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Siddharthnagar News: समय सीमा पूरी होने के डेढ़ साल बाद भी पानी की टंकी का निर्माण अधूरा
Sun, 26 Jul 2026 02:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 26 Jul 2026 02:39 AM IST
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सकारपार। जल जीवन मिशन के तहत मिठवल ब्लॉक के गोहर गांव में 273.48 लाख रुपये की लागत से बन रहा पेयजल परियोजना का निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। निर्माण स्थल पर लगे बोर्ड के अनुसार कार्य तीन मार्च 2023 को शुरू हुआ था और तीन अक्तूबर 2024 तक पूरा होना था लेकिन समय सीमा समाप्त होने के कई महीने बाद भी टंकी अधूरी पड़ी है। इससे गोहर और भरमा गांव के लोगों को अब तक योजना का लाभ नहीं मिल सका है।
योजना के तहत गोहर और भरमा गांव के घरों तक नल से जल पहुंचाने के लिए ओवरहेड टैंक और पाइपलाइन का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब एक वर्ष पहले गोहर गांव में बोरिंग कर पाइपलाइन बिछा दी गई थी लेकिन भरमा गांव की ओर अभी तक पाइपलाइन का विस्तार नहीं हो सका है। इससे दोनों गांवों के लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक गोहर गांव में भी केवल आधे हिस्से में ही घरों तक टोंटी लगाई गई है जबकि शेष आबादी आज भी इस सुविधा से वंचित है। प्लांट परिसर में बोरिंग और पंप हाउस का निर्माण तो हो गया है लेकिन मुख्य ओवरहेड टैंक का निर्माण अधूरा पड़ा है। परिसर में चारों ओर झाड़ियां उग आने से निर्माण कार्य लंबे समय से ठप होने का आभास होता है।
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करीब साढ़े तीन हजार की आबादी वाले गोहर और भरमा गांव के लोग आज भी देसी हैंडपंपों के पानी पर निर्भर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है लेकिन निर्माण में हो रही देरी के कारण लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने अधूरे निर्माण कार्य को जल्द पूरा कर नियमित जलापूर्ति शुरू कराने की मांग की है।्
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योजना के तहत गोहर और भरमा गांव के घरों तक नल से जल पहुंचाने के लिए ओवरहेड टैंक और पाइपलाइन का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब एक वर्ष पहले गोहर गांव में बोरिंग कर पाइपलाइन बिछा दी गई थी लेकिन भरमा गांव की ओर अभी तक पाइपलाइन का विस्तार नहीं हो सका है। इससे दोनों गांवों के लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
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ग्रामीणों के मुताबिक गोहर गांव में भी केवल आधे हिस्से में ही घरों तक टोंटी लगाई गई है जबकि शेष आबादी आज भी इस सुविधा से वंचित है। प्लांट परिसर में बोरिंग और पंप हाउस का निर्माण तो हो गया है लेकिन मुख्य ओवरहेड टैंक का निर्माण अधूरा पड़ा है। परिसर में चारों ओर झाड़ियां उग आने से निर्माण कार्य लंबे समय से ठप होने का आभास होता है।
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करीब साढ़े तीन हजार की आबादी वाले गोहर और भरमा गांव के लोग आज भी देसी हैंडपंपों के पानी पर निर्भर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है लेकिन निर्माण में हो रही देरी के कारण लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने अधूरे निर्माण कार्य को जल्द पूरा कर नियमित जलापूर्ति शुरू कराने की मांग की है।्