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Siddharthnagar News: एआई से बदली अपराधों की प्रकृति, सजगता जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 23 Jun 2026 02:44 AM IST
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सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विवि कपिलवस्तु के गौतम बुद्ध प्रेक्षागृह में सोमवार को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें डिजिटल सुरक्षा के उपायों के बारे में जानकारी दी गई।
कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों की प्रकृति भी तेजी से बदल रही है। एआई तकनीक जहां शिक्षा, अनुसंधान और प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बना रही है। वहीं इसका दुरुपयोग कर साइबर अपराधी लोगों को ठगी और धोखाधड़ी का शिकार भी बना रहे हैं।
सीओ सदर विश्वजीत शौर्यन ने साइबर अपराधों की प्रकृति, उनके विभिन्न प्रकार और बचाव के उपायों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
क्षेत्राधिकारी जनपदीय साइबर सेल रोहिणी यादव ने सभी को डिजिटल प्लेटफॉर्म का सावधानीपूर्वक उपयोग करने, व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचने और संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना प्राधिकरण को देने का आह्वान किया।
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उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।
कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों की प्रकृति भी तेजी से बदल रही है। एआई तकनीक जहां शिक्षा, अनुसंधान और प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बना रही है। वहीं इसका दुरुपयोग कर साइबर अपराधी लोगों को ठगी और धोखाधड़ी का शिकार भी बना रहे हैं।
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सीओ सदर विश्वजीत शौर्यन ने साइबर अपराधों की प्रकृति, उनके विभिन्न प्रकार और बचाव के उपायों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
क्षेत्राधिकारी जनपदीय साइबर सेल रोहिणी यादव ने सभी को डिजिटल प्लेटफॉर्म का सावधानीपूर्वक उपयोग करने, व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचने और संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना प्राधिकरण को देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।