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Sant Kabir Nagar News: खलीलाबाद में पेयजल परियोजना अधूरी, शुद्ध पेयजल का इंतजार बढ़ा
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बंझरिया में बनाई गई पानी की टंकी।
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सौ करोड़ की लागत से कराया जा रहा काम, फरवरी में पूरी होनी थी योजना
नगर पालिका के सभी 25 वार्डों में बिछाई जानी है पाइपलाइन, कार्य अब भी अधूरा
संतकबीरनगर। शहर के हर घर तक स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए 100 करोड़ की पेयजल परियोजना शुरू की गई है, लेकिन कार्य की रफ्तार काफी सुस्त है। फरवरी 2026 तक इस परियोजना का कार्य पूर्ण होना था, लेकिन अभी 80 फीसदी ही कार्य हो पाया है। इधर गर्मी शुरू हो गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में पेयजल का संकट खड़ा हो सकता है।
शहर में 100 करोड़ की पेयजल परियोजना की स्वीकृति करीब दो साल पहले हुई थी। करीब एक साल तक इस परियोजना पर पहले तो काम ही शुरू नहीं हुआ। इसके बाद प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद परियोजना पर कार्य शुरू हुआ। वार्डों में पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू हुआ है। इसमें सीमा विस्तारित क्षेत्र भी शामिल है।
इस योजना में शहर के विभिन्न मोहल्लों में पांच जगहों पर वाटर टैंक बनाया जाना है। इसमें गोरखल, मटिहना, बंजरिया-नेदुला के बीच, पटखौली व खटौली शामिल है। ओवरहेड टैंक बनाने का कार्य करीब-करीब पूर्ण हो गया है, लेकिन रंगाई-पुताई आदि के कार्य अब भी नहीं हो सका है। जहां तक पाइपलाइन बिछाने की बात है तो कई मोहल्लों में अब भी कार्य चल रहा है। इसमें पठान टोला व सीमा विस्तारित क्षेत्र शामिल हैं। पुरानी पाइपलाइन बदलने का कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में लोगों को अभी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
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शहर के सभी 25 वार्डों में होना है कार्य
शहर की आबादी करीब एक लाख से ऊपर पहुंच गई है। जो 25 वार्डों में बंटी हुई है। सभी वार्डाें में कार्य कराया जाना है, ताकि लोगों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति मिल सके, लेकिन कार्य की रफ्तार धीमी होने से गर्मी में पेयजल संकट गहरा सकता है। कारण यह है कि अभी तक पेयजल आपूर्ति की जो व्यवस्था है, वह सिर्फ 13 वार्डाें में ही सिमटी है। इसके लिए एक ओवरहेड टैंक है। यहां भी पाइपलाइनें पुरानी हैं, और जर्जर हो चुकी हैं। लोगों के घरों में प्रदूषित पानी की आपूर्ति अक्सर होती रहती है।
शहर के भेली मंडी निवासी राजेंद्र कुमार, पवन कुमार आदि ने बताया कि अक्सर लीकेज के चलते दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। उम्मीद थी कि पेयजल परियोजना से राहत मिलेगी, लेकिन अब तक परियोजना पूर्ण नहीं हुई है। ऐसे में समस्या बढ़ सकती है।
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शहर में पेयजल परियोजना पर कार्य चल रहा है। इसमें तेजी लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। कई जगह गलियां संकरी होने से समस्या आ रही है। फिर भी जल्द ही परियोजना को पूर्ण करा लिया जाएगा।
-सभाजीत यादव, अवर अभियंता, जल निगम शहरी
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नगर पालिका के सभी 25 वार्डों में बिछाई जानी है पाइपलाइन, कार्य अब भी अधूरा
संतकबीरनगर। शहर के हर घर तक स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए 100 करोड़ की पेयजल परियोजना शुरू की गई है, लेकिन कार्य की रफ्तार काफी सुस्त है। फरवरी 2026 तक इस परियोजना का कार्य पूर्ण होना था, लेकिन अभी 80 फीसदी ही कार्य हो पाया है। इधर गर्मी शुरू हो गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में पेयजल का संकट खड़ा हो सकता है।
शहर में 100 करोड़ की पेयजल परियोजना की स्वीकृति करीब दो साल पहले हुई थी। करीब एक साल तक इस परियोजना पर पहले तो काम ही शुरू नहीं हुआ। इसके बाद प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद परियोजना पर कार्य शुरू हुआ। वार्डों में पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू हुआ है। इसमें सीमा विस्तारित क्षेत्र भी शामिल है।
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इस योजना में शहर के विभिन्न मोहल्लों में पांच जगहों पर वाटर टैंक बनाया जाना है। इसमें गोरखल, मटिहना, बंजरिया-नेदुला के बीच, पटखौली व खटौली शामिल है। ओवरहेड टैंक बनाने का कार्य करीब-करीब पूर्ण हो गया है, लेकिन रंगाई-पुताई आदि के कार्य अब भी नहीं हो सका है। जहां तक पाइपलाइन बिछाने की बात है तो कई मोहल्लों में अब भी कार्य चल रहा है। इसमें पठान टोला व सीमा विस्तारित क्षेत्र शामिल हैं। पुरानी पाइपलाइन बदलने का कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में लोगों को अभी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
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शहर के सभी 25 वार्डों में होना है कार्य
शहर की आबादी करीब एक लाख से ऊपर पहुंच गई है। जो 25 वार्डों में बंटी हुई है। सभी वार्डाें में कार्य कराया जाना है, ताकि लोगों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति मिल सके, लेकिन कार्य की रफ्तार धीमी होने से गर्मी में पेयजल संकट गहरा सकता है। कारण यह है कि अभी तक पेयजल आपूर्ति की जो व्यवस्था है, वह सिर्फ 13 वार्डाें में ही सिमटी है। इसके लिए एक ओवरहेड टैंक है। यहां भी पाइपलाइनें पुरानी हैं, और जर्जर हो चुकी हैं। लोगों के घरों में प्रदूषित पानी की आपूर्ति अक्सर होती रहती है।
शहर के भेली मंडी निवासी राजेंद्र कुमार, पवन कुमार आदि ने बताया कि अक्सर लीकेज के चलते दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। उम्मीद थी कि पेयजल परियोजना से राहत मिलेगी, लेकिन अब तक परियोजना पूर्ण नहीं हुई है। ऐसे में समस्या बढ़ सकती है।
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शहर में पेयजल परियोजना पर कार्य चल रहा है। इसमें तेजी लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। कई जगह गलियां संकरी होने से समस्या आ रही है। फिर भी जल्द ही परियोजना को पूर्ण करा लिया जाएगा।
-सभाजीत यादव, अवर अभियंता, जल निगम शहरी