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Shamli News: मसाले, मेवाओं की महंगाई से बिगड़ा बजट
Sat, 11 Jul 2026 01:06 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 11 Jul 2026 01:06 AM IST
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शामली। मसालों, खाद्य तेल और मेवों की बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। महंगाई के चलते अब लोग महीनेभर का सामान एक साथ खरीदने के बजाय जरूरत के अनुसार ही खरीदारी कर रहे हैं। किराना व्यापारियों का कहना है कि परिवहन लागत, थोक बाजार में तेजी और सीमित आपूर्ति के कारण अधिकांश खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़े हैं।
किराना व्यापारी अंकित व सुरेंद्र ने बताया कि मसाले, रिफाइंड और मेवों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे बिक्री पर भी असर पड़ा है। ग्राहक पहले की तुलना में कम मात्रा में सामान खरीद रहे हैं। गृहिणी पूनम ने बताया कि पहले महीनेभर का राशन एक साथ खरीद लेते थे, लेकिन अब बजट के कारण जरूरत के हिसाब से ही सामान लेना पड़ता है।
संगीता का कहना है कि खाद्य पदार्थों की महंगाई ने परिवार का मासिक बजट पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। अब कई बार महंगे मेवे और कुछ मसाले खरीदने से भी परहेज करना पड़ता है।
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रेखा ने बताया कि पहले त्योहारों या विशेष अवसरों के लिए आसानी से मेवे खरीद लेते थे, लेकिन अब उनकी कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि केवल जरूरी सामान ही लिया जा रहा है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई से घर चलाना कठिन होता जा रहा है।
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किराना व्यापारी अंकित व सुरेंद्र ने बताया कि मसाले, रिफाइंड और मेवों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे बिक्री पर भी असर पड़ा है। ग्राहक पहले की तुलना में कम मात्रा में सामान खरीद रहे हैं। गृहिणी पूनम ने बताया कि पहले महीनेभर का राशन एक साथ खरीद लेते थे, लेकिन अब बजट के कारण जरूरत के हिसाब से ही सामान लेना पड़ता है।
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संगीता का कहना है कि खाद्य पदार्थों की महंगाई ने परिवार का मासिक बजट पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। अब कई बार महंगे मेवे और कुछ मसाले खरीदने से भी परहेज करना पड़ता है।
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रेखा ने बताया कि पहले त्योहारों या विशेष अवसरों के लिए आसानी से मेवे खरीद लेते थे, लेकिन अब उनकी कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि केवल जरूरी सामान ही लिया जा रहा है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई से घर चलाना कठिन होता जा रहा है।