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Sambhal News: कर्बला के 72 शहीदों की याद में निकले शबीहे ताबूत
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मढ़न। बुकनाला सादात में कर्बला के शहीदों की याद में शबीहे ताबूत का जुलूस निकाला गया। जुलूस में सैकड़ों अज़ादारों ने शिरकत कर खिराज-ए-अकीदत पेश की।
शबीहे ताबूत इमाम बारगाह साहेबुज़्ज़मान से बरामद होकर गांव के विभिन्न इमाम बारगाहों से होते हुए इमाम बारगाह बनी हाशिम पहुंचा। जुलूस के दौरान मातमी अंजुमनों ने नौहाख्वानी और सीनाज़नी कर कर्बला के उस दर्दनाक मंजर को याद किया, जब हजरत इमाम हुसैन ने 72 साथियों के साथ इंसानियत की रक्षा के लिए शहादत दी थी।
प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आई अंजुमनों ने नौहों के माध्यम से कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। या हुसैन की सदाओं के बीच अज़ादारों की आंखें नम दिखाई दीं और पूरा माहौल गम और अकीदत में डूबा रहा।
जुलूस के समापन के बाद इमाम बारगाह साहेबुज़्ज़मान पर पूरी रात अज़ादारी का सिलसिला जारी रहा, जो मंगलवार सुबह तक चलता रहा। इस दौरान नियाज़ व नज़र का सिलसिला भी चलता रहा। जुलूस और मजलिस में शामिल अज़ादारों के लिए विशेष भोजन व्यवस्था की गई। संवाद
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शबीहे ताबूत इमाम बारगाह साहेबुज़्ज़मान से बरामद होकर गांव के विभिन्न इमाम बारगाहों से होते हुए इमाम बारगाह बनी हाशिम पहुंचा। जुलूस के दौरान मातमी अंजुमनों ने नौहाख्वानी और सीनाज़नी कर कर्बला के उस दर्दनाक मंजर को याद किया, जब हजरत इमाम हुसैन ने 72 साथियों के साथ इंसानियत की रक्षा के लिए शहादत दी थी।
प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आई अंजुमनों ने नौहों के माध्यम से कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। या हुसैन की सदाओं के बीच अज़ादारों की आंखें नम दिखाई दीं और पूरा माहौल गम और अकीदत में डूबा रहा।
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जुलूस के समापन के बाद इमाम बारगाह साहेबुज़्ज़मान पर पूरी रात अज़ादारी का सिलसिला जारी रहा, जो मंगलवार सुबह तक चलता रहा। इस दौरान नियाज़ व नज़र का सिलसिला भी चलता रहा। जुलूस और मजलिस में शामिल अज़ादारों के लिए विशेष भोजन व्यवस्था की गई। संवाद
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