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Siddharthnagar News: मातृभूमि के प्रति अगाध प्रेम ने इतिहास में अमर कर दिया भामाशाह का नाम
Tue, 30 Jun 2026 02:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 30 Jun 2026 02:00 AM IST
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सिद्धार्थनगर। दानवीर भामाशाह की जयंती व व्यापारी कल्याण दिवस पर विकास भवन के आंबेडकर सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया। सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि दानवीर भामाशाह महाराणा प्रताप के बाल्यकाल के मित्र, सहयोगी और विश्वासपात्र सलाहकार थे। भामाशाह का मातृभूमि के प्रति अगाध प्रेम, दानवीरता और सेवा के कारण उनका नाम इतिहास में अमर हो गया।
जब महाराणा प्रताप अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए निराश होकर परिवार सहित पहाड़ियों में भटक रहे थे, तब भामाशाह ने अपनी संपूर्ण धन संपदा उन्हें समर्पित कर दी। भामाशाह का जीवनकाल 52 वर्ष रहा। भामाशाह के योगदान ने न केवल महाराणा प्रताप को संघर्ष जारी रखने का साहस दिया बल्कि मेवाड़ की अस्मिता और सम्मान को भी सुरक्षित रखा। भामाशाह का नाम इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा है। विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि महाराणा प्रताप जब मुगलों से लड़ रहे थे। उनकी सेना और उनका राजकोष समाप्त हो गया। उस समय दानवीर भामाशाह ने सेना संगठन के लिए अपना धन देकर सहायता किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दानवीर भामाशाह के जन्मदिवस को व्यापारी कल्याण दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।
विधायक विनय वर्मा ने कहा कि भामाशाह का नाम इतिहास में महान दानवीर के रूप में लिखा है। जिलाध्यक्ष भाजपा दीपक मौर्या ने कहा कि भामाशाह ने महाराणा प्रताप को अपनी संपत्ति दान कर देश के लिए योगदान दिया था। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कहा कि आज भी व्यापारी देशहित में अपना योगदान दे रहे है। व्यापारियों के समस्याओं का निराकरण शासन की प्राथमिकता है। कार्यक्रम में स्कूली छात्राओं सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया और व्यापारियों को भामाशाह सम्मान से सम्मानित किया गया।
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इस दौरान सीडीओ बलराम सिंह, उपायुक्त सिद्धार्थ सौरभ बंधु, विजय सिंह बिसेन, सहायक आयुक्त मनोज वर्मा, परमहंस यादव आदि उपस्थित रहे।
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जब महाराणा प्रताप अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए निराश होकर परिवार सहित पहाड़ियों में भटक रहे थे, तब भामाशाह ने अपनी संपूर्ण धन संपदा उन्हें समर्पित कर दी। भामाशाह का जीवनकाल 52 वर्ष रहा। भामाशाह के योगदान ने न केवल महाराणा प्रताप को संघर्ष जारी रखने का साहस दिया बल्कि मेवाड़ की अस्मिता और सम्मान को भी सुरक्षित रखा। भामाशाह का नाम इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा है। विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि महाराणा प्रताप जब मुगलों से लड़ रहे थे। उनकी सेना और उनका राजकोष समाप्त हो गया। उस समय दानवीर भामाशाह ने सेना संगठन के लिए अपना धन देकर सहायता किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दानवीर भामाशाह के जन्मदिवस को व्यापारी कल्याण दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।
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विधायक विनय वर्मा ने कहा कि भामाशाह का नाम इतिहास में महान दानवीर के रूप में लिखा है। जिलाध्यक्ष भाजपा दीपक मौर्या ने कहा कि भामाशाह ने महाराणा प्रताप को अपनी संपत्ति दान कर देश के लिए योगदान दिया था। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कहा कि आज भी व्यापारी देशहित में अपना योगदान दे रहे है। व्यापारियों के समस्याओं का निराकरण शासन की प्राथमिकता है। कार्यक्रम में स्कूली छात्राओं सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया और व्यापारियों को भामाशाह सम्मान से सम्मानित किया गया।
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इस दौरान सीडीओ बलराम सिंह, उपायुक्त सिद्धार्थ सौरभ बंधु, विजय सिंह बिसेन, सहायक आयुक्त मनोज वर्मा, परमहंस यादव आदि उपस्थित रहे।