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Sambhal News: वंश गोपाल कल्किधाम तीर्थ परिक्रमा मार्ग का सर्वे पूरा, सीमांकन की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Wed, 13 May 2026 01:40 AM IST
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संभल। श्री वंश गोपाल कल्किधाम तीर्थ परिक्रमा मार्ग का सर्वे लगभग पूरा हो गया है। सीमांकन की तैयारी की गई है। यह मार्ग 34 गांवों से होकर गुजरेगा। सर्वे के दौरान मौके की जो स्थिति मिली है, उसके हिसाब कमोवेश सभी गांवों में भूमि की खरीद होनी है। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन सुनील प्रकाश का कहना है कि यदि कहीं तीन मीटर सड़क बनी भी है, तो काम नहीं चलेगा। क्योंकि परिक्रमा मार्ग के लिए 16 मीटर तक भूमि चाहिए।
प्राचीन तीर्थ श्री वंश गोपाल कल्किधाम बेनीपुर चक से परिक्रमा मार्ग की शुरुआत होती है। यहीं से परिक्रमा मार्ग का निर्माण कार्य होगा। इसके लिए शासन ने 301 करोड़ रुपये खर्च करने की अनुमति दी है। साथ ही, 100 करोड़ रुपये जारी भी किए हैं। यह धनराशि मिली तो काम भी शुरु हो गया है। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन सुनील प्रकाश ने बताया कि परिक्रमा मार्ग का सर्वे पूरा कर लिया गया है। यह मार्ग करीब 34 गांवों से होकर गुजरा है। सर्वे के बाद इसके सीमांकन की तैयारी की गई है।
राजस्व और पीडब्ल्यूडी की टीमें मिलकर इसका सीमांकन करेंगी। ताकि कोई गड़बड़ी न होेने पाए। क्योंकि यह परियोजना शासन की दृष्टि में अति महत्वाकांक्षी है। बताया कि कहीं-कहीं तीन मीटर सड़क है लेकिन इसे बढ़ाया जाएगा। कारण है कि यह मार्ग 7 मीटर चौड़ा बनाया जाएगा। इस परियोजना में सड़क के दोनों ओर अतिरिक्त 3 मीटर चौड़ी पटरी (फुटपाथ) विकसित की जाएगी, जिससे परिक्रमार्थियों को सुरक्षित पैदल चलने की सुविधा मिलेगी। इस लिहाज से 16 मीटर तक जमीन चाहिए। इसी के दृष्टिगत जमीन खरीदने की योजना बनाई है। हालांकि, सीमांकन के बाद शासन को पूरा प्रस्ताव भेजा जाएगा। वहां से अप्रूवल के बाद जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरु हो सकेगी।
एक्सईएन ने बताया कि 300 करोड़ से अधिक की यह परियोजना 24-30 महीने में पूरी करनी है। इसके लिए शासन ने समय तय किया है। संभल का परिक्रमा मार्ग भी 310 करोड़ रुपये में तैयार होगा। इससे उम्मीद है कि दो से ढाई वर्ष में परिक्रमा मार्ग तैयार हो जाएगा और श्रद्धालुओं को परिक्रमा में दिक्कत का सामना करना नहीं पड़ेगा। इस मार्ग के बनने से गांवों की भी तस्वीर बदल जाएगी। आवाजाही करने में आसानी होगी। कई गांवों का संपर्क आसान हो सकेगा।
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इनसेट
इन गांवों से गुजरेगा चौबीस कोसीय परिक्रमा मार्ग
बेनीपुर चक, रसूलपुर सराय, बादल गुबंद, जलालपुर, भोलेश्वर चौकी, खानपुर खुम्मार (भुवनेश्वर तीर्थ), फिरोजपुर, क्षेमनाथ तीर्थ, भवानीपुर, चंद्रेश्वर तीर्थ चंदायन, आढ़ोल, मुजफ्फरपुर, शेरपुर, रसूलपुर धतरा, हाजीपुर के बाद आदमपुर मार्ग को क्रास कर बेनीपुर चक में समापन होगा।
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मार्ग पर पड़ने वाले प्रमुख तीर्थ भी चमक उठेंगे
वंश गोपाल कल्किधाम बेनीपुर चक से परिक्रमा मार्ग शुरु होगा। रास्ते में भोलेश्वर महादेव, क्षेमनाथ तीर्थ, शिव मंदिर भवानीपुर और चंद्रेश्वर महादेव जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं। सड़क निर्माण होने से लाजिमी यह भी चमकेंगे। क्योंकि आवाजाही में आसानी होगी। ऐसे में भक्तगण किसी भी दिन और कभी आ जा सकेंगे।
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कोट
