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Sambhal News: सावन कल से, भीड़ पर नियंत्रण के लिए शिवालयों में रहेगी बैरिकेडिंग
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संभल। भगवान शिव की आराधना का पवित्र सावन मास इस वर्ष 30 जुलाई से शुरू होगा। 28 अगस्त को सावन पूर्णिमा के साथ इसका समापन होगा। इस बार चार सोमवार पड़ेंगे, जिनका धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रहेगा। पहले सोमवार से लेकर अंतिम सोमवार तक शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और जलाभिषेक के आयोजन होंगे। इसके लिए जिले के प्रमुख शिवालयों को सजाया जा रहा है। मंदिर परिसरों में बैरिकेडिंग करके भीड़ को नियंत्रित करने की रणनीति बनाई गई है।
बहजोई रोड स्थित सिद्दपीठ पातालेश्वर महादेव मंदिर सरायतरीन, सूर्यकुंड महादेव मंदिर, संभलेश्वर महादेव मंदिर बेनीपुर चक, प्रकटेश्वर महादेव मंदिर फत्तेहपुर भाऊ, झारखंडी महादेव मंदिर गुमसानी, सादातबाड़ी, बेरनी शिव मंदिर आदि में श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि तथा मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं।
दूसरी ओर, सावन पूजा-भक्ति के साथ शृंगार का महीना भी माना जाता है। दुकानदारों ने बताया कि सावन के चलते पूजन-सामग्री की मांग बढ़ रही है। ग्राहक सामान्य पूजन सामग्री के साथ शिवलिंग, तांबे के बने सांप, जलहरी, नर्मदेश्वर शिवलिंग, भस्म, सावन माह पत्रिका की ज्यादा मांग कर रहे हैं। इस बार श्रद्धालुओं के लिए घी से तैयार रेडीमेड दीया-बाती को मंगाया गया है, जिसे कहीं भी ले जाकर पूजा-अर्चना कर सकते हैं। इसकी खासियत यह है कि गर्मी में भी इसका घी पिघलता नहीं है। साथ ही, सजने संवरने के सामान से लेकर कपड़ों की भी खरीदारी बढ़ रही है। बाजार में शृंगार के सामान में कांच, मेटल की हरी चूड़ियाें, बिंदी से लेकर हरे, पीले सूट व साड़ियों की डिमांड ज्यादा बढ़ने लगी है। महिलाएं सावन को लेकर हरे-पीले सूट ज्यादा खरीद रही हैं। सावन माह में दुकानदारों का कारोबार बढ़ने की संभावना है।
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रूद्राभिषेक व विशेष पूजा की भी तैयारियां
शहर के प्रसिद्ध मंदिरों में सावन को लेकर तैयारियां शुरू हैं। अधिकतर मंदिरों के पट सुबह चार बजे ही खोले जाएंगे। इसके बाद श्रद्धालु दिनभर शिवलिंग पर जलाभिषेक कर सकेंगे। साथ ही कई मंदिरों में रूद्राभिषेक व विशेष पूजा की तैयारियां की जा रही हैं। इस बार सावन में चार सोमवार का व्रत किया जाएगा। मान्यता है कि सावन माह में सोमवार के व्रत करना काफी शुभ माना जाता हैं। साथ ही, कांवड़ियां संघों ने हरिद्वार-गंगोत्री से कांवड़ लाने वाले शिव भक्तों की सेवा के लिए अभी से तैयारियां करनी शुरू कर दी है। सावन माह की शुरुआत के साथ शहर में विभिन्न जगहों पर कांवड़ियों के लिए सेवा शिविर लगाए जाएंगे। इनकी तैयारियों के लिए सामाजिक कार्यकर्ता जुट गए हैं। कांवड़ लाने वाले शिव भक्तों के लिए बाजार में भगवा व सफेद रंग की भगवान शिव व त्रिशूल की फोटो छपी टी-शर्ट, कैपरी, आदि उपलब्ध हैं।
कब-कब होंगे सोमवार के व्रत
