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Shamli News: पैन-आधार कार्ड से फर्जी फर्म बनाकर किया करोड़ों का खेल
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Mon, 30 Mar 2026 12:47 AM IST
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शामली। जिले में पैन और आधार कार्ड के आधार पर बीए के छात्र, कार चालक, प्रॉपर्टी डीलर समेत कई लोगों के नाम पर फर्जी फर्म रजिस्टर कर करोड़ों रुपये का लेनदेन किया गया। पीड़ितों को इस फर्जीवाड़े की जानकारी तब हुई, जब आयकर विभाग की ओर से उन्हें नोटिस भेजकर लेनदेन का ब्योरा मांगा गया। पीड़ितों ने इन फर्जी कंपनियों से अपना कोई सरोकार नहीं बताते हुए पुलिस की शरण ली है। मार्च माह में इस तरह के 12 मामले पुलिस अधीक्षक तक पहुंचे हैं। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर क्राइम ब्रांच और पुलिस टीम जांच में जुटी है। एसपी ने जल्द ही गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है। संवाद
केस-1
शहर के मोहल्ला पंसारियान निवासी बीए के छात्र अनुज सैनी को 23 मार्च को आयकर विभाग से पांच नोटिस मिले। इनमें उसके पैन कार्ड पर वर्ष 2017, 2020, 2021, 2024 और 2025 में पांच करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन का ब्योरा मांगा गया। जांच में सामने आया कि उसके नाम पर फर्जी फर्म बनाकर यह लेनदेन किया गया, जबकि उसे इस संबंध में कोई जानकारी तक नहीं है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है।
केस-2
कैराना के कांधला रोड निवासी कार चालक जिशान को 1 मार्च को नोटिस मिला, जिसमें सोना कम नाम की फर्म से एक करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन का विवरण मांगा गया। जिशान का कहना है कि उसने कभी कोई फर्म रजिस्टर नहीं कराई।
केस-3
वीवी पीजी रोड निवासी प्रॉपर्टी डीलर शहजाद को आयकर विभाग से नोटिस मिला, जिसमें नितिन के नाम से बनाई गई फर्म के जरिए 2021 से 2025 तक करोड़ों का लेनदेन दिखाया गया। शहजाद ने बताया कि उसने कोई फर्म रजिस्टर नहीं कराई।
दिल्ली का गिरोह कर रहा संचालन
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार प्रारंभिक जांच में दिल्ली के सरोजनी नगर और नरेला क्षेत्र से जुड़े गिरोह की भूमिका सामने आई है। गिरोह संगठित तरीके से पैन कार्ड का दुरुपयोग कर फर्जी फर्म बनाकर लेनदेन कर आयकर की चोरी कर रहा है।
कई राज्यों में फैला नेटवर्क
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह ने हरियाणा (करनाल, रोहतक, सोनीपत), पंजाब (जालंधर), उत्तराखंड (देहरादून) और बिहार (पटना) तक लेनदेन दिखाया है। कन्फेक्शनरी, फल और अन्य कारोबार के नाम पर बिलिंग की गई है।
ऐसे करते हैं फर्जीवाड़ा
एसपी ने बताया कि जांच में सामने आया कि गिरोह पहले लोगों के पैन और आधार कार्ड की जानकारी हासिल करता है, जो अक्सर नौकरी, लोन या अन्य बहानों से ली जाती है। इसके बाद उनके नाम पर फर्जी फर्म रजिस्टर कर बैंक खाते खुलवाए जाते हैं और उन्हीं खातों के जरिए करोड़ों का लेनदेन किया जाता है। इसमें टैक्स चोरी, फर्जी जीएसटी बिलिंग और काले धन को सफेद करने जैसे अपराध शामिल होते हैं।
निर्दोष लोग फंस रहे जाल में
जब आयकर या जीएसटी विभाग जांच करता है तो असली पैन धारक के नाम पर करोड़ों का लेनदेन सामने आता है। इससे उन्हें नोटिस और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ता है, जबकि उन्हें इस फर्जीवाड़े की जानकारी तक नहीं होती।
