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Siddharthnagar News: नेपाल ने सीमावर्ती इलाकों में बढ़ाई कैमरे से निगरानी
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भारत नेपाल सीमा खुनुवा में लोगो की जांच करते एसएसबी की जवान। संवाद
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सिद्धार्थनगर। नेपाल में नई सरकार आने के बाद सीमा पर लगातार हलचल जारी है। अब नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों ने सीमावर्ती इलाकों और आवाजाही वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को सक्रिय किया है। कहा गया है कि सीमावर्ती क्षेत्र में होने वाली तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है। किसी संदिग्ध के पकड़े जाने पर सीसीटीवी फुटेज की मदद से उसकी हिस्ट्री खंगाली जा रही है कि किस बाॅर्डर से दाखिल हुआ और नेपाल में किस तरह की गतिविधियां रहीं।
सिद्धार्थनगर की 68 किलोमीटर लंबी सीमा नेपाल बॉर्डर से लगती है। आवाजाही के मुख्य मार्ग को छोड़ दिया जाए तो अन्य स्थानों पर कोई बैरिकेडिंग नहीं है। भारत में छोटी-बड़ी वारदात के बाद अपराधियों के नेपाल में जाकर छिप जाने के मामले अक्सर आते रहे हैं। नेपाल के अपराधी भारत में आकर छिपते रहे हैं। जेन जी आंदोलन के दौरान नेपाल की जेलों से भागे कई अपराधी भारत में आकर छिपे थे। नेपाल में बालेंद्र शाह की अगुवाई वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद सीमा पर सुरक्षा के साथ ही जांच की व्यवस्था भी सख्त की गई है। नेपाल पुलिस के अलावा सशस्त्र बल और गोपनीय एजेंसियां भी सक्रिय हैं। इस बीच संसद में बालेंद्र शाह सीमा संबंधी के बयान के बाद स्थितियां कुछ असहज हुई हैं और 16 जून को द्विपक्षीय बैठक के बाद निशानदेही की तैयारी चल रही है।
सूत्रों के मुताबिक संगठित अपराध और बाहरी दखल रोकने के लिए गोपनीय एजेंसियां भी काम रही हैं। अब गिरोह बंद अपराध में पकड़े जाने वालों की ट्रैवल और क्राइम हिस्ट्री खंगाली जाएगी। वहीं, बार-बार सीमा पार करने वाले संदिग्धों की भी कुंडली तैयार की जाएगी। नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि तकनीकी निगरानी बढ़ने से गैर कानूनी गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान आसान होगी और किसी भी वारदात में तत्काल कार्रवाई संभव हो सकेगी।
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बीते दिनों नेपाल के पश्चिम नवलपरासी जिले में सीमावर्ती क्षेत्रों से होने वाली चोरी-तस्करी, राजस्व चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए जिला पुलिस प्रशासन ने निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी है। जिला पुलिस प्रमुख एसपी रामबहादुर केसी ने सभी पुलिसकर्मियों को उच्च सतर्कता बरतने और तस्करी से जुड़े सभी संभावित मार्गों और कमियों को बंद करने के निर्देश दिए हैं। एसपी के अनुसार, सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त निगरानी, मोबाइल गश्त और विशेष चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। सीमा नाकों, भीतरी सड़कों तथा संभावित तस्करी मार्गों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है ताकि चोरी-तस्करी और राजस्व चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
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धरपकड़ अभियान का असर सीमा तक
नेपाल में बीते कुछ दिनों से चल रही धरपकड़ और सत्यापन अभियानों का असर सीमावर्ती क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है। नेपाल पुलिस और उनकी स्पेशल टीम की ओर से कई मामलों का पर्दाफाश किया जा चुका है। मादक पदार्थ, दवा और अन्य सामान बरामद किए गए हैं। इसमें नेपाली और भारतीय दोनों संदिग्ध पकड़े जा चुके हैं, इसीलिए बाॅर्डर पर जांच की व्यवस्था बढ़ाई जा रही है। नियमों और जांच में सख्ती का असर आम लोगों की आवाजाही पर भी पड़ रहा है।
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तकनीक की मदद से पकड़े गए थे पाकिस्तानी
नेपाल के सीमावर्ती जिले कपिलवस्तु के चंदरौटा में अप्रैल में आभूषण की दुकान में चोरी के मामले का पर्दाफाश हुआ। सीसीटीवी और डिजिटल निगरानी का सहारा लेते हुए दो पाकिस्तानी महिलाओं को पकड़ा गया था। इसके बाद उसी नेटवर्क की कड़ियां जोड़कर कैमरे और ट्रैवल हिस्ट्री के हिसाब से गिरोह से जुड़े दो और पाकिस्तानियों को दबोचा गया। इसमें टीम ने कई दिन तक जांच की थी। पकड़े गए पाकिस्तानी घूमने के लिए नेपाल में आए थे और यहां चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।