-प्रथम सावन सोमवार (3 अगस्त)- सुकर्मा योग एवं सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग।
-द्वितीय सावन सोमवार (10 अगस्त)— सोम प्रदोष व्रत का दुर्लभ एवं अत्यंत पुण्यदायी संयोग।
-तृतीय सावन सोमवार (17 अगस्त)— नाग पंचमी के पावन पर्व का विशेष संयोग।
-चतुर्थ सावन सोमवार (24 अगस्त)— सर्वार्थ सिद्धि योग एवं सावन समापन योग का शुभ संयोग।
सावन के तीसरे सोमवार को नागपंचमी पर्व
ज्योतिषाचार्य आचार्य शोभित शास्त्री के अनुसार, सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त को पड़ेगा, जिसे भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके बाद दूसरा सोमवार 10 अगस्त को होगा। इस दिन प्रदोष व्रत का भी संयोग बन रहा है। तीसरा सोमवार 17 अगस्त को पड़ेगा और इसी दिन नागपंचमी का पर्व भी मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव के साथ नाग देवता की पूजा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। सावन का चौथा और अंतिम सोमवार 24 अगस्त को रहेगा। वहीं सावन माह के आखिरी दिन ही रक्षा बंधन का पर्व मनाया जाएगा। पौराणिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने इसी माह कठोर तप कर भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था। समुद्र मंथन के दौरान भगवान शिव ने विष का पान कर सृष्टि की रक्षा की, जिसके कारण उन्हें नीलकंठ की उपाधि मिली। संवाद
मीट, मछली, अंडा की दुकानें बंद रहेंगी, नोटिस दे रही पुलिस
असमोली थाना क्षेत्र के गांवों में मीट, मछली, अंडा दुकानदारों और डीजे वालों को नोटिस जारी किए गए हैं। बताया गया है कि कोई भी दुकानदार अपनी दुकान पर मीट, मछली, अंडा नहीं बेचेगा। इंस्पेक्टर मोहित चौधरी ने बताया कि यदि किसी ने अपनी दुकान पर मीट, मछली, अंडा बेचने के साथ-साथ यदि कहीं तेज आवाज में डीजे बजता मिला तो कार्रवाई होगी। संवाद
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बहजोई रोड स्थित सिद्दपीठ पातालेश्वर महादेव मंदिर सरायतरीन, सूर्यकुंड महादेव मंदिर, संभलेश्वर महादेव मंदिर बेनीपुर चक, प्रकटेश्वर महादेव मंदिर फत्तेहपुर भाऊ, झारखंडी महादेव मंदिर गुमसानी, सादातबाड़ी, बेरनी शिव मंदिर आदि में श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि तथा मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं।
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दूसरी ओर, सावन पूजा-भक्ति के साथ शृंगार का महीना भी माना जाता है। दुकानदारों ने बताया कि सावन के चलते पूजन-सामग्री की मांग बढ़ रही है। ग्राहक सामान्य पूजन सामग्री के साथ शिवलिंग, तांबे के बने सांप, जलहरी, नर्मदेश्वर शिवलिंग, भस्म, सावन माह पत्रिका की ज्यादा मांग कर रहे हैं। इस बार श्रद्धालुओं के लिए घी से तैयार रेडीमेड दीया-बाती को मंगाया गया है, जिसे कहीं भी ले जाकर पूजा-अर्चना कर सकते हैं। इसकी खासियत यह है कि गर्मी में भी इसका घी पिघलता नहीं है। साथ ही, सजने संवरने के सामान से लेकर कपड़ों की भी खरीदारी बढ़ रही है। बाजार में शृंगार के सामान में कांच, मेटल की हरी चूड़ियाें, बिंदी से लेकर हरे, पीले सूट व साड़ियों की डिमांड ज्यादा बढ़ने लगी है। महिलाएं सावन को लेकर हरे-पीले सूट ज्यादा खरीद रही हैं। सावन माह में दुकानदारों का कारोबार बढ़ने की संभावना है।
