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Shamli News: ऑर्बिटल रेल रिंग कॉरिडोर में मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन शामिल
Sun, 12 Jul 2026 01:19 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 12 Jul 2026 01:19 AM IST
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शामली। दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र 2041 के मास्टर प्लान में ऑर्बिटल रेल रिंग कॉरिडोर में मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन परियोजना को भी शामिल किया गया है। मास्टर प्लान अस्तित्व में आने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली- मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ और हरियाणा के पानीपत- करनाल, समेत एनसीआर के दस जिलों को बेहतर रेल सफर आसान होगा। औद्योगिक विकास को पंख लगेंगे।
बढ़ती आबादी और विकास को देखते हुए मास्टर प्लान 2041 के तहत कई बड़े प्रोजेक्ट तैयार किए जा रहे हैं। इसका मकसद लोगों को बेहतर आवास, रोजगार और आसान परिवहन सुविधा देना है। योजना का सबसे बड़ा लक्ष्य दिल्ली में ट्रैफिक का दबाव कम करना है। इसके लिए एनसीआर के शहरों को आपस में बेहतर तरीके से जोड़ा जाएगा, ताकि लोगों को हर काम के लिए दिल्ली नहीं आना पड़े और सफर भी पहले से काफी आसान हो जाए। दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रेलवे का कायाकल्प करने के लिए रेलवे की कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं चल रही हैं। इनमें मुख्य रूप से तीन ऑर्बिटल रेल रिंग कॉरिडोर और चार हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर शामिल हैं, जो दिल्ली को उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के 25 से अधिक शहरों से जोड़ेंगे। संवाद
ये हैं प्रस्तावित तीन नए रेल कॉरिडोर
पहला रेल कॉरिडोर गाजियाबाद और बागपत को हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और सोनीपत से जोड़ेगा। इस रूट पर बड़ी आबादी रहती है, इसलिए लाखों यात्रियों को इसका फायदा मिलेगा। वहीं दूसरा रेल कॉरिडोर मेरठ, बुलंदशहर, शामली और खुर्जा जैसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शहरों को हरियाणा के पानीपत, रोहतक, झज्जर और रेवाड़ी से जोड़ेगा। इससे राज्यों के बीच सफर पहले से तेज और आसान हो जाएगा। तीसरा रेल कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के मथुरा, अलीगढ़, डिबाई और मुजफ्फरनगर को हरियाणा के जींद, भिवानी और नारनौल आदि को जोड़ेगा। इन नई रेल लाइन से तीन राज्यों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी बनेगी। इससे यात्रियों के साथ व्यापारियों और उद्योगों को भी फायदा मिलेगा। माल ढुलाई आसान होगी और कई क्षेत्रों में आर्थिक विकास को नई गति मिल सकती है।
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दिल्ली मंडल के रेलवे प्रबंधक पुष्पेश आर त्रिपाठी का कहना है कि मेरठ- पानीपत नई रेलवे लाइन दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ऑर्बिटल रेल रिंग कॉरिडोर का महत्वपूर्ण परियोजना का हिस्सा है। ऑर्बिटल रेल रिंग कॉरिडोर अस्तित्व में आने पर उत्तराखंड और हरियाणा और पंजाब को जोड़ने वाला टपरी रेलवे बाईपास विकसित होगा।
साइमा के चेयरमैन एवं लघु उद्योग भारती के मंडल अध्यक्ष अंकित गोयल का कहना कि कैथल- करनाल शामली मेरठ नई रेलवे लाइन के सर्वे रिपोर्ट में कंडेला औद्योगिक क्षेत्र से नई रेलवे लाइन प्रस्तावित की गई थी। एनसीआर में ऑर्बिटल रेल रिंग कॉरिडोर लागू होने से औद्योगिक विकास कॉरिडोर को बढ़ावा मिलेगा।
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बढ़ती आबादी और विकास को देखते हुए मास्टर प्लान 2041 के तहत कई बड़े प्रोजेक्ट तैयार किए जा रहे हैं। इसका मकसद लोगों को बेहतर आवास, रोजगार और आसान परिवहन सुविधा देना है। योजना का सबसे बड़ा लक्ष्य दिल्ली में ट्रैफिक का दबाव कम करना है। इसके लिए एनसीआर के शहरों को आपस में बेहतर तरीके से जोड़ा जाएगा, ताकि लोगों को हर काम के लिए दिल्ली नहीं आना पड़े और सफर भी पहले से काफी आसान हो जाए। दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रेलवे का कायाकल्प करने के लिए रेलवे की कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं चल रही हैं। इनमें मुख्य रूप से तीन ऑर्बिटल रेल रिंग कॉरिडोर और चार हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर शामिल हैं, जो दिल्ली को उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के 25 से अधिक शहरों से जोड़ेंगे। संवाद
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ये हैं प्रस्तावित तीन नए रेल कॉरिडोर
पहला रेल कॉरिडोर गाजियाबाद और बागपत को हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और सोनीपत से जोड़ेगा। इस रूट पर बड़ी आबादी रहती है, इसलिए लाखों यात्रियों को इसका फायदा मिलेगा। वहीं दूसरा रेल कॉरिडोर मेरठ, बुलंदशहर, शामली और खुर्जा जैसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शहरों को हरियाणा के पानीपत, रोहतक, झज्जर और रेवाड़ी से जोड़ेगा। इससे राज्यों के बीच सफर पहले से तेज और आसान हो जाएगा। तीसरा रेल कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के मथुरा, अलीगढ़, डिबाई और मुजफ्फरनगर को हरियाणा के जींद, भिवानी और नारनौल आदि को जोड़ेगा। इन नई रेल लाइन से तीन राज्यों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी बनेगी। इससे यात्रियों के साथ व्यापारियों और उद्योगों को भी फायदा मिलेगा। माल ढुलाई आसान होगी और कई क्षेत्रों में आर्थिक विकास को नई गति मिल सकती है।
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दिल्ली मंडल के रेलवे प्रबंधक पुष्पेश आर त्रिपाठी का कहना है कि मेरठ- पानीपत नई रेलवे लाइन दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ऑर्बिटल रेल रिंग कॉरिडोर का महत्वपूर्ण परियोजना का हिस्सा है। ऑर्बिटल रेल रिंग कॉरिडोर अस्तित्व में आने पर उत्तराखंड और हरियाणा और पंजाब को जोड़ने वाला टपरी रेलवे बाईपास विकसित होगा।
साइमा के चेयरमैन एवं लघु उद्योग भारती के मंडल अध्यक्ष अंकित गोयल का कहना कि कैथल- करनाल शामली मेरठ नई रेलवे लाइन के सर्वे रिपोर्ट में कंडेला औद्योगिक क्षेत्र से नई रेलवे लाइन प्रस्तावित की गई थी। एनसीआर में ऑर्बिटल रेल रिंग कॉरिडोर लागू होने से औद्योगिक विकास कॉरिडोर को बढ़ावा मिलेगा।