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Sambhal News: यूजीसी एक्ट पर रोक लगाए जाने पर सवर्ण समाज ने मनाई खुशी
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चंदौसी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी एक्ट पर रोक लगाए जाने के बाद बृहस्पतिवार को सवर्ण समाज के लोगों ने खुशी जाहिर की। नगर के बिसौली गेट पर लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की। लोगों ने फैसले को शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के हित में बताया। बताया कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला शिक्षा में समानता और न्याय को मजबूत करने वाला है।
बृहस्पतिवार को बिसौली गेट पर सवर्ण समाज के लोगों ने एकत्र होकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और मिठाइयां बांटी। लोगों का कहना था कि यूजीसी के नए नियम शिक्षा व्यवस्था में असमानता पैदा करने वाले थे, जिससे सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के हित प्रभावित हो रहे थे। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इन नियमों पर रोक लगाना और 2012 के पुराने नियमों को लागू रखने का आदेश देना न्याय की जीत है।
व्यापारी नेता अनुज वार्ष्णेय अन्नू ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला शिक्षा में समानता और न्याय को मजबूत करता है। यदि यूजीसी के नए नियम लागू होते, तो इससे सामान्य वर्ग के छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ता। कोर्ट ने समय रहते हस्तक्षेप कर सामान्य वर्ग के युवाओं के हितों की रक्षा की है। वहीं, अभिनव शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने निष्पक्षता का परिचय देते हुए सही समय पर निर्णय लिया है।
यह आदेश बताता है कि न्यायपालिका आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे केंद्र सरकार कोई भी नियम बनाते समय सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखेगी। इस अवसर पर सागर गुप्ता, आचार्य ऋतुपर्ण शर्मा, राजीव मिश्रा, निशांत शर्मा, शाह आलम मंसूरी, सुधीर मिश्रा, मनोज कुमार, विकास मिश्रा, विकास उपाध्याय, गौरख शंखधार, सौरभ शर्मा, ओमवीर सिंह, लवित वार्ष्णेय आदि मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को बिसौली गेट पर सवर्ण समाज के लोगों ने एकत्र होकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और मिठाइयां बांटी। लोगों का कहना था कि यूजीसी के नए नियम शिक्षा व्यवस्था में असमानता पैदा करने वाले थे, जिससे सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के हित प्रभावित हो रहे थे। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इन नियमों पर रोक लगाना और 2012 के पुराने नियमों को लागू रखने का आदेश देना न्याय की जीत है।
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व्यापारी नेता अनुज वार्ष्णेय अन्नू ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला शिक्षा में समानता और न्याय को मजबूत करता है। यदि यूजीसी के नए नियम लागू होते, तो इससे सामान्य वर्ग के छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ता। कोर्ट ने समय रहते हस्तक्षेप कर सामान्य वर्ग के युवाओं के हितों की रक्षा की है। वहीं, अभिनव शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने निष्पक्षता का परिचय देते हुए सही समय पर निर्णय लिया है।
यह आदेश बताता है कि न्यायपालिका आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे केंद्र सरकार कोई भी नियम बनाते समय सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखेगी। इस अवसर पर सागर गुप्ता, आचार्य ऋतुपर्ण शर्मा, राजीव मिश्रा, निशांत शर्मा, शाह आलम मंसूरी, सुधीर मिश्रा, मनोज कुमार, विकास मिश्रा, विकास उपाध्याय, गौरख शंखधार, सौरभ शर्मा, ओमवीर सिंह, लवित वार्ष्णेय आदि मौजूद रहे।