सर्वे पूरा हो गया है। सीमांकन की तैयारी है। राजस्व और पीडब्ल्यूडी की टीमें मिलकर सीमांकन करेंगी। जल्द ही सीमांकन होगा। इसके बाद भूमि खरीद का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा। ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरु हो। -सुनील प्रकाश, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, संभल
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प्राचीन तीर्थ श्री वंश गोपाल कल्किधाम बेनीपुर चक से परिक्रमा मार्ग की शुरुआत होती है। यहीं से परिक्रमा मार्ग का निर्माण कार्य होगा। इसके लिए शासन ने 301 करोड़ रुपये खर्च करने की अनुमति दी है। साथ ही, 100 करोड़ रुपये जारी भी किए हैं। यह धनराशि मिली तो काम भी शुरु हो गया है। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन सुनील प्रकाश ने बताया कि परिक्रमा मार्ग का सर्वे पूरा कर लिया गया है। यह मार्ग करीब 34 गांवों से होकर गुजरा है। सर्वे के बाद इसके सीमांकन की तैयारी की गई है।
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राजस्व और पीडब्ल्यूडी की टीमें मिलकर इसका सीमांकन करेंगी। ताकि कोई गड़बड़ी न होेने पाए। क्योंकि यह परियोजना शासन की दृष्टि में अति महत्वाकांक्षी है। बताया कि कहीं-कहीं तीन मीटर सड़क है लेकिन इसे बढ़ाया जाएगा। कारण है कि यह मार्ग 7 मीटर चौड़ा बनाया जाएगा। इस परियोजना में सड़क के दोनों ओर अतिरिक्त 3 मीटर चौड़ी पटरी (फुटपाथ) विकसित की जाएगी, जिससे परिक्रमार्थियों को सुरक्षित पैदल चलने की सुविधा मिलेगी। इस लिहाज से 16 मीटर तक जमीन चाहिए। इसी के दृष्टिगत जमीन खरीदने की योजना बनाई है। हालांकि, सीमांकन के बाद शासन को पूरा प्रस्ताव भेजा जाएगा। वहां से अप्रूवल के बाद जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरु हो सकेगी।
एक्सईएन ने बताया कि 300 करोड़ से अधिक की यह परियोजना 24-30 महीने में पूरी करनी है। इसके लिए शासन ने समय तय किया है। संभल का परिक्रमा मार्ग भी 310 करोड़ रुपये में तैयार होगा। इससे उम्मीद है कि दो से ढाई वर्ष में परिक्रमा मार्ग तैयार हो जाएगा और श्रद्धालुओं को परिक्रमा में दिक्कत का सामना करना नहीं पड़ेगा। इस मार्ग के बनने से गांवों की भी तस्वीर बदल जाएगी। आवाजाही करने में आसानी होगी। कई गांवों का संपर्क आसान हो सकेगा।
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इन गांवों से गुजरेगा चौबीस कोसीय परिक्रमा मार्ग
बेनीपुर चक, रसूलपुर सराय, बादल गुबंद, जलालपुर, भोलेश्वर चौकी, खानपुर खुम्मार (भुवनेश्वर तीर्थ), फिरोजपुर, क्षेमनाथ तीर्थ, भवानीपुर, चंद्रेश्वर तीर्थ चंदायन, आढ़ोल, मुजफ्फरपुर, शेरपुर, रसूलपुर धतरा, हाजीपुर के बाद आदमपुर मार्ग को क्रास कर बेनीपुर चक में समापन होगा।
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मार्ग पर पड़ने वाले प्रमुख तीर्थ भी चमक उठेंगे
वंश गोपाल कल्किधाम बेनीपुर चक से परिक्रमा मार्ग शुरु होगा। रास्ते में भोलेश्वर महादेव, क्षेमनाथ तीर्थ, शिव मंदिर भवानीपुर और चंद्रेश्वर महादेव जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं। सड़क निर्माण होने से लाजिमी यह भी चमकेंगे। क्योंकि आवाजाही में आसानी होगी। ऐसे में भक्तगण किसी भी दिन और कभी आ जा सकेंगे।
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सर्वे पूरा हो गया है। सीमांकन की तैयारी है। राजस्व और पीडब्ल्यूडी की टीमें मिलकर सीमांकन करेंगी। जल्द ही सीमांकन होगा। इसके बाद भूमि खरीद का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा। ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरु हो। -सुनील प्रकाश, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, संभल