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Shahjahanpur News: 138 गांवों में मलेरिया से बचाव के लिए तीन हजार किलो पाउडर का होगा छिड़काव
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शाहजहांपुर। मलेरिया से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। जिले के 138 गांवों काे संवेदनशील मानते हुए चयनित किया गया है। यहां तीन हजार किलो पाउडर कॉरपोरेशन से भेजा गया है। 15 मई से चयनित गांवों में छिड़काव को शुरू कराया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में जनवरी से अब तक मलेरिया के 14 केस सामने आए हैं। आने वाले दिनों में मलेरिया के प्रकोप से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। विभाग ने गत वर्षों में सबसे ज्यादा प्रभावित रहे 138 गांवों को संवेदनशील मानते हुए चयन किया है। इन गांवों के घरों में दवा के छिड़काव के लिए अल्फा-साइपरमेथ्रिन पाउडर की खेप विभाग के पास पहुंच गई है। काॅरपोरेशन से तीन हजार किलो पाउडर भेजा गया है।
इस पाउडर का घोल बनाकर छिड़काव का कार्य 15 मई से शुरू किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने छह टीमों को बनाया है। प्रत्येक टीम में छह सदस्यों को शामिल किया। एक टीम में शामिल पंप संचालक को एक दिन में 80 घर कवर करने का लक्ष्य दिया गया है।
जिला मलेरिया अधिकारी राजीव मौर्या ने बताया कि टीम में शामिल कर्मियों का प्रशिक्षण पूर्व में कराया गया था। काम की जिलास्तर से निगरानी भी की जाएगी। जिन गांवों में पिछले वर्षों में अधिक केस निकले थे, उन्हीं गांवों को फोकस करते हुए सूचीबद्ध किया है।
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मलेरिया से बचाव के लिए ये बरतें सावधानी
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि घर के आसपास या छत पर टूटे बर्तन, कूलर, टायर में पानी जमा नहीं होने दें। इसी पानी में मादा मच्छर अंडे देती है। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। शाम और रात के समय बाहर निकलते समय पूरी बाजू के कपड़े, लंबी पैंट और मोजे पहनें, ताकि मच्छरों से त्वचा सुरक्षित रहे। मच्छर भगाने वाली क्वाइल, स्प्रे या क्रीम का उपयोग करें। खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगवाएं। जमा पानी में मिट्टी का तेल, डीजल या जला हुआ मोबिल ऑयल डाल दें।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में जनवरी से अब तक मलेरिया के 14 केस सामने आए हैं। आने वाले दिनों में मलेरिया के प्रकोप से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। विभाग ने गत वर्षों में सबसे ज्यादा प्रभावित रहे 138 गांवों को संवेदनशील मानते हुए चयन किया है। इन गांवों के घरों में दवा के छिड़काव के लिए अल्फा-साइपरमेथ्रिन पाउडर की खेप विभाग के पास पहुंच गई है। काॅरपोरेशन से तीन हजार किलो पाउडर भेजा गया है।
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इस पाउडर का घोल बनाकर छिड़काव का कार्य 15 मई से शुरू किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने छह टीमों को बनाया है। प्रत्येक टीम में छह सदस्यों को शामिल किया। एक टीम में शामिल पंप संचालक को एक दिन में 80 घर कवर करने का लक्ष्य दिया गया है।
जिला मलेरिया अधिकारी राजीव मौर्या ने बताया कि टीम में शामिल कर्मियों का प्रशिक्षण पूर्व में कराया गया था। काम की जिलास्तर से निगरानी भी की जाएगी। जिन गांवों में पिछले वर्षों में अधिक केस निकले थे, उन्हीं गांवों को फोकस करते हुए सूचीबद्ध किया है।
मलेरिया से बचाव के लिए ये बरतें सावधानी
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि घर के आसपास या छत पर टूटे बर्तन, कूलर, टायर में पानी जमा नहीं होने दें। इसी पानी में मादा मच्छर अंडे देती है। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। शाम और रात के समय बाहर निकलते समय पूरी बाजू के कपड़े, लंबी पैंट और मोजे पहनें, ताकि मच्छरों से त्वचा सुरक्षित रहे। मच्छर भगाने वाली क्वाइल, स्प्रे या क्रीम का उपयोग करें। खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगवाएं। जमा पानी में मिट्टी का तेल, डीजल या जला हुआ मोबिल ऑयल डाल दें।