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Shamli News: प्रधान पद के संभावित प्रत्याशियों से लेकर हिस्ट्रीशीटरों तक को जान का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Mon, 02 Mar 2026 12:22 AM IST
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शामली। जिले में प्रधान पद के संभावित प्रत्याशियों से लेकर हिस्ट्रीशीटरों और गैंगस्टर तक जान का खतरा बताकर पुलिस से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार हर माह औसतन 21 लोग पुलिस अधीक्षक कार्यालय में गनर उपलब्ध कराने के लिए आवेदन कर रहे हैं। जांच में सामने आया है कि अधिकांश मामलों में सुरक्षा की मांग स्टेट्स सिंबल के तौर पर की जा रही है।
मामलों की बानगी
केस-1
खेड़ी गांव निवासी मोनू (जो प्रधान पद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं) ने पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर आशंका जताई कि चुनाव लड़ने के कारण उनकी जान को खतरा हो सकता है। विपक्षी उनसे रंजिश रखते हैं। उन्होंने शीघ्र गनर उपलब्ध कराने की मांग की।
केस-2
23 जनवरी 2025 को पुलिस ने इनामी बदमाश मुस्तफा को मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके बाद शामली के एक गैंगस्टर व हिस्ट्रीशीटर शाकिब ने 21 फरवरी को पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर सुरक्षा की गुहार लगाई। उसने आशंका जताई कि मुस्तफा गिरोह के सदस्य उसकी हत्या कर सकते हैं।
केस-3:
कैराना क्षेत्र के एक गैंगस्टर ने भी पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। उसका कहना है कि वर्ष 2021 में उसके भाई की हत्या कर दी गई थी और वह मामले की पैरवी कर रहा है। इस कारण उसे जान से मारने की धमकी मिल रही है।
जांच रिपोर्ट के बाद ही कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जान-माल की सुरक्षा के मद्देनजर गनर उपलब्ध कराने से पहले एलआईयू व अन्य एजेंसियों से जांच कराई जाती है। यह देखा जाता है कि आवेदक को वास्तविक खतरा है या नहीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाती है।
चार माह में 84 लोगों ने मांगी सुरक्षा
पुलिस आंकड़ों के अनुसार पिछले चार माह में 84 लोगों ने सुरक्षा की मांग की है। इनमें 12 हिस्ट्रीशीटर व मुकदमों की पैरवी करने वाले लोग शामिल हैं, जबकि शेष ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य या अन्य पदों के संभावित दावेदार हैं। अधिकांश मामलों में जांच के दौरान यह सामने आया है कि सुरक्षा की मांग रुतबा कायम करने के उद्देश्य से की गई।
हर गांव में जम रहीं चुनावी चौपाल
ग्राम पंचायत चुनाव को लेकर अब जिले के विभिन्न गांवों में चुनावी चौपाल जम रही है। लगातार जहां प्रधान से लेकर जिला पंचायत सदस्य और अध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों की संख्या बढ़ रही है। वहीं, अभी से रंजिश के चलते चुनाव प्रभावित कराने का आरोप लगा लोग पुलिस से लेकर प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं।
कुछ लोग स्टेटस सिंबल के लिए सुरक्षा मांग रहे हैं, जबकि कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग भी इसमें शामिल हैं। जांच के बाद ही सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है। आमजन से अपील की गई है कि बिना ठोस कारण के सुरक्षा की मांग न करें।
एनपी सिंह, एसपी शामली
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मामलों की बानगी
केस-1
खेड़ी गांव निवासी मोनू (जो प्रधान पद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं) ने पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर आशंका जताई कि चुनाव लड़ने के कारण उनकी जान को खतरा हो सकता है। विपक्षी उनसे रंजिश रखते हैं। उन्होंने शीघ्र गनर उपलब्ध कराने की मांग की।
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केस-2
23 जनवरी 2025 को पुलिस ने इनामी बदमाश मुस्तफा को मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके बाद शामली के एक गैंगस्टर व हिस्ट्रीशीटर शाकिब ने 21 फरवरी को पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर सुरक्षा की गुहार लगाई। उसने आशंका जताई कि मुस्तफा गिरोह के सदस्य उसकी हत्या कर सकते हैं।
केस-3:
कैराना क्षेत्र के एक गैंगस्टर ने भी पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। उसका कहना है कि वर्ष 2021 में उसके भाई की हत्या कर दी गई थी और वह मामले की पैरवी कर रहा है। इस कारण उसे जान से मारने की धमकी मिल रही है।
जांच रिपोर्ट के बाद ही कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जान-माल की सुरक्षा के मद्देनजर गनर उपलब्ध कराने से पहले एलआईयू व अन्य एजेंसियों से जांच कराई जाती है। यह देखा जाता है कि आवेदक को वास्तविक खतरा है या नहीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाती है।
चार माह में 84 लोगों ने मांगी सुरक्षा
पुलिस आंकड़ों के अनुसार पिछले चार माह में 84 लोगों ने सुरक्षा की मांग की है। इनमें 12 हिस्ट्रीशीटर व मुकदमों की पैरवी करने वाले लोग शामिल हैं, जबकि शेष ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य या अन्य पदों के संभावित दावेदार हैं। अधिकांश मामलों में जांच के दौरान यह सामने आया है कि सुरक्षा की मांग रुतबा कायम करने के उद्देश्य से की गई।
हर गांव में जम रहीं चुनावी चौपाल
ग्राम पंचायत चुनाव को लेकर अब जिले के विभिन्न गांवों में चुनावी चौपाल जम रही है। लगातार जहां प्रधान से लेकर जिला पंचायत सदस्य और अध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों की संख्या बढ़ रही है। वहीं, अभी से रंजिश के चलते चुनाव प्रभावित कराने का आरोप लगा लोग पुलिस से लेकर प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं।
कुछ लोग स्टेटस सिंबल के लिए सुरक्षा मांग रहे हैं, जबकि कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग भी इसमें शामिल हैं। जांच के बाद ही सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है। आमजन से अपील की गई है कि बिना ठोस कारण के सुरक्षा की मांग न करें।
एनपी सिंह, एसपी शामली
