Budget 2026: शाहजहांपुर के लघु उद्योगों को मिलेगी रफ्तार, महिला सशक्तीकरण की राह होगी प्रशस्त
केंद्रीय बजट से शाहजहांपुर जिले में लघु और मध्यम उद्योगों को रफ्तार मिलने की उम्मीद जगी है। जिले में दो सौ करोड़ के निवेश वाले करीब छह इकाइयां स्थापित हैं। इसी तरह मध्यम उद्योग में लगभग 25 और एमएसएमई में 35 हजार उद्योग पंजीकृत हैं।
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केंद्र सरकार के आम बजट से भले ही अन्य क्षेत्र में कोई प्रमुख घोषणा नहीं की गई, लेकिन लघु उद्योगों, महिलाओं व खिलाड़ियों पर सरकार ने मेहरबानी दिखाई है। सरकार ने अपने खजाने का मुंह खोलते हुए महिला सशक्तीकरण की राह को प्रशस्त करने के उद्देश्य से प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल खोलने की घोषणा की है। एमएसएमई में दस हजार करोड़ के फंड से लघु उद्योगों को गति मिलेगी। स्पोर्ट्स सेक्टर को बजट देकर खिलाड़ियों को तैयार करने की घोषणा से काफी खुशी है।
शाहजहांपुर में रविवार को अवकाश का दिन होने पर अधिकतर लोगों ने घरों में टीवी और मोबाइल पर संसद में पेश किए जा रहे बजट को देखा। जिले में दो सौ करोड़ के निवेश वाले करीब छह इकाइयां स्थापित हैं। इसी तरह मध्यम उद्योग में लगभग 25 और एमएसएमई में 35 हजार उद्योग पंजीकृत हैं। सरकार की योजनाओं के जरिये जो लोग एमएसएमई में इकाइयां स्थापित करना चाहते हैं, लेकिन पूंजी समेत कई तरह की अड़चन आने से दिक्कत आती है।
चैंपियन एमएसएमई के जरिए उद्योगों को मिलेगी रफ्तार
आम बजट में वित्त मंत्री ने दस हजार करोड़ का एमएसएमई ग्रोथ फंड आवंटित किया है। चैंपियन एमएसएमई के जरिये उद्यमियों को रोजगार से जोड़ा जाएगा। इसके जरिये लघु उद्योग को गति मिलने के साथ ही रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। आईआईए के मंडलीय चेयरमैन गुरजीत सिंह मोंगा ने बताया कि कुछ कस्टम्स सुधार, प्रक्रियागत सरलीकरण, और विनिर्माण को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहन देने वाली योजनाएं बजट में शामिल हुई हैं, यह उद्योग की लागत दक्षता और तकनीकी उन्नयन की दिशा में अवसर पैदा कर सकती हैं। लघु उद्योग को फंड देने से भी राहत मिलेगी।
इसी तरह महिलाओं पर भी सरकार ने मेहरबानी दिखाई है। ग्रामीण महिलाओं के उत्थान के लिए शी मार्ट्स खोलने के प्रावधान का आम बजट में एलान किया गया है। इसके जरिये ग्रामीण महिलाएं अपनी आजीविका का साधन गांव स्तर पर शुरू कर सकेंगी। ग्रामीण स्तर पर तैनात उत्पादों को महिलाएं आसानी से शी मार्ट्स में बेच सकेंगी। इससे उन्हें रोजगार मिलने के साथ ही सशक्त होने की राह खुलेंगी। जिले की हजारों महिलाओं को इससे लाभ मिलेगा।
खिलाड़ियों के लिए खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र, तैयार किए जाएंगे बेहतर खिलाड़ी
जिले में खेल की स्थिति को बेहतर की जाएगी। सरकार ने संज्ञान लेते हुए स्पोर्ट्स सेक्टर में बजट का ध्यान रखा है। इसके तहत खेलो इंडिया मिशन को मजबूत करते हुए प्रशिक्षण सेंटर खोले जाएंगे जहां पर खेल प्रतिभाओं को निखारा जाएगा।
शहर में हथौड़ा स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम का लंबे समय से निर्माण चल रहा है। ऐसे में खेल गतिविधियां सुदामा प्रसाद विद्यास्थली में होती हैं। नगर से काफी दूर स्टेडियम होने के चलते अधिकतर खेल प्रतिभाएं दम तोड़ देती हैं। शहर के अंदर कोई खेल का मैदान या सेंटर नहीं है, जहां पर विभिन्न खेलों में खिलाड़ी निपुण हो सकें।
खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए आम बजट में प्रशिक्षण सेंटर खोलने की बात कही गई है। जहां पर कोच व अन्य स्टाफ को रखा जाएगा। इससे विभिन्न खेलों के खिलाड़ी को प्रशिक्षित किया जाएगा। सेंटर खुलने से खिलाड़ियों को लाभ होगा, साथ ही उन्हें अभ्यास करने का मौका मिलने के साथ ही मंच भी मिलेगा।
