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Siddharthnagar News: मांगलिक सीजन पर महंगाई की मार, बढ़े खर्च से बदला परिवारों का बजट
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 15 Jun 2026 02:17 AM IST
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आज मलमास का समापन, 19 जून से शुरू होंगे शुभ कार्य
सिद्धार्थनगर। मलमास यानी अधिकमास के समापन के साथ ही 19 जून से मांगलिक कार्यों की शुरुआत होने जा रही है। शुभ मुहूर्त शुरू होते ही जिले के बाजारों में जहां रौनक लौट आई है। इस बार शादी-ब्याह और अन्य आयोजनों पर महंगाई की मार भी साफ दिखाई दे रही है।
कपड़ों से लेकर आभूषण, सजावट, टेंट, कैटरिंग और मिठाई तक लगभग सभी वस्तुओं और सेवाओं के दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे जहां बाजारों में चहल-पहल बढ़ी है, वहीं जिन परिवारों में विवाह और अन्य मांगलिक कार्यक्रम तय हैं, उनके बजट पर दबाव बढ़ गया है।
व्यापारियों के अनुसार इस बार कपड़ों की कीमतों में लगभग 10 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। वहीं, सोने-चांदी के दाम पहले से ही आसमान छू रहे हैं, जिससे आभूषण खरीदना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा बर्तन, फर्नीचर, गिफ्ट आइटम और सजावटी सामान के दामों में भी इजाफा हुआ है।
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जानकारों के मुताबिक सिर्फ खरीदारी ही नहीं बल्कि शादी समारोहों के आयोजन का खर्च भी बढ़ गया है। टेंट, लाइट, साउंड, फूल सजावट और कैटरिंग सेवाओं के शुल्क में बढ़ोतरी देखी जा रही है। डीजे और बैंड-बाजा संचालकों का कहना है कि डीजल, परिवहन और श्रमिक लागत बढ़ने के कारण उनकी दरों पर सीधा असर पड़ा है।
हालांकि बढ़ती महंगाई के बावजूद मांगलिक कार्यों को लेकर उत्साह कम नहीं हुआ है। नौगढ़, शोहरतगढ़, बढ़नी और बांसी के बाजारों में खरीदारी करने पहुंचे लोगों का कहना है कि बजट जरूर बिगड़ा है लेकिन शादी जैसे आयोजन टाले नहीं जा सकते।
शोहरतगढ़ निवासी प्रियांशु ने बताया कि परिवार में शादी तय है और इस बार सामान पहले की तुलना में महंगा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि खर्च बढ़ गया है लेकिन जरूरी खरीदारी करनी ही पड़ रही है।
व्यापारियों का कहना है कि शुभ मुहूर्त शुरू होने के साथ आने वाले दिनों में बाजारों में और अधिक भीड़ बढ़ने की संभावना है। जून के अंतिम सप्ताह और जुलाई में कारोबार और तेजी पकड़ सकता है।
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कहां बढ़ा खर्च
- शादी के कपड़े और परिधान
- सोने-चांदी के आभूषण
- टेंट और सजावट सामग्री
- कैटरिंग और मिठाई
- बैंड-बाजा और डीजे
- फर्नीचर व घरेलू सामान
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व्यवसायियों के सामने चुनौती
- पहले से कम रेट पर की गई एडवांस बुकिंग बनी परेशानी
- डीजल, मजदूरी और सामान की लागत बढ़ने से खर्च में इजाफा
- पुराने रेट पर सेवा देने से मुनाफा घटा, कई जगह नुकसान की स्थिति
- होटल, टेंट और कैटरिंग संचालक लागत और बुकिंग रेट में अंतर से परेशान
- भविष्य की बुकिंग में रेट संशोधन की तैयारी में जुटे व्यवसायी
(व्यवसायियों से बातचीत के आधार पर)
सिद्धार्थनगर। मलमास यानी अधिकमास के समापन के साथ ही 19 जून से मांगलिक कार्यों की शुरुआत होने जा रही है। शुभ मुहूर्त शुरू होते ही जिले के बाजारों में जहां रौनक लौट आई है। इस बार शादी-ब्याह और अन्य आयोजनों पर महंगाई की मार भी साफ दिखाई दे रही है।
कपड़ों से लेकर आभूषण, सजावट, टेंट, कैटरिंग और मिठाई तक लगभग सभी वस्तुओं और सेवाओं के दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे जहां बाजारों में चहल-पहल बढ़ी है, वहीं जिन परिवारों में विवाह और अन्य मांगलिक कार्यक्रम तय हैं, उनके बजट पर दबाव बढ़ गया है।
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व्यापारियों के अनुसार इस बार कपड़ों की कीमतों में लगभग 10 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। वहीं, सोने-चांदी के दाम पहले से ही आसमान छू रहे हैं, जिससे आभूषण खरीदना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा बर्तन, फर्नीचर, गिफ्ट आइटम और सजावटी सामान के दामों में भी इजाफा हुआ है।
जानकारों के मुताबिक सिर्फ खरीदारी ही नहीं बल्कि शादी समारोहों के आयोजन का खर्च भी बढ़ गया है। टेंट, लाइट, साउंड, फूल सजावट और कैटरिंग सेवाओं के शुल्क में बढ़ोतरी देखी जा रही है। डीजे और बैंड-बाजा संचालकों का कहना है कि डीजल, परिवहन और श्रमिक लागत बढ़ने के कारण उनकी दरों पर सीधा असर पड़ा है।
हालांकि बढ़ती महंगाई के बावजूद मांगलिक कार्यों को लेकर उत्साह कम नहीं हुआ है। नौगढ़, शोहरतगढ़, बढ़नी और बांसी के बाजारों में खरीदारी करने पहुंचे लोगों का कहना है कि बजट जरूर बिगड़ा है लेकिन शादी जैसे आयोजन टाले नहीं जा सकते।
शोहरतगढ़ निवासी प्रियांशु ने बताया कि परिवार में शादी तय है और इस बार सामान पहले की तुलना में महंगा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि खर्च बढ़ गया है लेकिन जरूरी खरीदारी करनी ही पड़ रही है।
व्यापारियों का कहना है कि शुभ मुहूर्त शुरू होने के साथ आने वाले दिनों में बाजारों में और अधिक भीड़ बढ़ने की संभावना है। जून के अंतिम सप्ताह और जुलाई में कारोबार और तेजी पकड़ सकता है।
कहां बढ़ा खर्च
- शादी के कपड़े और परिधान
- सोने-चांदी के आभूषण
- टेंट और सजावट सामग्री
- कैटरिंग और मिठाई
- बैंड-बाजा और डीजे
- फर्नीचर व घरेलू सामान
व्यवसायियों के सामने चुनौती
- पहले से कम रेट पर की गई एडवांस बुकिंग बनी परेशानी
- डीजल, मजदूरी और सामान की लागत बढ़ने से खर्च में इजाफा
- पुराने रेट पर सेवा देने से मुनाफा घटा, कई जगह नुकसान की स्थिति
- होटल, टेंट और कैटरिंग संचालक लागत और बुकिंग रेट में अंतर से परेशान
- भविष्य की बुकिंग में रेट संशोधन की तैयारी में जुटे व्यवसायी
(व्यवसायियों से बातचीत के आधार पर)