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Shahjahanpur News: एआई के दौर में सोशल मीडिया पर फोटो डालने में बरतें सावधानी
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महिला थाना में अमर उजाला की ओर से आयोजित दोस्त पुलिस कार्यक्रम में मौजूद छात्राएं व उपनिरीक्षक
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शाहजहांपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के दोस्त पुलिस कार्यक्रम के तहत बुधवार को आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज की छात्राओं ने महिला थाने का भ्रमण किया। छात्राओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली देखी। पुलिस ने एआई के दौर में सोशल मीडिया पर फोटो डालने से परहेज करने पर जोर दिया। पुलिस के मुताबिक, अराजकतत्व इसका दुरुपयोग भी कर सकते हैं। इस दौरान करीब 17 छात्राएं मौजूद रहीं।
पूर्वाह्न 11 बजे शिक्षिका दीपशिखा त्रिपाठी और सौम्या सिंह के साथ महिला थाने पहुंचीं छात्राओं को एसआई दीपा तोमर ने हेल्पडेस्क दिखाई। बताया कि यहां पर पीड़ित महिलाओं से प्रार्थनापत्र लिए जाते हैं। फिर उपनिरीक्षक दोनों पक्षों को बुलाकर समझौते का प्रयास करते हैं। उनके बीच सहमति नहीं बनने पर मुकदमा दर्ज करते हैं। छात्राओं को रिपोर्ट दर्ज कराने का तरीका भी बताया गया। इस बीच मालखाना और हवालात भी छात्राओं ने देखा।
अंत में थाने के मिशन शक्ति केंद्र पर एसआई दीपा तोमर ने छात्राओं को बताया कि राह चलते कोई टिप्पणी या छेड़खानी करे तो चुप रहने के बजाय उसका विरोध करें। पुलिस पीड़िता की पहचान उजागर नहीं करती है। शिकायत आने पर पुलिस आरोपी को चेतावनी देती है। फिर तीन बार फीडबैक लेती है।
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आरोपी के नहीं मानने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाती है। एसआई सुषमा ने बताया कि कोई दिक्कत आने पर छिपाएं नहीं, बल्कि अपनी शिक्षिका और परिवार को जरूर बताएं। हेड कांस्टेबल निशा सिंह ने बताया कि महिलाएं थाने नहीं आ सकती हैं तो हेल्पलाइन नंबर 1090 और 181 पर भी कॉल कर अपनी बात बता सकती हैं। पुलिस तुरंत मदद करेगी। बताया कि पुलिस भी समाज का अंग है। इससे डरे नहीं, बल्कि दोस्त समझकर अपनी बात को साझा करें।
पूर्वाह्न 11 बजे शिक्षिका दीपशिखा त्रिपाठी और सौम्या सिंह के साथ महिला थाने पहुंचीं छात्राओं को एसआई दीपा तोमर ने हेल्पडेस्क दिखाई। बताया कि यहां पर पीड़ित महिलाओं से प्रार्थनापत्र लिए जाते हैं। फिर उपनिरीक्षक दोनों पक्षों को बुलाकर समझौते का प्रयास करते हैं। उनके बीच सहमति नहीं बनने पर मुकदमा दर्ज करते हैं। छात्राओं को रिपोर्ट दर्ज कराने का तरीका भी बताया गया। इस बीच मालखाना और हवालात भी छात्राओं ने देखा।
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अंत में थाने के मिशन शक्ति केंद्र पर एसआई दीपा तोमर ने छात्राओं को बताया कि राह चलते कोई टिप्पणी या छेड़खानी करे तो चुप रहने के बजाय उसका विरोध करें। पुलिस पीड़िता की पहचान उजागर नहीं करती है। शिकायत आने पर पुलिस आरोपी को चेतावनी देती है। फिर तीन बार फीडबैक लेती है।
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