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Siddharthnagar News: शुभ योग में शुरू हो रहा चैत्र नवरात्र, बाजार से मंदिर तक बढ़ी हलचल
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पल्टादेवी मंदिर की साफ सफ़ाई करते मंदिर पुजारी के सदस्य। स्रोत विज्ञप्ति
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सिद्धार्थनगर। 19 मार्च से शुरू हो रहा वासंतिक (चैत्र) नवरात्र इस बार न केवल ज्योतिषीय दृष्टि से खास है, बल्कि जिले में धार्मिक और बाजार दोनों स्तर पर इसका असर साफ दिखाई देने लगा है। मंदिरों में साफ-सफाई और सजावट का काम तेज हो गया है, वहीं बाजारों में व्रत सामग्री की खरीदारी ने रफ्तार पकड़ ली है।
ज्योतिषाचार्य सतीश मणि त्रिपाठी के अनुसार, इस बार नवरात्र का आरंभ मीन लग्न में चतुर्ग्रही योग के साथ हो रहा है, जिसमें सूर्य, चंद्रमा, शनि और शुक्र की युति बन रही है। साथ ही शुक्र का उच्च राशि में होना और 25 से 27 मार्च के बीच बनने वाला गजकेसरी योग इसे विशेष फलदायी बना रहा है।
पंडित पवन तिवारी के अनुसार, नवरात्र केवल पूजा-अर्चना का नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और अनुशासन का पर्व है। श्रद्धालु इन नौ दिनों में सात्विक आहार अपनाकर और नियमित पूजा-पाठ करके आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने की कोशिश करते हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में घरों में कलश स्थापना की तैयारी शुरू हो गई है। महिलाएं साफ-सफाई के साथ पूजा स्थल को सजाने में जुटी हैं। कई घरों में दुर्गा सप्तशती पाठ और जागरण की भी योजना बनाई जा रही है।
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बाजार में दिखा असर
- नवरात्र से पहले ही व्रत में उपयोग होने वाली सामग्री साबूदाना, कुट्टू आटा, सिंघाड़ा आटा, फल, मूंगफली और घी की मांग बढ़ गई है। दुकानदारों का कहना है कि इस बार बिक्री में 20-30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की उम्मीद है। फल मंडियों में भी सेब, केला और नारियल की आवक बढ़ा दी गई है।
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नौ दिन, नौ शुभ संयोग
- 20 मार्च- सर्वार्थ अमृत सिद्धि योग
- 21 मार्च- शनि रिक्ता संयोग
- 22 मार्च- रवि योग
- 23 मार्च- सर्वार्थ सिद्धि योग
- 24 मार्च- द्विपुष्कर योग
- 25 मार्च- बुध भद्रा सिद्ध योग
- 26 मार्च – सर्वार्थ सिद्धि योग
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बाजार में क्या-क्या बढ़ा
- साबूदाना, कुट्टू और सिंघाड़ा आटा की मांग तेज
- फल और नारियल की खपत बढ़ी
- पूजा सामग्री (अगरबत्ती, चुनरी, ज्योति) की बिक्री में उछाल
- छोटे दुकानदारों को सीजन से बड़ी उम्मीद
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इसलिए खास है यह नवरात्र
- मीन लग्न में चतुर्ग्रही योग
- शुक्र उच्च राशि में
- गजकेसरी योग का निर्माण
- लगातार बन रहे सिद्धि योग
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ज्योतिषाचार्य सतीश मणि त्रिपाठी के अनुसार, इस बार नवरात्र का आरंभ मीन लग्न में चतुर्ग्रही योग के साथ हो रहा है, जिसमें सूर्य, चंद्रमा, शनि और शुक्र की युति बन रही है। साथ ही शुक्र का उच्च राशि में होना और 25 से 27 मार्च के बीच बनने वाला गजकेसरी योग इसे विशेष फलदायी बना रहा है।
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पंडित पवन तिवारी के अनुसार, नवरात्र केवल पूजा-अर्चना का नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और अनुशासन का पर्व है। श्रद्धालु इन नौ दिनों में सात्विक आहार अपनाकर और नियमित पूजा-पाठ करके आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने की कोशिश करते हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में घरों में कलश स्थापना की तैयारी शुरू हो गई है। महिलाएं साफ-सफाई के साथ पूजा स्थल को सजाने में जुटी हैं। कई घरों में दुर्गा सप्तशती पाठ और जागरण की भी योजना बनाई जा रही है।
बाजार में दिखा असर
- नवरात्र से पहले ही व्रत में उपयोग होने वाली सामग्री साबूदाना, कुट्टू आटा, सिंघाड़ा आटा, फल, मूंगफली और घी की मांग बढ़ गई है। दुकानदारों का कहना है कि इस बार बिक्री में 20-30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की उम्मीद है। फल मंडियों में भी सेब, केला और नारियल की आवक बढ़ा दी गई है।
नौ दिन, नौ शुभ संयोग
- 20 मार्च- सर्वार्थ अमृत सिद्धि योग
- 21 मार्च- शनि रिक्ता संयोग
- 22 मार्च- रवि योग
- 23 मार्च- सर्वार्थ सिद्धि योग
- 24 मार्च- द्विपुष्कर योग
- 25 मार्च- बुध भद्रा सिद्ध योग
- 26 मार्च – सर्वार्थ सिद्धि योग
बाजार में क्या-क्या बढ़ा
- साबूदाना, कुट्टू और सिंघाड़ा आटा की मांग तेज
- फल और नारियल की खपत बढ़ी
- पूजा सामग्री (अगरबत्ती, चुनरी, ज्योति) की बिक्री में उछाल
- छोटे दुकानदारों को सीजन से बड़ी उम्मीद
इसलिए खास है यह नवरात्र
- मीन लग्न में चतुर्ग्रही योग
- शुक्र उच्च राशि में
- गजकेसरी योग का निर्माण
- लगातार बन रहे सिद्धि योग