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Shamli News: सात मिनट तक तीनों हमलावरों से उलझता रहा मोनू, दो आरोपियों की पिटाई
Sun, 02 Aug 2026 01:47 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 02 Aug 2026 01:47 AM IST
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शामली। भले ही राष्ट्रीय खिलाड़ी मोनू की कार्तिक और अन्य आरोपियों ने गोली मारकर हत्या कर दी, मगर करीब सात मिनट तक वह तीनों आरोपियों से उलझता रहा। पहली गोली अर्जुन ने चलाई मगर वह मिस हो गई। इसके बाद मोनू ने कार्तिक और सत्यम की पिटाई की। सात मिनट तक तीनों के बीच झगड़ा होता रहा। बचने के लिए मोनू खेत के अलावा पटरी और पास में ही नलकूप के पास भी भागते हुए पहुंचा मगर बाद में गिरने पर आरोपियों ने दो गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। कार्तिक पर भी कुछ चोट के निशान हैं।
15 दिन पहले हत्याकांड का प्लान आरोपियों ने कर लिया था तैयार
शामली। राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी कार्तिक की हत्या प्री प्लान के तहत की गई। 15 दिन पहले ही आरोपियों ने हत्याकांड का प्लान तैयार कर लिया था। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी कार्तिक ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि जब उसे पता लग गया था कि मोनू उसके ताऊ की पुत्री से फोन पर बातचीत करता है और उसका प्रेम प्रसंग है तो उसने 15 दिन पूर्व कार्तिक को उसकी चचेरी बहन से बात नहीं करने की बात कही थी। इस दौरान उनका झगड़ा भी हो गया था मगर कार्तिक नहीं माना। जिस पर उन्होंने 15 दिन पहले ही हत्याकांड का प्लान तैयार कर लिया था। हत्याकांड को अंजाम देने के लिए उसने अपने साथी गांव नाला निवासी अर्जुन और भारसी निवासी सत्यम को दोस्ती का हवाला देकर हत्याकांड का अंजाम देने के लिए तैयार किया। इसके बाद तीनों ने तीन तमंचे खरीदे और और शुक्रवार की सुबह चार बजे गांव नाला के आसपास बाइक पर सवार होकर पहुंच गए और मोनू के आने का इंतजार किया था।
इंस्टाग्राम पर बनी चौधरी नाम की आईडी पर युवक से बात करती थी
एसपी के मुताबिक आरोपी कार्तिक ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसकी बहन ने उसके मोबाइल फोन में ही इंस्टाग्राम पर मोनू से चैटिंग करती थी। उसकी बहन के पास कोई फोन नहीं था। करीब ढाई माह पहले ही उसे पता चला कि उसके फोन में किसी चौधरी नाम से भी इंस्टाग्राम आईडी से चैट हो रही है। उस दिन युवती आइडी को लॉग आउट करना भूल गई। कार्तिक ने जांच की तो उसे पता चला की आईडी उसकी बहन ने फर्जी चौधरी के नाम से बनाई हुई है, जिससे वह मोनू से बात करती है । उसने मोनू से बात करने को बहन को मना किया था मगर वह नहीं मान रही थी।
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एक दिन पहले भी हत्या का किया था प्रयास
पुलिस अधीक्षक ने बताया कार्तिक को जानकारी थी कि मोनू प्रतिदिन सुबह और शाम नाला गांव में स्प्रे मशीन से कीटनाशक का छिड़काव के लिए मजदूरों को लेने और छोड़ने जाता है। बृहस्पतिवार को भी आरोपी उसकी हत्या करने की फिराक में थे, लेकिन उस दिन मोनू मजदूरों को लेने नहीं पहुंचा। इसके चलते आरोपियों का पहला प्लान विफल हो गया। इसके बाद शुक्रवार सुबह दोबारा योजना बनाकर नाला गांव के जंगल में सुबह चार बजे पहुंच गए थे और मोनू की हत्या कर दी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी कार्तिक, सत्यम व अर्जुन 12वीं कर चुके हैं और फिलहाल कुछ नहीं कर रहे थे। खेती-बाड़ी में ही परिजनों का सहयोग करते थे
फोरेंसिक टीम को मौके पर पड़ा मिला खोखा
