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Shamli News: बंतीखेड़ा व करौदा हाथी में पंचायतों में आंदोलन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Mon, 02 Mar 2026 12:21 AM IST
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बाबरी क्षेत्र के गांव बनती खेड़ा में दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को लेकर पंचायत करते ग्राम
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बाबरी। दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे पर इंटरचेंज के पास बने टोल प्लाजा के नामकरण को लेकर क्षेत्र में विवाद गहरा गया है। रविवार को गांव बंतीखेड़ा और करौदा हाथी में अलग-अलग पंचायतें आयोजित कर ग्रामीणों ने अपने-अपने गांव के नाम पर टोल का नाम रखने की मांग उठाई और प्रशासन को चेतावनी दी।
रविवार को बंतीखेड़ा गांव में बख्शी की चौपाल पर पंचायत में प्रशासन को छह मार्च तक का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि तय समय सीमा में टोल बूथ पर बंतीखेड़ा का नाम अंकित नहीं किया गया तो अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। पंचायत में 15 सदस्यीय संघर्ष समिति का गठन किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि टोल बूथ जिस भूमि पर बना है वह बंतीखेड़ा की है और एनएचएआई स्तर से भी गांव के नाम का बोर्ड स्वीकृत हो चुका है। ऐसे में नाम बदलने का कोई औचित्य नहीं है। अध्यक्षता उमरदीन उर्फ उमरा ने की।
इसके अलावा पंचायत में निर्णय लिया गया कि बंतीखेड़ा की जमीन पर बने बिजलीघर पर अंकित करौदा हाथी नाम को बदलवाने के लिए प्रशासन से वार्ता की जाएगी। ग्रामीणों ने करौदा हाथी से किसी प्रकार का सामान न लेने का फैसला लेते हुए सामाजिक बहिष्कार की भी घोषणा की। पंचायत में पूर्व प्रधान लोकेंद्र वर्मा, पप्पू, गुड्डू, राहुल, पुनीत, राव इकबाल, बाबू प्रधान गुलाब, खालिद, रामपाल, राजकुमार शर्मा, अरविंद, धर्मेंद्र, अंकुर सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
उधर, करौदा हाथी गांव के शिव मंदिर में भी रविवार को पंचायत में ग्रामीणों ने टोल प्लाजा का नाम करौदा हाथी ही बनाए रखने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि टोल प्लाजा की दूरी करौदा हाथी गांव से अन्य गांवों की तुलना में सबसे कम है, इसलिए टोल का नाम इसी गांव के नाम पर होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अन्य किसी गांव के नाम से टोल प्लाजा का नाम स्वीकार्य नहीं होगा। पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि नाम बदलने की कोशिश की गई तो आंदोलन छेड़ा जाएगा और चेयरमैन से भी मुलाकात की जाएगी। अध्यक्षता उमरदीन उर्फ उमरा ने की। पंचायत में भाकियू अराजनीतिक के जिलाध्यक्ष कालिंदर मलिक, सुभाष, राजेंद्र सिंह, गौरव मलिक, ओम सिंह, जयवीर मुखिया, सतेंद्र मलिक, अश्वनी मलिक, राजू, वेद सिंह समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
टोल प्लाजा के नामकरण को लेकर दोनों गांवों के बीच बढ़ती तनातनी से क्षेत्र में सियासी और सामाजिक सरगर्मी तेज हो गई है। अब निगाहें प्रशासन के फैसले पर टिकी हैं।
जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान का कहना है कि एनएचएआई के अधिकारियों से संपर्क कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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रविवार को बंतीखेड़ा गांव में बख्शी की चौपाल पर पंचायत में प्रशासन को छह मार्च तक का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि तय समय सीमा में टोल बूथ पर बंतीखेड़ा का नाम अंकित नहीं किया गया तो अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। पंचायत में 15 सदस्यीय संघर्ष समिति का गठन किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि टोल बूथ जिस भूमि पर बना है वह बंतीखेड़ा की है और एनएचएआई स्तर से भी गांव के नाम का बोर्ड स्वीकृत हो चुका है। ऐसे में नाम बदलने का कोई औचित्य नहीं है। अध्यक्षता उमरदीन उर्फ उमरा ने की।
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इसके अलावा पंचायत में निर्णय लिया गया कि बंतीखेड़ा की जमीन पर बने बिजलीघर पर अंकित करौदा हाथी नाम को बदलवाने के लिए प्रशासन से वार्ता की जाएगी। ग्रामीणों ने करौदा हाथी से किसी प्रकार का सामान न लेने का फैसला लेते हुए सामाजिक बहिष्कार की भी घोषणा की। पंचायत में पूर्व प्रधान लोकेंद्र वर्मा, पप्पू, गुड्डू, राहुल, पुनीत, राव इकबाल, बाबू प्रधान गुलाब, खालिद, रामपाल, राजकुमार शर्मा, अरविंद, धर्मेंद्र, अंकुर सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
उधर, करौदा हाथी गांव के शिव मंदिर में भी रविवार को पंचायत में ग्रामीणों ने टोल प्लाजा का नाम करौदा हाथी ही बनाए रखने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि टोल प्लाजा की दूरी करौदा हाथी गांव से अन्य गांवों की तुलना में सबसे कम है, इसलिए टोल का नाम इसी गांव के नाम पर होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अन्य किसी गांव के नाम से टोल प्लाजा का नाम स्वीकार्य नहीं होगा। पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि नाम बदलने की कोशिश की गई तो आंदोलन छेड़ा जाएगा और चेयरमैन से भी मुलाकात की जाएगी। अध्यक्षता उमरदीन उर्फ उमरा ने की। पंचायत में भाकियू अराजनीतिक के जिलाध्यक्ष कालिंदर मलिक, सुभाष, राजेंद्र सिंह, गौरव मलिक, ओम सिंह, जयवीर मुखिया, सतेंद्र मलिक, अश्वनी मलिक, राजू, वेद सिंह समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
टोल प्लाजा के नामकरण को लेकर दोनों गांवों के बीच बढ़ती तनातनी से क्षेत्र में सियासी और सामाजिक सरगर्मी तेज हो गई है। अब निगाहें प्रशासन के फैसले पर टिकी हैं।
जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान का कहना है कि एनएचएआई के अधिकारियों से संपर्क कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।

बाबरी क्षेत्र के गांव बनती खेड़ा में दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को लेकर पंचायत करते ग्राम
