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Shravasti News: बाजार में इंडक्शन की बढ़ी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Fri, 13 Mar 2026 11:46 PM IST
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इकौना के एक होटल में प्रयोग हो रहा घरेलू गैस सिलिंडर
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श्रावस्ती/इकौना/गिलौला। गैस सिलिंडर के बुकिंग सर्वर के धीमा होने व ओटीपी न आने से तराई में गैस सिलिंडर की समस्या अब कई गुना बढ़ गई है। शुक्रवार को दिन भर लोग गैस बुकिंग व एक सिलिंडर के लिए गैस एजेंसियों के चक्कर काटते दिखे। कॉमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति न मिलने से अब होटलों पर लकड़ी व कोयले की भट्टियों, घरेलू सिलिंडर का इस्तेमाल हो रहा है। यही नहीं सिलिंडर मिलने में देरी होने से लोग इंडक्शन का रुख कर रहे हैं।
भिनगा
इंडक्शन चूल्हा की 10 गुना बढ़ी मांग
घरेलू गैस सिलिंडर के मिलने में बाधा बने सर्वर के बीच बिजली संचालित इंडक्शन चूल्हे की मांग 10 गुना बढ़ गई है। बाजार में इंडक्शन लेने वालों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इलेक्ट्राॅनिक दुकान के संचालक रियाज अहमद ने बताया कि अचानक इंडक्शन की मांग इतनी बढ़ी है कि अतिरिक्त मंगवाना पड़ रहा है। इंडक्शन लेने आए आशीष कुमार ने बताया कि पांच दिन से सिलिंडर के लिए दौड़ रहे हैं और अब थक कर इंडक्शन चूल्हा व बर्तन खरीदा है।
इकौना
लकड़ी की भट्टी व घरेलू सिलिंडर का प्रयोग
इकौना कस्बा स्थित यादव जलपान गृह की पड़ताल में वहां कोयले व लकड़ी की भट्टी जलती नजर आई। वहीं, पास में ही घरेलू सिलिंडर पर चाय बनती दिखी। इस संबंध में संचालक ने बताया कि मजबूरन अब कोयले व लकड़ी का सहारा लेना पड़ रहा है। घरेलू सिलिंडर सिर्फ चाय बनाने के लिए रखा है।
गिलौला
चार-चार दिन से भटक रहे लोग
भारत स्थित भारत गैस एजेंसी की पड़ताल में एजेंसी से सैकड़ों उपभोक्ता खाली हाथ लौटते नजर आए। एजेंसी पर मौजूद भसभरिया निवासी उत्तम ने बताया कि वोर चार दिन से गैस के लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन केवाईसी के चलते सिलिंडर नहीं मिल रहा है। वहीं, तिलकपुर निवासी त्रिवेणी ने बताया की उनकी मां गीता के नाम कनेक्शन था, जिनकी मृत्यु हो गई है। पत्नी मंगला के नाम कनेक्शन कराने के लिए छह महीने पहले दस्तावेज दिया था। लेकिन नाम नहीं बदला और सिलिंडर के चक्कर काट रहे हैं।
भिनगा
गोदाम पर लटकता मिला ताला
भिनगा कस्बा स्थित राज इंडेन गैस के गोदाम पर शुक्रवार को ताला लटकता मिला। वहीं, गैस लेने के लिए उपभोक्ता दिन भर इधर-उधर भटकते नजर आए। गैस लेने पहुंची नाजमा ने बताया कि छह दिन से सिलिंडर के लिए दौड़ रही हैं। खाना चूल्हे पर बन रहा है। वहीं, मनोज कुमार ने बताया कि उन्होंने कोयले से चलने वाली भट्टी ली है और किसी तरह काम चला रहे हैं।
लोगों की भीड़ अचानक बढ़ने से सर्वर में दिक्कत आ रही है। उपभोक्ता अफवाहों पर ध्यान न दें, बुकिंग के बाद ही सिलिंडर मिलेगा। आपूर्ति की लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है।
दीपक कुमार वाष्र्णेय, जिला पूर्ति अधिकारी
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इकौना
लकड़ी की भट्टी व घरेलू सिलिंडर का प्रयोग
इकौना कस्बा स्थित यादव जलपान गृह की पड़ताल में वहां कोयले व लकड़ी की भट्टी जलती नजर आई। वहीं, पास में ही घरेलू सिलिंडर पर चाय बनती दिखी। इस संबंध में संचालक ने बताया कि मजबूरन अब कोयले व लकड़ी का सहारा लेना पड़ रहा है। घरेलू सिलिंडर सिर्फ चाय बनाने के लिए रखा है।
गिलौला
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भारत स्थित भारत गैस एजेंसी की पड़ताल में एजेंसी से सैकड़ों उपभोक्ता खाली हाथ लौटते नजर आए। एजेंसी पर मौजूद भसभरिया निवासी उत्तम ने बताया कि वोर चार दिन से गैस के लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन केवाईसी के चलते सिलिंडर नहीं मिल रहा है। वहीं, तिलकपुर निवासी त्रिवेणी ने बताया की उनकी मां गीता के नाम कनेक्शन था, जिनकी मृत्यु हो गई है। पत्नी मंगला के नाम कनेक्शन कराने के लिए छह महीने पहले दस्तावेज दिया था। लेकिन नाम नहीं बदला और सिलिंडर के चक्कर काट रहे हैं।
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गोदाम पर लटकता मिला ताला
भिनगा कस्बा स्थित राज इंडेन गैस के गोदाम पर शुक्रवार को ताला लटकता मिला। वहीं, गैस लेने के लिए उपभोक्ता दिन भर इधर-उधर भटकते नजर आए। गैस लेने पहुंची नाजमा ने बताया कि छह दिन से सिलिंडर के लिए दौड़ रही हैं। खाना चूल्हे पर बन रहा है। वहीं, मनोज कुमार ने बताया कि उन्होंने कोयले से चलने वाली भट्टी ली है और किसी तरह काम चला रहे हैं।
लोगों की भीड़ अचानक बढ़ने से सर्वर में दिक्कत आ रही है। उपभोक्ता अफवाहों पर ध्यान न दें, बुकिंग के बाद ही सिलिंडर मिलेगा। आपूर्ति की लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है।
दीपक कुमार वाष्र्णेय, जिला पूर्ति अधिकारी

इकौना के एक होटल में प्रयोग हो रहा घरेलू गैस सिलिंडर