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Shahjahanpur News: डेढ़ गुना बढ़ी बिजली की खपत... आपूर्ति लड़खड़ाई
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शाहजहांपुर में उपकेंद्र पर काम करते कर्मचारी। फाइल फोटो
- फोटो : 1
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शाहजहांपुर। मई के महीने में तापमान में उछाल आने के साथ ही बिजली की खपत डेढ़ गुना बढ़ गई है। मार्च में जहां 216 मेगावाट बिजली खर्च हो रही थी, वहीं अब 340 मेगावाट खपत पहुंच गई है। खपत बढ़ने से ओवरलोड होने के कारण उपकेंद्रों में रोज ही कोई न कोई गड़बड़ी आ रही है। इसके चलते शहर में फॉल्ट की झड़ी लगी है, साथ ही ग्रामीण इलाकों में आपूर्ति मिलना मुश्किल हो रहा है। ओवलोडिंग के चलते फीडरों से काट-काटकर आपूर्ति दी जा रही है।
जिले में 35 उपकेंद्रों से चार लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति दी जाती है। जनपद के बिजली नेटवर्क को मजबूत करने के लिए रिवैंप योजना के तहत 164 करोड़ रुपये खर्च किए गए। फिर भी गर्मी में लोगों को बिजली के लिए जूझना पड़ रहा है। तापमान में उछाल आने के साथ ही फॉल्ट के साथ ही ओवरलोडिंग के चलते लोगों को बिजली मिलना दूभर हो रहा है।
शहर से सटे अटसलिया उपकेंद्र के बरतारा फीडर पर 6500 कनेक्शनधारक हैं। फीडर ओवरलोड होने के चलते दिन में तीन-चार बार तार टूटने से आपूर्ति बाधित हो जाती है। सेहरामऊ दक्षिणी में बादशाहनगर उपकेंद्र का कहिलिया फीडर भी ओवरलोडिंग से जूझ रहा है। यहां भी रोजाना ही ट्रांसफॉर्मर में फॉल्ट आने से लेकर तार टूटने की समस्या रहती है।
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कांट उपकेंद्र पर पांच-पांच एमवीए के दो ट्रांसफॉर्मर लगे हैं। उपकेंद्र पर क्षमता से ज्यादा कनेक्शन होने के कारण फॉल्टों की झड़ी लगी रहती है। यहां पर घंटों ही बिजली गायब रहती है।
निगोही उपकेंद्र के जिंदपुरा, तालगांव, एसपीएन, गागेपुरा और वर्ल्ड बैंक फीडर ओवरलोडिंग की भेंट चढ़ गया है। चौहनापुर के कुर्रियाकलां फीडर, बंडा के गुलड़िया फीडर भी ओवरलोड हैं, इसके चलते बिजली मिलना मुश्किल हो रहा है। पुवायां के कई फीडर भी ओवरलोडिंग की चपेट में हैं।
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टुकड़ों में की जा रही बिजली आपूर्ति
उपकेंद्रों के ओवरलोडिंग होने के कारण लोगों को गर्मी में पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। अधिकारियों के अनुसार, एक फीडर पर 200 से 250 एंपियर का लोड चलता है लेकिन गर्मी में एक ट्यूबवेल चलने पर 11 हजार की लाइन पर एक एंपियर के लोड की खपत होती है। खेतों की सिंचाई के लिए ज्यादा ट्यूबवेल चलने पर ओवरलोडिंग बढ़ जाती है। ऐसे में एक फीडर को बंद कर दूसरे को कुछ समय के लिए चलाकर टुकड़ों में आपूर्ति दी जाती है। ब्रांचों के जरिये दस-दस गांवों को बिजली दी जाती है।
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शहर में जल रही बंच लाइन, टूट रहे तार
शहर के उपकेंद्रों में भले ही कनेक्शन के हिसाब से पर्याप्त लोड मुहैया करा दिया गया लेकिन दुश्वारियां कम नहीं हैं। यहां पर बंच लाइन जलने, तार टूटने के साथ ही ट्रांसफॉर्मरों के हांफने के चलते ट्रिपिंग की समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है। इसके चलते लोगों को काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली की आवाजाही से लोगों की रात की नींद गायब हो गई है।
