ से बाइक पर इंद्रपाल आता दिखाई दिया। पीछे उसकी पुत्री बैठी हुई थी। इंद्रपाल को पकड़ लिया। पकड़े जाने पर उसकी पुत्री ने उसे रोते हुए बताया कि इंद्रपाल ने उसके साथ गंदा काम किया है और दो रात तक जंगल में रखा है। शोर मचाने की बात पर जान से मारने की धमकी दे रहा था। आरोपी को पुलिस को सौंप दिया और कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर इंद्रपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली और विवेचना में साक्ष्यों जुटा कर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। आठ सितंबर 2021 को सुनवाई शुरू हो गई थी।
मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) / अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक आदित्य कुमार सिंह ने साक्ष्यों के आधार पर दलीलें पेश कीं। न्यायालय ने इंद्रपाल को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष का कारावास और 28 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।