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Sambhal News: मरम्मत करते समय छत ढहने से महिला व बच्ची की मौत
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बहजोई (संभल)। गांव चंदनकटी में मंगलवार की सुबह करीब 10:15 बजे छत की मरम्मत करते समय गार्डर टूटने से हादसा हो गया। इस घटना में सूरजमुखी (28) और करीब चार वर्ष की बच्ची दिव्यांशी की मौत हो गई। हादसे में धर्मवती, बालक अंशु, श्याम और बालिका अमीषा घायल भी हुए हैं। सूचना मिलने पर पुलिस और राजस्वकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच पड़ताल की।
ग्रामीण रामचंद्र ने बताया कि वह अपने छोटे भाई राधेश्याम के साथ छत पर काम कर रहा था। वे बारिश से बचाव के लिए छत पर पाॅलीथिन बिछा रहे थे। सुबह के समय मरम्मत का काम चल रहा था। तभी अचानक छत में लगा सीमेंट का गार्डर टूट गया। पूरी छत धड़ाम से नीचे आ गिरी। इस दौरान रामचंद्र की पत्नी और उनके व भाई के बच्चे छत के मलबे में दब गए। रामचंद्र और राधेश्याम भी छत के साथ नीचे गिर गए, हालांकि उनको मामूली चोट लगी है। वहीं, दूसरी ओर हादसे की सूचना पर डीएम अंकित खंडेलवाल और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई भी गांव पहुंचे। पीड़ित परिवार से हादसे की जानकारी ली और घायलों के बेहतर उपचार के लिए निर्देश दिए हैं।
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तेज आवाज सुनकर दौड़े लोग, मलबे से बाहर निकाला तो बची चार की जान
छत गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके की ओर दौड़े। उन्होंने देखा कि छत का मलबा फैला हुआ था और लोग उसमें दबे थे। ग्रामीणों ने मिलकर मलबे में दबे बच्चों और अन्य लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। स्थानीय लोगों ने सक्रियता दिखाते हुए पीड़ित परिवार को बाहर निकाला। इसके चलते चार लोगों की जान बच सकी।
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एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचे घायल
घटना की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। एंबुलेंस ने सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया। सीएचसी में चिकित्साधिकारी सचिन वर्मा ने बच्ची दिव्यांशी को मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को आगे के उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
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दो मौतों से परिवार में मातम
जिला अस्पताल में उपचार के दौरान महिला सूरजमुखी ने भी दम तोड़ दिया। एक ही परिवार में दो लोगों की मौत हो गई। बाकी घायलों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है। मृत बालिका दिव्यांशी की मां प्रेमलता व परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे के बाद गांव के लोग भी गमगीन नजर आए। संवाद
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ग्रामीण रामचंद्र ने बताया कि वह अपने छोटे भाई राधेश्याम के साथ छत पर काम कर रहा था। वे बारिश से बचाव के लिए छत पर पाॅलीथिन बिछा रहे थे। सुबह के समय मरम्मत का काम चल रहा था। तभी अचानक छत में लगा सीमेंट का गार्डर टूट गया। पूरी छत धड़ाम से नीचे आ गिरी। इस दौरान रामचंद्र की पत्नी और उनके व भाई के बच्चे छत के मलबे में दब गए। रामचंद्र और राधेश्याम भी छत के साथ नीचे गिर गए, हालांकि उनको मामूली चोट लगी है। वहीं, दूसरी ओर हादसे की सूचना पर डीएम अंकित खंडेलवाल और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई भी गांव पहुंचे। पीड़ित परिवार से हादसे की जानकारी ली और घायलों के बेहतर उपचार के लिए निर्देश दिए हैं।
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तेज आवाज सुनकर दौड़े लोग, मलबे से बाहर निकाला तो बची चार की जान
छत गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके की ओर दौड़े। उन्होंने देखा कि छत का मलबा फैला हुआ था और लोग उसमें दबे थे। ग्रामीणों ने मिलकर मलबे में दबे बच्चों और अन्य लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। स्थानीय लोगों ने सक्रियता दिखाते हुए पीड़ित परिवार को बाहर निकाला। इसके चलते चार लोगों की जान बच सकी।
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एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचे घायल
घटना की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। एंबुलेंस ने सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया। सीएचसी में चिकित्साधिकारी सचिन वर्मा ने बच्ची दिव्यांशी को मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को आगे के उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
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दो मौतों से परिवार में मातम
जिला अस्पताल में उपचार के दौरान महिला सूरजमुखी ने भी दम तोड़ दिया। एक ही परिवार में दो लोगों की मौत हो गई। बाकी घायलों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है। मृत बालिका दिव्यांशी की मां प्रेमलता व परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे के बाद गांव के लोग भी गमगीन नजर आए। संवाद