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एक नजर में
-100 से 125 मेगावाट बिजली दिसंबर में खर्च हो रही थी।
-200 मेगावाट बिजली फरवरी की शुरुआत में खप रही थी।
-216 मेगावाट बिजली इसी महीने गर्मी बढ़ने पर 15 फरवरी को खर्च की गई। मार्च में भी यही स्थिति बनी रही।
-340 मेगावाट बिजली की खपत मंगलवार को रही। आने वाले समय में खपत और बढ़ने की संभावना है।
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फॉल्ट से बिजली मिलना मुश्किल
बिजली की स्थिति पिछले कुछ दिन से काफी खराब हुई है। आए दिन फॉल्ट के चलते दिक्कते आती है। समाधान की ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है।
-संदीप कुमार, मोहल्ला रेती
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भीषण गर्मी में बिजली कटौती से लोग बेहाल हैं। दो दिन बाद राशन वितरण भी शुरू हो रहा है। ऐसे में ई-मशीन चार्जिंग को लेकर समस्या होती है।
-जागेश्वर उर्फ जग्गू मिश्रा, कुर्रियाकलां
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उपकेंद्र पर ट्रांसफाॅर्मर कम क्षमता के रखे हैं। इसके चलते मशीनें हर दस मिनट में बंद होने से बिजली आपूर्ति बाधित होती है। भीषण गर्मी में पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही।
-रईस मियां, कांट
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शासन से बिजली आपूर्ति के लिए रोस्टर तय किया गया है। उसके हिसाब से बिजली नहीं मिलने से फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। आमजन भी बिजली नहीं आने से परेशान है।
-अरबाज अली, निवासी ग्राम ऊनकलां, निगोही
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गर्मी के आने के साथ ही बिजली की खपत बढ़ी है लेकिन आपूर्ति सुचारु रखने के लिए पहले से तैयारी की गई थी। फॉल्ट आने पर तत्काल सुधार कराया जा रहा है। अगर किसी उपभोक्ता को दिक्कत है तो हेल्पलाइन नंबर 1912 या कंट्रोल रूम के नंबर 9935790578 पर संपर्क कर सकता है।
-मोहित श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता, विद्युत पारेषण केंद्र
जिले में 35 उपकेंद्रों से चार लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति दी जाती है। जनपद के बिजली नेटवर्क को मजबूत करने के लिए रिवैंप योजना के तहत 164 करोड़ रुपये खर्च किए गए। फिर भी गर्मी में लोगों को बिजली के लिए जूझना पड़ रहा है। तापमान में उछाल आने के साथ ही फॉल्ट के साथ ही ओवरलोडिंग के चलते लोगों को बिजली मिलना दूभर हो रहा है।
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शहर से सटे अटसलिया उपकेंद्र के बरतारा फीडर पर 6500 कनेक्शनधारक हैं। फीडर ओवरलोड होने के चलते दिन में तीन-चार बार तार टूटने से आपूर्ति बाधित हो जाती है। सेहरामऊ दक्षिणी में बादशाहनगर उपकेंद्र का कहिलिया फीडर भी ओवरलोडिंग से जूझ रहा है। यहां भी रोजाना ही ट्रांसफॉर्मर में फॉल्ट आने से लेकर तार टूटने की समस्या रहती है।
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कांट उपकेंद्र पर पांच-पांच एमवीए के दो ट्रांसफॉर्मर लगे हैं। उपकेंद्र पर क्षमता से ज्यादा कनेक्शन होने के कारण फॉल्टों की झड़ी लगी रहती है। यहां पर घंटों ही बिजली गायब रहती है।
