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Siddharthnagar News: अवसाद के शिकार पहुंच रहे मरीज, दवा के साथ योग की सलाह

Tue, 30 Jun 2026 02:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Tue, 30 Jun 2026 02:01 AM IST
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Patients suffering from depression are seeking help; yoga is recommended alongside medication.
सिद्धार्थनगर। अगर आपके परिवार या जानने वालों में आपको चिड़चिड़ापन नजर आ रहा है। बेचैनी बनी रह रही है। अकेले में रहने का मन कर रहा है, तो सावधान होने की जरूरत है। यह अवसाद के लक्षण हैं। इस प्रकार के लक्षण वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल पुरानी नौगढ़ में हर दूसरे दिन ऐसी शिकायत लेकर लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। लक्षण देखने के बाद पहले तो योग, कसरत और खुद को व्यस्त रखने के उपाय बताए जा रहे हैं। अगर इसके बाद भी ठीक नहीं हो रहा है तो कुछ दवाएं दी जा रही है। कुल मिलाकर योग कारगर साबित हो रहा है।
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राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल, पुरानी नौगढ़ की ओपीडी में इन दिनों मानसिक तनाव और अवसाद से जुड़े मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों में युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी शामिल हैं। चिकित्सक पहले मरीज की मानसिक स्थिति, दिनचर्या और लक्षणों की विस्तार से जानकारी लेते हैं। यदि समस्या शुरुआती स्तर की होती है तो सबसे पहले योग, ध्यान और प्राणायाम के माध्यम से मानसिक संतुलन बनाने की सलाह दी जाती है। इसके साथ आवश्यक होने पर आयुर्वेदिक दवाएं भी दी जाती हैं। अस्पताल के डॉक्टर राजेश कुमार अग्रहरि के मुताबिक कई मरीज लंबे समय से तनाव, अनिद्रा, बेचैनी, घबराहट, चिड़चिड़ापन और किसी भी कार्य में रुचि न होने जैसी समस्याओं से परेशान होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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नियमित योग और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से ऐसे मरीजों में सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार अधिकांश मरीज लगातार चिंता, नींद की कमी, किसी काम में मन न लगना, घबराहट और थकान जैसी शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। जो सलाह के अनुसार करने पर ठीक भी हो रहा है। मरीजों के लक्षण के हिसाब से जरूरी समझने पर ब्राह्मी, शंखपुष्पी, जटामांसी, अश्वगंधा और सरस्वतारिष्ट जैसी दवा देते हैं।
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