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Siddharthnagar News: बढ़ती कीमतों से बदला खरीदारी का तरीका, जरूरत तक सिमटा बाजार
Sun, 26 Jul 2026 02:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 26 Jul 2026 02:40 AM IST
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खाद्य तेल, दाल, मसाले, चाय, साबुन और डिटर्जेंट के दाम बढ़ने से बिगड़ा घरेलू बजट
ग्राहक कर रहे कटौती तो दुकानदारों की बिक्री भी घटी
सिद्धार्थनगर। रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह बदल दिया है। खाद्य तेल, दाल, मसाले, चाय, साबुन और डिटर्जेंट जैसी आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने से अब लोग महीनेभर की खरीदारी के बजाय जरूरत के हिसाब से सामान खरीद रहे हैं। महंगाई का असर बाजार की रौनक पर भी दिखाई देने लगा है। दुकानदारों का कहना है कि पहले ग्राहक एक साथ कई सामान खरीदते थे, अब अधिकांश लोग केवल जरूरी वस्तुएं ही ले रहे हैं।
जिले के बाजारों में किराना कारोबारियों के अनुसार पिछले एक वर्ष में कई आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में 5 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ा है। कई परिवारों ने महंगे ब्रांड छोड़कर सस्ते विकल्प अपनाने शुरू कर दिए हैं, जबकि कुछ ने खानपान में भी बदलाव कर दिया है।
बांसी निवासी सीमा देवी बताती हैं कि पहले महीनेभर का राशन एक साथ खरीद लेती थीं लेकिन अब बजट सीमित होने के कारण जरूरत के हिसाब से ही सामान खरीदना पड़ता है। वहीं, डुमरियागंज के राजेश गुप्ता का कहना है कि चाय, तेल और मसालों के बढ़े दाम ने रसोई का खर्च काफी बढ़ा दिया है।
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सिद्धार्थनगर के किराना व्यापारी अशोक अग्रहरि बताते हैं कि महंगाई का असर बिक्री पर साफ दिख रहा है। पहले ग्राहक पांच किलो दाल खरीदते थे। अब दो या तीन किलो ही ले रहे हैं। खाद्य तेल भी लोग कम मात्रा में खरीद रहे हैं।
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि लगातार महंगाई से घरेलू बचत प्रभावित होती है और उपभोक्ता खर्च कम करने लगते हैं। इसका असर स्थानीय बाजार और छोटे व्यापारियों पर भी पड़ता है।
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महंगाई के कारण अब पहले जैसी खरीदारी नहीं हो पाती। बजट के हिसाब से सिर्फ जरूरी सामान ही खरीदते हैं। कई चीजों में कटौती करनी पड़ रही है।
- सिम्मी, गृहिणी
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ग्राहकों की खरीदारी का तरीका बदल गया है। पहले लोग महीनेभर का सामान लेते थे। अब छोटी-छोटी मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं। इससे बिक्री भी प्रभावित हुई है।
- दीनानाथ, किराना व्यापारी, सिद्धार्थनगर
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ग्राहक कर रहे कटौती तो दुकानदारों की बिक्री भी घटी
सिद्धार्थनगर। रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह बदल दिया है। खाद्य तेल, दाल, मसाले, चाय, साबुन और डिटर्जेंट जैसी आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने से अब लोग महीनेभर की खरीदारी के बजाय जरूरत के हिसाब से सामान खरीद रहे हैं। महंगाई का असर बाजार की रौनक पर भी दिखाई देने लगा है। दुकानदारों का कहना है कि पहले ग्राहक एक साथ कई सामान खरीदते थे, अब अधिकांश लोग केवल जरूरी वस्तुएं ही ले रहे हैं।
जिले के बाजारों में किराना कारोबारियों के अनुसार पिछले एक वर्ष में कई आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में 5 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ा है। कई परिवारों ने महंगे ब्रांड छोड़कर सस्ते विकल्प अपनाने शुरू कर दिए हैं, जबकि कुछ ने खानपान में भी बदलाव कर दिया है।
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बांसी निवासी सीमा देवी बताती हैं कि पहले महीनेभर का राशन एक साथ खरीद लेती थीं लेकिन अब बजट सीमित होने के कारण जरूरत के हिसाब से ही सामान खरीदना पड़ता है। वहीं, डुमरियागंज के राजेश गुप्ता का कहना है कि चाय, तेल और मसालों के बढ़े दाम ने रसोई का खर्च काफी बढ़ा दिया है।
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सिद्धार्थनगर के किराना व्यापारी अशोक अग्रहरि बताते हैं कि महंगाई का असर बिक्री पर साफ दिख रहा है। पहले ग्राहक पांच किलो दाल खरीदते थे। अब दो या तीन किलो ही ले रहे हैं। खाद्य तेल भी लोग कम मात्रा में खरीद रहे हैं।
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि लगातार महंगाई से घरेलू बचत प्रभावित होती है और उपभोक्ता खर्च कम करने लगते हैं। इसका असर स्थानीय बाजार और छोटे व्यापारियों पर भी पड़ता है।
महंगाई के कारण अब पहले जैसी खरीदारी नहीं हो पाती। बजट के हिसाब से सिर्फ जरूरी सामान ही खरीदते हैं। कई चीजों में कटौती करनी पड़ रही है।
- सिम्मी, गृहिणी
ग्राहकों की खरीदारी का तरीका बदल गया है। पहले लोग महीनेभर का सामान लेते थे। अब छोटी-छोटी मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं। इससे बिक्री भी प्रभावित हुई है।
- दीनानाथ, किराना व्यापारी, सिद्धार्थनगर