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बोले जिम्मेदार
सीमा पर लगातार जांच और निगरानी की जा रही है। अवैध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसका ध्यान रखा जा रहा है। इसके साथ ही अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों पर कार्रवाई जारी है। किसी भी हाल में अपराध या अपराधी को पनपने नहीं दिया जाएगा।
- मनोहर दत्त भट्ट, प्रहरी उपरीक्षक, एसपी कपिलवस्तु नेपाल
सिद्धार्थनगर की 68 किलोमीटर लंबी सीमा नेपाल बॉर्डर से लगती है। आवाजाही के मुख्य मार्ग को छोड़ दिया जाए तो अन्य स्थानों पर कोई बैरिकेडिंग नहीं है। भारत में छोटी-बड़ी वारदात के बाद अपराधियों के नेपाल में जाकर छिप जाने के मामले अक्सर आते रहे हैं। नेपाल के अपराधी भारत में आकर छिपते रहे हैं। जेन जी आंदोलन के दौरान नेपाल की जेलों से भागे कई अपराधी भारत में आकर छिपे थे। नेपाल में बालेंद्र शाह की अगुवाई वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद सीमा पर सुरक्षा के साथ ही जांच की व्यवस्था भी सख्त की गई है। नेपाल पुलिस के अलावा सशस्त्र बल और गोपनीय एजेंसियां भी सक्रिय हैं। इस बीच संसद में बालेंद्र शाह सीमा संबंधी के बयान के बाद स्थितियां कुछ असहज हुई हैं और 16 जून को द्विपक्षीय बैठक के बाद निशानदेही की तैयारी चल रही है।
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सूत्रों के मुताबिक संगठित अपराध और बाहरी दखल रोकने के लिए गोपनीय एजेंसियां भी काम रही हैं। अब गिरोह बंद अपराध में पकड़े जाने वालों की ट्रैवल और क्राइम हिस्ट्री खंगाली जाएगी। वहीं, बार-बार सीमा पार करने वाले संदिग्धों की भी कुंडली तैयार की जाएगी। नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि तकनीकी निगरानी बढ़ने से गैर कानूनी गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान आसान होगी और किसी भी वारदात में तत्काल कार्रवाई संभव हो सकेगी।
बीते दिनों नेपाल के पश्चिम नवलपरासी जिले में सीमावर्ती क्षेत्रों से होने वाली चोरी-तस्करी, राजस्व चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए जिला पुलिस प्रशासन ने निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी है। जिला पुलिस प्रमुख एसपी रामबहादुर केसी ने सभी पुलिसकर्मियों को उच्च सतर्कता बरतने और तस्करी से जुड़े सभी संभावित मार्गों और कमियों को बंद करने के निर्देश दिए हैं। एसपी के अनुसार, सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त निगरानी, मोबाइल गश्त और विशेष चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। सीमा नाकों, भीतरी सड़कों तथा संभावित तस्करी मार्गों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है ताकि चोरी-तस्करी और राजस्व चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
धरपकड़ अभियान का असर सीमा तक
नेपाल में बीते कुछ दिनों से चल रही धरपकड़ और सत्यापन अभियानों का असर सीमावर्ती क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है। नेपाल पुलिस और उनकी स्पेशल टीम की ओर से कई मामलों का पर्दाफाश किया जा चुका है। मादक पदार्थ, दवा और अन्य सामान बरामद किए गए हैं। इसमें नेपाली और भारतीय दोनों संदिग्ध पकड़े जा चुके हैं, इसीलिए बाॅर्डर पर जांच की व्यवस्था बढ़ाई जा रही है। नियमों और जांच में सख्ती का असर आम लोगों की आवाजाही पर भी पड़ रहा है।
तकनीक की मदद से पकड़े गए थे पाकिस्तानी
नेपाल के सीमावर्ती जिले कपिलवस्तु के चंदरौटा में अप्रैल में आभूषण की दुकान में चोरी के मामले का पर्दाफाश हुआ। सीसीटीवी और डिजिटल निगरानी का सहारा लेते हुए दो पाकिस्तानी महिलाओं को पकड़ा गया था। इसके बाद उसी नेटवर्क की कड़ियां जोड़कर कैमरे और ट्रैवल हिस्ट्री के हिसाब से गिरोह से जुड़े दो और पाकिस्तानियों को दबोचा गया। इसमें टीम ने कई दिन तक जांच की थी। पकड़े गए पाकिस्तानी घूमने के लिए नेपाल में आए थे और यहां चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।
बोले जिम्मेदार
सीमा पर लगातार जांच और निगरानी की जा रही है। अवैध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसका ध्यान रखा जा रहा है। इसके साथ ही अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों पर कार्रवाई जारी है। किसी भी हाल में अपराध या अपराधी को पनपने नहीं दिया जाएगा।
- मनोहर दत्त भट्ट, प्रहरी उपरीक्षक, एसपी कपिलवस्तु नेपाल