ऐसे करें बचाव
पैन और आधार की जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें
बिना पढ़े किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर न करें
समय-समय पर अपने आयकर रिटर्न और लेनदेन की जांच करें
किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत शिकायत करें
विशेषज्ञों का कहना है कि सतर्कता और जागरूकता से ही इस तरह के संगठित फर्जीवाड़े से बचा जा सकता है।
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केस-1
शहर के मोहल्ला पंसारियान निवासी बीए के छात्र अनुज सैनी को 23 मार्च को आयकर विभाग से पांच नोटिस मिले। इनमें उसके पैन कार्ड पर वर्ष 2017, 2020, 2021, 2024 और 2025 में पांच करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन का ब्योरा मांगा गया। जांच में सामने आया कि उसके नाम पर फर्जी फर्म बनाकर यह लेनदेन किया गया, जबकि उसे इस संबंध में कोई जानकारी तक नहीं है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है।
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केस-2
कैराना के कांधला रोड निवासी कार चालक जिशान को 1 मार्च को नोटिस मिला, जिसमें सोना कम नाम की फर्म से एक करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन का विवरण मांगा गया। जिशान का कहना है कि उसने कभी कोई फर्म रजिस्टर नहीं कराई।
केस-3
वीवी पीजी रोड निवासी प्रॉपर्टी डीलर शहजाद को आयकर विभाग से नोटिस मिला, जिसमें नितिन के नाम से बनाई गई फर्म के जरिए 2021 से 2025 तक करोड़ों का लेनदेन दिखाया गया। शहजाद ने बताया कि उसने कोई फर्म रजिस्टर नहीं कराई।
दिल्ली का गिरोह कर रहा संचालन
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार प्रारंभिक जांच में दिल्ली के सरोजनी नगर और नरेला क्षेत्र से जुड़े गिरोह की भूमिका सामने आई है। गिरोह संगठित तरीके से पैन कार्ड का दुरुपयोग कर फर्जी फर्म बनाकर लेनदेन कर आयकर की चोरी कर रहा है।
कई राज्यों में फैला नेटवर्क
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह ने हरियाणा (करनाल, रोहतक, सोनीपत), पंजाब (जालंधर), उत्तराखंड (देहरादून) और बिहार (पटना) तक लेनदेन दिखाया है। कन्फेक्शनरी, फल और अन्य कारोबार के नाम पर बिलिंग की गई है।
ऐसे करते हैं फर्जीवाड़ा
एसपी ने बताया कि जांच में सामने आया कि गिरोह पहले लोगों के पैन और आधार कार्ड की जानकारी हासिल करता है, जो अक्सर नौकरी, लोन या अन्य बहानों से ली जाती है। इसके बाद उनके नाम पर फर्जी फर्म रजिस्टर कर बैंक खाते खुलवाए जाते हैं और उन्हीं खातों के जरिए करोड़ों का लेनदेन किया जाता है। इसमें टैक्स चोरी, फर्जी जीएसटी बिलिंग और काले धन को सफेद करने जैसे अपराध शामिल होते हैं।
निर्दोष लोग फंस रहे जाल में
जब आयकर या जीएसटी विभाग जांच करता है तो असली पैन धारक के नाम पर करोड़ों का लेनदेन सामने आता है। इससे उन्हें नोटिस और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ता है, जबकि उन्हें इस फर्जीवाड़े की जानकारी तक नहीं होती।
ऐसे करें बचाव
पैन और आधार की जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें
बिना पढ़े किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर न करें
समय-समय पर अपने आयकर रिटर्न और लेनदेन की जांच करें
किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत शिकायत करें
विशेषज्ञों का कहना है कि सतर्कता और जागरूकता से ही इस तरह के संगठित फर्जीवाड़े से बचा जा सकता है।