निगोही उपकेंद्र के जिंदपुरा, तालगांव, एसपीएन, गागेपुरा और वर्ल्ड बैंक फीडर ओवरलोडिंग की भेंट चढ़ गया है। चौहनापुर के कुर्रियाकलां फीडर, बंडा के गुलड़िया फीडर भी ओवरलोड हैं, इसके चलते बिजली मिलना मुश्किल हो रहा है। पुवायां के कई फीडर भी ओवरलोडिंग की चपेट में हैं।
टुकड़ों में की जा रही बिजली आपूर्ति
उपकेंद्रों के ओवरलोडिंग होने के कारण लोगों को गर्मी में पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। अधिकारियों के अनुसार, एक फीडर पर 200 से 250 एंपियर का लोड चलता है लेकिन गर्मी में एक ट्यूबवेल चलने पर 11 हजार की लाइन पर एक एंपियर के लोड की खपत होती है। खेतों की सिंचाई के लिए ज्यादा ट्यूबवेल चलने पर ओवरलोडिंग बढ़ जाती है। ऐसे में एक फीडर को बंद कर दूसरे को कुछ समय के लिए चलाकर टुकड़ों में आपूर्ति दी जाती है। ब्रांचों के जरिये दस-दस गांवों को बिजली दी जाती है।
शहर में जल रही बंच लाइन, टूट रहे तार
शहर के उपकेंद्रों में भले ही कनेक्शन के हिसाब से पर्याप्त लोड मुहैया करा दिया गया लेकिन दुश्वारियां कम नहीं हैं। यहां पर बंच लाइन जलने, तार टूटने के साथ ही ट्रांसफॉर्मरों के हांफने के चलते ट्रिपिंग की समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है। इसके चलते लोगों को काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली की आवाजाही से लोगों की रात की नींद गायब हो गई है।
एक नजर में
-100 से 125 मेगावाट बिजली दिसंबर में खर्च हो रही थी।
-200 मेगावाट बिजली फरवरी की शुरुआत में खप रही थी।
-216 मेगावाट बिजली इसी महीने गर्मी बढ़ने पर 15 फरवरी को खर्च की गई। मार्च में भी यही स्थिति बनी रही।
-340 मेगावाट बिजली की खपत मंगलवार को रही। आने वाले समय में खपत और बढ़ने की संभावना है।
फॉल्ट से बिजली मिलना मुश्किल
बिजली की स्थिति पिछले कुछ दिन से काफी खराब हुई है। आए दिन फॉल्ट के चलते दिक्कते आती है। समाधान की ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है।
-संदीप कुमार, मोहल्ला रेती
भीषण गर्मी में बिजली कटौती से लोग बेहाल हैं। दो दिन बाद राशन वितरण भी शुरू हो रहा है। ऐसे में ई-मशीन चार्जिंग को लेकर समस्या होती है।
-जागेश्वर उर्फ जग्गू मिश्रा, कुर्रियाकलां
उपकेंद्र पर ट्रांसफाॅर्मर कम क्षमता के रखे हैं। इसके चलते मशीनें हर दस मिनट में बंद होने से बिजली आपूर्ति बाधित होती है। भीषण गर्मी में पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही।
-रईस मियां, कांट
शासन से बिजली आपूर्ति के लिए रोस्टर तय किया गया है। उसके हिसाब से बिजली नहीं मिलने से फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। आमजन भी बिजली नहीं आने से परेशान है।
-अरबाज अली, निवासी ग्राम ऊनकलां, निगोही
गर्मी के आने के साथ ही बिजली की खपत बढ़ी है लेकिन आपूर्ति सुचारु रखने के लिए पहले से तैयारी की गई थी। फॉल्ट आने पर तत्काल सुधार कराया जा रहा है। अगर किसी उपभोक्ता को दिक्कत है तो हेल्पलाइन नंबर 1912 या कंट्रोल रूम के नंबर 9935790578 पर संपर्क कर सकता है।
-मोहित श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता, विद्युत पारेषण केंद्र

शाहजहांपुर में उपकेंद्र पर काम करते कर्मचारी। फाइल फोटो- फोटो : 1

शाहजहांपुर में उपकेंद्र पर काम करते कर्मचारी। फाइल फोटो- फोटो : 1

शाहजहांपुर में उपकेंद्र पर काम करते कर्मचारी। फाइल फोटो- फोटो : 1