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Siddharthnagar News: बारिश से धान किसानों को मिली राहत, नहरों में पानी का इंतजार बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 23 Jun 2026 02:45 AM IST
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कई दिनों से सूख रही धान की नर्सरी को मिली राहत, किसान बोले- अच्छी रोपाई के लिए नहरों में नियमित पानी जरूरी
तुलसियापुर। क्षेत्र में सोमवार को हुई बारिश ने धान की खेती कर रहे किसानों को बड़ी राहत दी है। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और नहरों में पानी न होने के कारण सूखने लगी धान की नर्सरी को बारिश से संजीवनी मिली है। हालांकि किसानों का कहना है कि यह राहत फिलहाल अस्थायी है। धान की रोपाई और फसल की बेहतर पैदावार के लिए नहरों में नियमित पानी की उपलब्धता जरूरी है।
खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसान धान की नर्सरी तैयार करने में जुटे हैं। बीते दिनों तेज धूप और उमस के कारण नर्सरी को बचाने के लिए किसानों को निजी पंपसेट और डीजल इंजन के सहारे सिंचाई करनी पड़ रही थी। इससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही थी। सोमवार को हुई बारिश के बाद खेतों और नर्सरियों में पर्याप्त नमी पहुंची, जिससे किसानों ने राहत की सांस ली।
औदही कलां निवासी किसान चंद्रभान गुप्ता ने बताया कि लगातार पड़ रही गर्मी से नर्सरी प्रभावित हो रही थी और उसे बचाने के लिए अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा था। बारिश से फिलहाल नर्सरी को फायदा मिला है, लेकिन रोपाई के समय पर्याप्त पानी उपलब्ध होना जरूरी है।
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डढ़उल निवासी किसान मिथिलेश यादव ने कहा कि जिन किसानों के पास निजी सिंचाई के साधन नहीं हैं, उन्हें बारिश से सबसे अधिक राहत मिली है। हालांकि एक-दो दिन की बारिश से पूरे सीजन की जरूरत पूरी नहीं होगी। किसानों की नजर अब नहरों में पानी छोड़े जाने पर टिकी है। क्षेत्र के कई गांवों से होकर गुजरने वाली सरयू नहर की शाखाओं में अब भी पर्याप्त पानी नहीं पहुंचा है। किसानों का कहना है कि यदि समय पर नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो रोपाई प्रभावित हो सकती है। इससे उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका बनी रहेगी।
सरयू नहर खंड के अधिकारियों का कहना है कि राप्ती नदी में जलस्तर बढ़ने के साथ नहरों में पानी की आपूर्ति बेहतर होगी। किसानों को उम्मीद है कि बारिश के साथ-साथ नहरों में भी जल्द पानी पहुंचेगा, जिससे खरीफ सीजन की तैयारियां सुचारु रूप से आगे बढ़ सकेंगी।
तुलसियापुर। क्षेत्र में सोमवार को हुई बारिश ने धान की खेती कर रहे किसानों को बड़ी राहत दी है। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और नहरों में पानी न होने के कारण सूखने लगी धान की नर्सरी को बारिश से संजीवनी मिली है। हालांकि किसानों का कहना है कि यह राहत फिलहाल अस्थायी है। धान की रोपाई और फसल की बेहतर पैदावार के लिए नहरों में नियमित पानी की उपलब्धता जरूरी है।
खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसान धान की नर्सरी तैयार करने में जुटे हैं। बीते दिनों तेज धूप और उमस के कारण नर्सरी को बचाने के लिए किसानों को निजी पंपसेट और डीजल इंजन के सहारे सिंचाई करनी पड़ रही थी। इससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही थी। सोमवार को हुई बारिश के बाद खेतों और नर्सरियों में पर्याप्त नमी पहुंची, जिससे किसानों ने राहत की सांस ली।
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औदही कलां निवासी किसान चंद्रभान गुप्ता ने बताया कि लगातार पड़ रही गर्मी से नर्सरी प्रभावित हो रही थी और उसे बचाने के लिए अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा था। बारिश से फिलहाल नर्सरी को फायदा मिला है, लेकिन रोपाई के समय पर्याप्त पानी उपलब्ध होना जरूरी है।
डढ़उल निवासी किसान मिथिलेश यादव ने कहा कि जिन किसानों के पास निजी सिंचाई के साधन नहीं हैं, उन्हें बारिश से सबसे अधिक राहत मिली है। हालांकि एक-दो दिन की बारिश से पूरे सीजन की जरूरत पूरी नहीं होगी। किसानों की नजर अब नहरों में पानी छोड़े जाने पर टिकी है। क्षेत्र के कई गांवों से होकर गुजरने वाली सरयू नहर की शाखाओं में अब भी पर्याप्त पानी नहीं पहुंचा है। किसानों का कहना है कि यदि समय पर नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो रोपाई प्रभावित हो सकती है। इससे उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका बनी रहेगी।
सरयू नहर खंड के अधिकारियों का कहना है कि राप्ती नदी में जलस्तर बढ़ने के साथ नहरों में पानी की आपूर्ति बेहतर होगी। किसानों को उम्मीद है कि बारिश के साथ-साथ नहरों में भी जल्द पानी पहुंचेगा, जिससे खरीफ सीजन की तैयारियां सुचारु रूप से आगे बढ़ सकेंगी।