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Siddharthnagar News: ग्राम न्यायालय में चकबंदी वादों की हुई सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 23 Jun 2026 02:47 AM IST
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ग्राम न्यायालय में चकबंदी वादों की सुनवाई
सिद्धार्थनगर। तहसील नौगढ़ के ग्राम विशुनपुर में सोमवार को चकबंदी अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद यादव की अध्यक्षता में ग्राम न्यायालय का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न राजस्व वादों की सुनवाई कर संबंधित पक्षों को साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए समय दिया गया।
ग्राम विशुनपुर में चकबंदी प्रक्रिया 25 मार्च 2025 को धारा-4 के प्रकाशन के साथ शुरू हुई थी। इसके बाद चकबंदी समिति गठन, तरमीम, पड़ताल और खतौनी सत्यापन सहित अन्य प्रक्रियाएं पूरी की गईं। 16 जनवरी 2026 को धारा-9 का प्रकाशन कर आकार पत्र-पांच का वितरण कराया गया था।
ग्राम न्यायालय में वरासत, बैनामा, आपसी बंटवारा समेत विभिन्न मामलों से जुड़ी पत्रावलियों पर दोनों पक्षों को विस्तार से सुना गया। चकबंदी अधिकारी ने दावों के समर्थन में आवश्यक दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर देते हुए मामलों को साक्ष्य के लिए नियत किया। इस अवसर पर न्यायालय लिपिक विजय कुमार चौधरी, चकबंदी लेखपाल अत्रिमणि त्रिपाठी, चकबंदी कर्ता शमसुल कमर खां, ग्राम प्रधान आरती देवी, चकबंदी समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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चकबंदी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से संचालित की जा रही है। चकबंदी का उद्देश्य किसानों की बिखरी जोतों को व्यवस्थित चकों में समायोजित कर कृषि कार्य को सुगम बनाना और ग्रामीण विकास को गति देना है।
सिद्धार्थनगर। तहसील नौगढ़ के ग्राम विशुनपुर में सोमवार को चकबंदी अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद यादव की अध्यक्षता में ग्राम न्यायालय का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न राजस्व वादों की सुनवाई कर संबंधित पक्षों को साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए समय दिया गया।
ग्राम विशुनपुर में चकबंदी प्रक्रिया 25 मार्च 2025 को धारा-4 के प्रकाशन के साथ शुरू हुई थी। इसके बाद चकबंदी समिति गठन, तरमीम, पड़ताल और खतौनी सत्यापन सहित अन्य प्रक्रियाएं पूरी की गईं। 16 जनवरी 2026 को धारा-9 का प्रकाशन कर आकार पत्र-पांच का वितरण कराया गया था।
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ग्राम न्यायालय में वरासत, बैनामा, आपसी बंटवारा समेत विभिन्न मामलों से जुड़ी पत्रावलियों पर दोनों पक्षों को विस्तार से सुना गया। चकबंदी अधिकारी ने दावों के समर्थन में आवश्यक दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर देते हुए मामलों को साक्ष्य के लिए नियत किया। इस अवसर पर न्यायालय लिपिक विजय कुमार चौधरी, चकबंदी लेखपाल अत्रिमणि त्रिपाठी, चकबंदी कर्ता शमसुल कमर खां, ग्राम प्रधान आरती देवी, चकबंदी समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
चकबंदी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से संचालित की जा रही है। चकबंदी का उद्देश्य किसानों की बिखरी जोतों को व्यवस्थित चकों में समायोजित कर कृषि कार्य को सुगम बनाना और ग्रामीण विकास को गति देना है।