{"_id":"69838969d936248b2908a842","slug":"teachers-records-found-to-be-fake-she-was-dismissed-shravasti-news-c-104-1-slko1011-117753-2026-02-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shravasti News: फर्जी मिले शिक्षिका के अभिलेख, हुई बर्खास्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shravasti News: फर्जी मिले शिक्षिका के अभिलेख, हुई बर्खास्त
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Wed, 04 Feb 2026 11:31 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
श्रावस्ती। हरिहरपुर रानी विकासखंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय रजगढ़वा में तैनात शिक्षिका नीरू पाल को बीएसए अजय कुमार ने बर्खास्त कर दिया। नीरू पाल पर फर्जी अभिलेख के सहारे नौकरी हासिल करने का आरोप लगा था और उनकी जांच चल रही थी। जांच रिपोर्ट में उनके अभिलेख फर्जी मिलने के बाद सोमवार को बीएसए ने इन्हें बर्खास्त कर दिया।
एटा जिले के अलीगंज तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत झकरई निवासी नीरू पाल को 21 नवंबर 2017 को सहायक अध्यापक के रूप में प्राथमिक विद्यालय खजुहा झुनझुनिया में तैनाती मिली थी। साल 2024 में शिक्षा विभाग ने नीरू पाल के दाखिल किए गए शैक्षिक प्रमाण पत्रों के फर्जी होने की जांच शुरू की। जांच के दौरान शिक्षिका द्वारा बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल के जारी शैक्षिक प्रमाण पत्र कूटरचित पाया गया। बीएसए अजय कुमार ने बताया कि विभागीय जांच समिति ने 25 जुलाई 2025 में दाखिल रिपोर्ट के बाद शिक्षिका नीरू पाल को उनका पक्ष रखने का मौका दिया था। नीरू पाल ने दो बार अपना पक्ष रखा, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं रहा। साथ ही वो कोई पुष्ट सुबूत नहीं दे सकी। जिसके बाद उन्हें बर्खास्त कर दिया गया।
Trending Videos
एटा जिले के अलीगंज तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत झकरई निवासी नीरू पाल को 21 नवंबर 2017 को सहायक अध्यापक के रूप में प्राथमिक विद्यालय खजुहा झुनझुनिया में तैनाती मिली थी। साल 2024 में शिक्षा विभाग ने नीरू पाल के दाखिल किए गए शैक्षिक प्रमाण पत्रों के फर्जी होने की जांच शुरू की। जांच के दौरान शिक्षिका द्वारा बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल के जारी शैक्षिक प्रमाण पत्र कूटरचित पाया गया। बीएसए अजय कुमार ने बताया कि विभागीय जांच समिति ने 25 जुलाई 2025 में दाखिल रिपोर्ट के बाद शिक्षिका नीरू पाल को उनका पक्ष रखने का मौका दिया था। नीरू पाल ने दो बार अपना पक्ष रखा, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं रहा। साथ ही वो कोई पुष्ट सुबूत नहीं दे सकी। जिसके बाद उन्हें बर्खास्त कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