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रूद्राभिषेक व विशेष पूजा की भी तैयारियां
शहर के प्रसिद्ध मंदिरों में सावन को लेकर तैयारियां शुरू हैं। अधिकतर मंदिरों के पट सुबह चार बजे ही खोले जाएंगे। इसके बाद श्रद्धालु दिनभर शिवलिंग पर जलाभिषेक कर सकेंगे। साथ ही कई मंदिरों में रूद्राभिषेक व विशेष पूजा की तैयारियां की जा रही हैं। इस बार सावन में चार सोमवार का व्रत किया जाएगा। मान्यता है कि सावन माह में सोमवार के व्रत करना काफी शुभ माना जाता हैं। साथ ही, कांवड़ियां संघों ने हरिद्वार-गंगोत्री से कांवड़ लाने वाले शिव भक्तों की सेवा के लिए अभी से तैयारियां करनी शुरू कर दी है। सावन माह की शुरुआत के साथ शहर में विभिन्न जगहों पर कांवड़ियों के लिए सेवा शिविर लगाए जाएंगे। इनकी तैयारियों के लिए सामाजिक कार्यकर्ता जुट गए हैं। कांवड़ लाने वाले शिव भक्तों के लिए बाजार में भगवा व सफेद रंग की भगवान शिव व त्रिशूल की फोटो छपी टी-शर्ट, कैपरी, आदि उपलब्ध हैं।
कब-कब होंगे सोमवार के व्रत
-प्रथम सावन सोमवार (3 अगस्त)- सुकर्मा योग एवं सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग।
-द्वितीय सावन सोमवार (10 अगस्त)— सोम प्रदोष व्रत का दुर्लभ एवं अत्यंत पुण्यदायी संयोग।
-तृतीय सावन सोमवार (17 अगस्त)— नाग पंचमी के पावन पर्व का विशेष संयोग।
-चतुर्थ सावन सोमवार (24 अगस्त)— सर्वार्थ सिद्धि योग एवं सावन समापन योग का शुभ संयोग।
सावन के तीसरे सोमवार को नागपंचमी पर्व
ज्योतिषाचार्य आचार्य शोभित शास्त्री के अनुसार, सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त को पड़ेगा, जिसे भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके बाद दूसरा सोमवार 10 अगस्त को होगा। इस दिन प्रदोष व्रत का भी संयोग बन रहा है। तीसरा सोमवार 17 अगस्त को पड़ेगा और इसी दिन नागपंचमी का पर्व भी मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव के साथ नाग देवता की पूजा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। सावन का चौथा और अंतिम सोमवार 24 अगस्त को रहेगा। वहीं सावन माह के आखिरी दिन ही रक्षा बंधन का पर्व मनाया जाएगा। पौराणिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने इसी माह कठोर तप कर भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था। समुद्र मंथन के दौरान भगवान शिव ने विष का पान कर सृष्टि की रक्षा की, जिसके कारण उन्हें नीलकंठ की उपाधि मिली। संवाद
मीट, मछली, अंडा की दुकानें बंद रहेंगी, नोटिस दे रही पुलिस
असमोली थाना क्षेत्र के गांवों में मीट, मछली, अंडा दुकानदारों और डीजे वालों को नोटिस जारी किए गए हैं। बताया गया है कि कोई भी दुकानदार अपनी दुकान पर मीट, मछली, अंडा नहीं बेचेगा। इंस्पेक्टर मोहित चौधरी ने बताया कि यदि किसी ने अपनी दुकान पर मीट, मछली, अंडा बेचने के साथ-साथ यदि कहीं तेज आवाज में डीजे बजता मिला तो कार्रवाई होगी। संवाद