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Shravasti News: तेल के लिए खताैनी सत्यापन की जंग
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Thu, 21 May 2026 01:04 AM IST
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गिलौला स्थित पेट्रोल पंप पर पसरा सन्नाटा।
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श्रावस्ती। ईरान-इस्राइल युद्ध का सबसे अधिक असर पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति पर पड़ा है। इसका असर जिले में भी दिख रहा है। बुधवार को जिले में करीब 14 पेट्रोल पंप सूखे रहे। डीजल-पेट्रोल की किल्लत का असर आम लोगों पर भी पड़ता नजर आ रहा है। मंगलवार को प्रशासन ने एक बार फिर बिना खसरा खतौनी की प्रमाणित प्रति देखे किसानों को डिब्बे में डीजल न देने का आदेश जारी किया है।
पर्याप्त है डीजल व पेट्रोल
गिलौला स्थित इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप पर तो डीजल व पेट्रोल दोनों पर्याप्त है। फिर भी पंप पर सन्नाटे जैसा माहौल नजर आ रहा है। पंप के मैनेजर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि डिब्बे में 1000 रुपये से अधिक का तेल नहीं दिया जा रहा है। वहीं, वाहन में लोग पूरी टंकी भरवा सकते हैैं।
पंप पर नहीं है डीजल
गिरंट बाजार प्रतिनिधि के अनुसार नानपारा-बदला मार्ग पर लालपुरवा के निकट स्थित इंडियन ऑयल पंप पर पेट्रोल तो है, लेकिन डीजल नहीं है। ऐसे में डीजल के लिए यहां आने वाले लोगों को वापस लौटना पड़ रहा है। पंप मालिक लालू ने बताया कि डीजल आज शाम तक आने की उम्मीद है। लोगों को डिब्बे में तेल नहीं दिया जा रहा है। सिर्फ वाहन में ही तेल भरा सकते हैं।
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बॉक्स में
यह बोले किसान
गिलौला प्रतिनिधि के अनुसार ग्राम कोटमुबारक पुर निवासी मिट्ठू लाल ने बताया कि धान की नर्सरी लगाने के लिए खेत की जोताई करनी है। ऐसे में प्रशासन की ओर से खसरा खतौनी को लेखपाल से प्रमाणित कराने के लिए दिया गया आदेश लोगों की समस्या को और बढ़ा रहा है। ग्राम एकघरवा निवासी किसान ओंकार नाथ शुक्ला ने बताया कि गन्ने की सिंचाई करने के साथ ही धान की नर्सरी व ट्रैक्टर से जोताई के लिए काफी डीजल की आवश्यकता होती है। ऐसे में हर बार डीजल के लिए लेखपाल को खोजना पड़ेगा। ग्राम माजरे निवासी ओमकार नाथ यादव ने बताया कि लेखपाल जल्दी तहसील में नहीं मिलते हैं। साथ ही उनका आने का समय निर्धारित है। ऐसे मेें 15 किलोमीटर दूर स्थित तहसील में रोज लेखपाल को ढूंढने के लिए जाना काफी मुश्किल है।
सभी पंपों पर डीजल व पेट्रोल की पर्याप्त उपलब्धता के लिए लगातार कंपनी के प्रतिनिधियों से संपर्क किया जा रहा है। समस्या शीघ्र ही दूर हो जाएगी। अराजक तत्व तेल का भंडारण न कर सकें इसके लिए खसरा खतौनी प्रमाणित कराने की व्यवस्था लागू की गई है।
दीपक कुमार वार्ष्णेय, जिला पूर्ति अधिकारी
पर्याप्त है डीजल व पेट्रोल
गिलौला स्थित इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप पर तो डीजल व पेट्रोल दोनों पर्याप्त है। फिर भी पंप पर सन्नाटे जैसा माहौल नजर आ रहा है। पंप के मैनेजर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि डिब्बे में 1000 रुपये से अधिक का तेल नहीं दिया जा रहा है। वहीं, वाहन में लोग पूरी टंकी भरवा सकते हैैं।
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पंप पर नहीं है डीजल
गिरंट बाजार प्रतिनिधि के अनुसार नानपारा-बदला मार्ग पर लालपुरवा के निकट स्थित इंडियन ऑयल पंप पर पेट्रोल तो है, लेकिन डीजल नहीं है। ऐसे में डीजल के लिए यहां आने वाले लोगों को वापस लौटना पड़ रहा है। पंप मालिक लालू ने बताया कि डीजल आज शाम तक आने की उम्मीद है। लोगों को डिब्बे में तेल नहीं दिया जा रहा है। सिर्फ वाहन में ही तेल भरा सकते हैं।
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यह बोले किसान
गिलौला प्रतिनिधि के अनुसार ग्राम कोटमुबारक पुर निवासी मिट्ठू लाल ने बताया कि धान की नर्सरी लगाने के लिए खेत की जोताई करनी है। ऐसे में प्रशासन की ओर से खसरा खतौनी को लेखपाल से प्रमाणित कराने के लिए दिया गया आदेश लोगों की समस्या को और बढ़ा रहा है। ग्राम एकघरवा निवासी किसान ओंकार नाथ शुक्ला ने बताया कि गन्ने की सिंचाई करने के साथ ही धान की नर्सरी व ट्रैक्टर से जोताई के लिए काफी डीजल की आवश्यकता होती है। ऐसे में हर बार डीजल के लिए लेखपाल को खोजना पड़ेगा। ग्राम माजरे निवासी ओमकार नाथ यादव ने बताया कि लेखपाल जल्दी तहसील में नहीं मिलते हैं। साथ ही उनका आने का समय निर्धारित है। ऐसे मेें 15 किलोमीटर दूर स्थित तहसील में रोज लेखपाल को ढूंढने के लिए जाना काफी मुश्किल है।
सभी पंपों पर डीजल व पेट्रोल की पर्याप्त उपलब्धता के लिए लगातार कंपनी के प्रतिनिधियों से संपर्क किया जा रहा है। समस्या शीघ्र ही दूर हो जाएगी। अराजक तत्व तेल का भंडारण न कर सकें इसके लिए खसरा खतौनी प्रमाणित कराने की व्यवस्था लागू की गई है।
दीपक कुमार वार्ष्णेय, जिला पूर्ति अधिकारी

गिलौला स्थित पेट्रोल पंप पर पसरा सन्नाटा।