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Siddharthnagar News: राप्ती में गिर रहा नाले का पानी, झाग ने खोली प्रदूषण की पोल
Sun, 12 Jul 2026 12:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 12 Jul 2026 12:30 AM IST
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बांसी कस्बा स्थित राप्ती नदी पुल के नीचे बने झाग के पास फोटो और सेल्फी लेते युवा। संवाद
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सकारपार। बारिश के बाद मौसम सुहावना हुआ तो लोग राहत महसूस करने के लिए बाजारों, पार्कों और नदी किनारे पहुंचने लगे लेकिन राप्ती नदी के पुल के नीचे पहुंचने वालों को अलग ही नजारा देखने को मिला।
शहर के नाले का पानी नदी में गिरने वाले स्थान पर बड़ी मात्रा में सफेद झाग जमा था। इसे देखकर लोग रुक गए और कई युवाओं ने मोबाइल से फोटो और सेल्फी भी ली।
नदी में दिख रहा यह झाग लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना रहा, वहीं दूसरी ओर इससे नदी के प्रदूषण को लेकर चिंता भी बढ़ गई। बारिश के कारण नाले का बहाव तेज होने से शहर का गंदा पानी सीधे राप्ती नदी में पहुंच रहा है। आशंका जताई जा रही है कि नाले के पानी के साथ बहकर आए रासायनिक अवशेष और अन्य अपशिष्ट के कारण झाग बन रहा है। राप्ती नदी के किनारे पहुंचे लोगों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है कि नदी में नाले का गंदा पानी गिर रहा है। लंबे समय से नगर का दूषित पानी बिना प्रभावी शोधन के नदी में छोड़े जाने की समस्या बनी हुई है। बारिश के दिनों में नाले का पानी बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो जाती है।
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भोले शंकर मोदनवाल, दीपक सिंह, शंभूनाथ त्रिपाठी, कृष्णनाथ उपाध्याय और रमेश ने बताया कि नदी में गिर रहे गंदे पानी से जल प्रदूषण का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने मांग की कि नाले के पानी के निस्तारण की स्थायी व्यवस्था की जाए, जिससे राप्ती नदी को प्रदूषण से बचाया जा सके।
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शहर के नाले का पानी नदी में गिरने वाले स्थान पर बड़ी मात्रा में सफेद झाग जमा था। इसे देखकर लोग रुक गए और कई युवाओं ने मोबाइल से फोटो और सेल्फी भी ली।
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नदी में दिख रहा यह झाग लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना रहा, वहीं दूसरी ओर इससे नदी के प्रदूषण को लेकर चिंता भी बढ़ गई। बारिश के कारण नाले का बहाव तेज होने से शहर का गंदा पानी सीधे राप्ती नदी में पहुंच रहा है। आशंका जताई जा रही है कि नाले के पानी के साथ बहकर आए रासायनिक अवशेष और अन्य अपशिष्ट के कारण झाग बन रहा है। राप्ती नदी के किनारे पहुंचे लोगों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है कि नदी में नाले का गंदा पानी गिर रहा है। लंबे समय से नगर का दूषित पानी बिना प्रभावी शोधन के नदी में छोड़े जाने की समस्या बनी हुई है। बारिश के दिनों में नाले का पानी बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो जाती है।
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भोले शंकर मोदनवाल, दीपक सिंह, शंभूनाथ त्रिपाठी, कृष्णनाथ उपाध्याय और रमेश ने बताया कि नदी में गिर रहे गंदे पानी से जल प्रदूषण का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने मांग की कि नाले के पानी के निस्तारण की स्थायी व्यवस्था की जाए, जिससे राप्ती नदी को प्रदूषण से बचाया जा सके।