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गंगा में उफान: शाहजहांपुर के 20 गांवों में बाढ़ का खतरा, जलालाबाद-शमसाबाद हाईवे डूबा, फसलें जलमग्न
Wed, 05 Aug 2026 08:15 AM IST
Mukesh Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
Published by: Mukesh Kumar
Updated Wed, 05 Aug 2026 08:15 AM IST
सार
शाहजहांपुर जिले में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से 20 गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। मिर्जापुर क्षेत्र में मंगलवार को जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे पांच किलोमीटर तक जलमग्न हो गया। इलाके में सैकड़ों बीघा फसलें भी डूब गई हैं।
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जलालाबाद-शमसाबाद हाईवे पर बाढ़ का पानी
- फोटो : संवाद
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विस्तार
शाहजहांपुर जिले में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से मिर्जापुर क्षेत्र में बाढ़ ने दस्तक दे दी है। नरौरा बैराज से दो दिन में तीन लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी गंगा में छोड़ने के कारण मंगलवार को जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे का पांच किमी हिस्सा पूरी तरह डूब गया। हाईवे पर चौरा से नगला बसोला गांव तक डेढ़ फुट पानी भरने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। पानी के तेज बहाव के बीच कांवड़ियों और आम लोगों को आवागमन करना पड़ रहा है।
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एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने कहा कि गंगा के तटवर्ती बीस गांवों के पास पानी पहुंचने से लोगों में दहशत का माहौल है। पहाड़ों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक हो रही बारिश और पश्चिमी यूपी के बांधों-बैराजों से अतिरिक्त पानी छोड़ने के कारण इन गांवों के आसपास के खेतों में फसलों समेत डूब गई हैं।
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गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब
सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार गंगा खतरे के निशान से 22 सेमी नीचे 143.43 मीटरगेज पर बह रही है, लेकिन बीते 24 घंटे में जलस्तर में सात सेमी वृद्धि दर्ज की गई है। इसी हाईवे से कांवड़िये गंगाजल लेने ढाई घाट जाते हैं। बाढ़ के खतरे से सचेत करने के लिए कोई चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाया गया है।
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इन गांवों के खेतों में पानी भरा
मस्जिदनगला, इस्लामनगर, आजाद नगर, कटेला नगला, बांसखेड़ा के अलावा फर्रुखाबाद जिले की सीमा में आने वाले कमथरी, चितार, पैलानी दक्षिण गांवों के खेतों में पानी भर गया है। गन्ना, धान, बाजरा की फसलें डूब गई हैं।
डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गंगा का जलस्तर थोड़ा घटा है। बाढ़ से बचाव की तैयारी पूरी कर ली गई है। आबादी क्षेत्र में अब तक पानी नहीं आया है। एहतियात बरतते हुए दो नावें लगा दी गईं हैं।
मस्जिदनगला, इस्लामनगर, आजाद नगर, कटेला नगला, बांसखेड़ा के अलावा फर्रुखाबाद जिले की सीमा में आने वाले कमथरी, चितार, पैलानी दक्षिण गांवों के खेतों में पानी भर गया है। गन्ना, धान, बाजरा की फसलें डूब गई हैं।
डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गंगा का जलस्तर थोड़ा घटा है। बाढ़ से बचाव की तैयारी पूरी कर ली गई है। आबादी क्षेत्र में अब तक पानी नहीं आया है। एहतियात बरतते हुए दो नावें लगा दी गईं हैं।