कांधला। गांव नाला के जंगल में फोरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल की और आसपास के लोगों से पूछताछ की। मौके से एक कारतूस और एक खोखा बरामद हुआ, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
ग्रामीणों ने बताया कि मोनू के शरीर के निचले हिस्से पर कपड़े खींच रखे थे। उसके पीछे हाथ बंधे थे। शरीर पर गोली के निशान के साथ ही हाथ पर किसी धारदार हथियार से हमले का भी निशान था।
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15 दिन पहले हत्याकांड का प्लान आरोपियों ने कर लिया था तैयार
शामली। राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी कार्तिक की हत्या प्री प्लान के तहत की गई। 15 दिन पहले ही आरोपियों ने हत्याकांड का प्लान तैयार कर लिया था। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी कार्तिक ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि जब उसे पता लग गया था कि मोनू उसके ताऊ की पुत्री से फोन पर बातचीत करता है और उसका प्रेम प्रसंग है तो उसने 15 दिन पूर्व कार्तिक को उसकी चचेरी बहन से बात नहीं करने की बात कही थी। इस दौरान उनका झगड़ा भी हो गया था मगर कार्तिक नहीं माना। जिस पर उन्होंने 15 दिन पहले ही हत्याकांड का प्लान तैयार कर लिया था। हत्याकांड को अंजाम देने के लिए उसने अपने साथी गांव नाला निवासी अर्जुन और भारसी निवासी सत्यम को दोस्ती का हवाला देकर हत्याकांड का अंजाम देने के लिए तैयार किया। इसके बाद तीनों ने तीन तमंचे खरीदे और और शुक्रवार की सुबह चार बजे गांव नाला के आसपास बाइक पर सवार होकर पहुंच गए और मोनू के आने का इंतजार किया था।
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इंस्टाग्राम पर बनी चौधरी नाम की आईडी पर युवक से बात करती थी
एसपी के मुताबिक आरोपी कार्तिक ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसकी बहन ने उसके मोबाइल फोन में ही इंस्टाग्राम पर मोनू से चैटिंग करती थी। उसकी बहन के पास कोई फोन नहीं था। करीब ढाई माह पहले ही उसे पता चला कि उसके फोन में किसी चौधरी नाम से भी इंस्टाग्राम आईडी से चैट हो रही है। उस दिन युवती आइडी को लॉग आउट करना भूल गई। कार्तिक ने जांच की तो उसे पता चला की आईडी उसकी बहन ने फर्जी चौधरी के नाम से बनाई हुई है, जिससे वह मोनू से बात करती है । उसने मोनू से बात करने को बहन को मना किया था मगर वह नहीं मान रही थी।
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एक दिन पहले भी हत्या का किया था प्रयास
पुलिस अधीक्षक ने बताया कार्तिक को जानकारी थी कि मोनू प्रतिदिन सुबह और शाम नाला गांव में स्प्रे मशीन से कीटनाशक का छिड़काव के लिए मजदूरों को लेने और छोड़ने जाता है। बृहस्पतिवार को भी आरोपी उसकी हत्या करने की फिराक में थे, लेकिन उस दिन मोनू मजदूरों को लेने नहीं पहुंचा। इसके चलते आरोपियों का पहला प्लान विफल हो गया। इसके बाद शुक्रवार सुबह दोबारा योजना बनाकर नाला गांव के जंगल में सुबह चार बजे पहुंच गए थे और मोनू की हत्या कर दी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी कार्तिक, सत्यम व अर्जुन 12वीं कर चुके हैं और फिलहाल कुछ नहीं कर रहे थे। खेती-बाड़ी में ही परिजनों का सहयोग करते थे
फोरेंसिक टीम को मौके पर पड़ा मिला खोखा
कांधला। गांव नाला के जंगल में फोरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल की और आसपास के लोगों से पूछताछ की। मौके से एक कारतूस और एक खोखा बरामद हुआ, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
ग्रामीणों ने बताया कि मोनू के शरीर के निचले हिस्से पर कपड़े खींच रखे थे। उसके पीछे हाथ बंधे थे। शरीर पर गोली के निशान के साथ ही हाथ पर किसी धारदार हथियार से हमले का भी निशान था।