Sambhal: खनन के दौरान मिट्टी की ढांग गिरने से दो भाई दबे, एक ने तोड़ा दम, गुस्साए परिजनों का हंगामा
संभल के किसौली गांव के बुद्धसेन प्रजापति की मिट्टी की ढांग गिरने से मौत हो गई। उसका भाई सुनील प्रजापति घायल हो गया। हादसे के बाद परिजनों ने हंगामा किया। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई का आश्वासन देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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संभल में मिट्टी की ढांग में दबने से किसौली के निवासी बुद्धसेन प्रजापति (19) की मौके पर मौत हो गई। जबकि मृतक का चचेरा भाई सुनील प्रजापति (18) घायल हो गया। खनन के दौरान ढांग गिरने से हुए हादसे से गुस्साए परिजनों ने हंगामा कर दिया। इस पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी आए और लोगों को समझा बुझाकर कार्रवाई का भरोसा दिया।
इस पर परिजन माने। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। गांव किसौली के निवासी मृतक के चाचा रामवीर प्रजापति ने बताया कि गांव रफीपुर में स्थित शीतल दास मंदिर के नजदीक में गांव के ही पूर्व प्रधान के बेटे सत्यपाल के खेत से मजदूरी पर फावड़े से मिट्टी खुदाई के लिए दोनों गए थे। मंगलवार सुबह नौ बजे के करीब गहरे गड्ढे में मिट्टी की ढांग गिरी तो दोनों दब गए।
लोग जुटे और दोनों को बाहर निकाला। लेकिन तक तक बुद्धसेन प्रजापति की मौत हो गई। जबकि सुनील प्रजापति को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना के बाद रोष फैल गया। परिजनों के कार्रवाई को लेकर हंगामा किया। इस पर तहसीलदार रवि सोनकर, सीओ बहजोई डॉ.प्रदीप कुमार, खनन अधिकारी और कैलादेवी व हयातनगर पुलिस भी आई।
परिजनों को समझाया गया। करीब डेढ़ घंटे बाद परिजन माने। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। सीओ ने बताया कि चंदौसी तहसील, संभल तहसील प्रशासन और जिला खनन अधिकारी के द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है। मृतक के परिजनों की तहरीर मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम चंदौसी को वीडियो कॉलिंग से दिखाए हालात
गांव रफीपुर में स्थित शीतल दास मंदिर के निकट जहां हादसा हुआ, वहां अवैध खनन हो रहा था। कोतवाल संत कुमार सिंह ने चंदौसी के एसडीएम को वीडियो कॉलिंग करके मौके के हालात दिखाएं। जिसके बाद तहसील प्रशासन पहुंचा। मामले की जांच कराई गई।
बेटे की मौत के बाद पिता बार-बार बेसुध
हादसे में बेटे की मौत के बाद शव देखकर पिता महीपाल प्रजापति बार-बार बेसुध हो रहे थे। ग्रामीण और परिजन बार-बार उन्हें संभाल रहे थे। मां का भी रो रो कर बुरा हाल था। बड़ी बहन रश्मि का भी रो-रोकर बुरा हाल था। रश्मि बता रही थी कि पांच बहन भाइयों में बुद्धसेन चौथे नंबर का था। भाई की मौत के बाद परिवार पर दुख का पहाड़ टूट गया है।