रील बनाकर की खुदकुशी: 'मुझे मौत बहुत अजीज है, इसलिए मर रहा हूं...', यह कहकर युवक ने पिया कीटनाशक; चली गई जान
असमोली थाना क्षेत्र के गांव ओबरी निवासी फिरोज ने कीटनाशक पीकर जान दे दी। मरने से पहले उसने सोशल मीडिया पर एक रील शेयर की, जिसमें वह अपनी मौत का जिम्मेदार खुद को बता रहा है। युवक के इस कदम से परिवार सदमे में है।
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तोहफा बेवफाई का जब तुझे वहां मिलेगा... लगेगी जिंदगी हराम तुझे मेरी तरह... यह आखिरी रील बनाने वाले युवक ने कीटनाशक का सेवन कर जान दे दी। युवक ने जान देने से पहले सोशल मीडिया पर एक रील शेयर की। जिसमें वह जिंदगी के साथ किसी शख्स से तंग आने जैसी बात कह रहे हैं। हालांकि वह अपनी मौत का जिम्मेदार खुद को बता रहे हैं। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। परिवार भी युवक के इस कदम से सदमे में हैं। युवक ने ऐसा क्यों किया यह जवाब किसी के पास नहीं है।
असमोली थाना क्षेत्र के गांव ओबरी निवासी फिरोज (19) ने सोमवार की दोपहर करीब 12 बजे कीटनाशक का सेवन किया। जब कीटनाशक ने असर किया तो वह चिल्लाने लगे। परिजन पहुंचे तो कीटनाशक का सेवन करने की जानकारी दी। परिजन मुरादाबाद के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। मृतक फिरोज के पिता नजर हुसैन ने बताया कि उनका बेटा सिलाई करता था।
दो दिन पहले दिल्ली गया था और रविवार को घर लौट आया था। सोमवार की दोपहर करीब 12 बजे दूसरी मंजिल के कमरे में जाकर कीटनाशक का सेवन किया। चीखने-चिल्लाने की आवाज पर पहुंचे थे। बताया कि कीटनाशक गोलियों के दो डिब्बे मिले हैं। एक डिब्बे में सात गोलियां होती हैं। बताया कि युवक आठ भाई-बहनों में सबसे छोटा था। वहीं, दूसरी ओर परिजनों ने बिना पुलिस कार्रवाई के शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया है। पूरे परिवार का रो रोकर बुरा हाल है।
खुद को मौत का जिम्मेदार बताया, मरने से पहले वीडियो बनाया
फिरोज ने कीटनाशक का सेवन करने से पहले सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एक वीडियो जारी किया। इसमें वह अपनी मौत का जिम्मेदार खुद को बता रहा है और कह रहे हैं कि इससे पहले तीन बार मरने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हुए। इसलिए अब वह जान देने जा रहे हैं।
इस वीडियो में फिरोज ने कहा कि किसी पर न भरोसा करो और न प्यार करो। किसी पर ध्यान न दो, परिवार पर भी नहीं। अपने आप में मस्त रहो तभी जिंदगी मस्त है। आगे वह कहते हैं कि किसी को अगर तुमने छूटे दे दी तो वह जिंदगी की छूट बनाकर रख देगा। आगे कहते हैं कि मुझे मौत बहुत अजीज है। इसलिए मर रहा हूं।
सिलाई के साथ प्रिंटिंग प्रेस का भी काम करता था फिरोज
सिलाई करने वाले फिरोज प्रिंटिंग प्रेस का भी काम करते थे। साथ ही उनको शायरी का शौक था। सोशल मीडिया पर मकसूर आलम नाम के पेज पर काफी शायरी की वीडियो पड़ी हैं। करीब पांच हजार फॉलोवर्स हैं। ज्यादातर वीडियो प्रेम से आहत हुए अंदाज में बनाई गई हैं। इसमें कई बड़े शायर की कॉपी की है तो कई शायरी अपनी भी बनाई हैं। ग्रामीणों ने बताया कि युवक को शायरी से लगाव ज्यादा था।
