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Shravasti News: बाल विवाह रोकथाम के लिए सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Fri, 13 Mar 2026 11:42 PM IST
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इकौना तहसील में अधिवक्ता सभागार में मौजूद लोग।
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इकौना। अमर उजाला की ओर से शुक्रवार को इकौना तहसील स्थित अधिवक्ता संघ सभागार में संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मौजूद अधिवक्ताओं ने बाल विवाह के सामाजिक, आर्थिक और नैतिक पहलुओं पर चर्चा की और इसे समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
संवाद कार्यक्रम में मौजूद अधिवक्ता दिलीप कुमार शर्मा ने कहा कि आज के समय में भी बाल विवाह होने का एक प्रमुख कारण अशिक्षा है। यदि समाज का हर वर्ग शिक्षित हो जाए तो बाल विवाह जैसी कुरीतियों को समाप्त किया जा सकता है। ऐसे में हमें बाल विवाह के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान देने की जरूरत है। अधिवक्ता रामकुमार शुक्ला ने कहा कि बाल विवाह रोकने के लिए सामाजिक स्तर पर बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। साथ ही उस अभियान में समाज के हर वर्ग को सहर्ष शामिल होना चाहिए। अधिवक्ता श्रीधर द्विवेदी ने कहा कि बाल विवाह पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है, लेकिन इसे और कड़ा करने की जरूरत है। ताकि बाल विवाह जैसी कुरीती से भारत को मुक्ति मिले और विश्व पटल पर भारत की छवि धूमिल होने से बचे।
अधिवक्ता राजेन्द्र मिश्रा ने कहा कि कम उम्र में विवाह के कारण जच्चा और बच्चा दोनों कुपोषण का शिकार होते हैं, जो न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य चिंता का विषय है। अधिवक्ता सुरेंद्र मिश्रा ने कहा कि सरकार को हर पंचायत में वालेंटियर तैनात करने चाहिए, ताकि बाल विवाह को तत्काल खत्म किया जा सके।
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संवाद कार्यक्रम में मौजूद अधिवक्ता दिलीप कुमार शर्मा ने कहा कि आज के समय में भी बाल विवाह होने का एक प्रमुख कारण अशिक्षा है। यदि समाज का हर वर्ग शिक्षित हो जाए तो बाल विवाह जैसी कुरीतियों को समाप्त किया जा सकता है। ऐसे में हमें बाल विवाह के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान देने की जरूरत है। अधिवक्ता रामकुमार शुक्ला ने कहा कि बाल विवाह रोकने के लिए सामाजिक स्तर पर बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। साथ ही उस अभियान में समाज के हर वर्ग को सहर्ष शामिल होना चाहिए। अधिवक्ता श्रीधर द्विवेदी ने कहा कि बाल विवाह पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है, लेकिन इसे और कड़ा करने की जरूरत है। ताकि बाल विवाह जैसी कुरीती से भारत को मुक्ति मिले और विश्व पटल पर भारत की छवि धूमिल होने से बचे।
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अधिवक्ता राजेन्द्र मिश्रा ने कहा कि कम उम्र में विवाह के कारण जच्चा और बच्चा दोनों कुपोषण का शिकार होते हैं, जो न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य चिंता का विषय है। अधिवक्ता सुरेंद्र मिश्रा ने कहा कि सरकार को हर पंचायत में वालेंटियर तैनात करने चाहिए, ताकि बाल विवाह को तत्काल खत्म किया जा सके।