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मौसम का वार : इमरजेंसी में बढ़ गई मरीजों की संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 17 Jun 2026 01:50 AM IST
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24 घंटे में 15 से अधिक मरीज पहुंच रहे इमरजेंसी, ब्लड प्रेशर के मामले भी बढ़े
बढ़ती भीड़ को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन अलर्ट, दवाओं और बेड की व्यवस्था मजबूत
सिद्धार्थनगर। मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर अब लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। तेज धूप, उमस और तापमान में बदलाव के कारण उल्टी-दस्त, तेज बुखार और रक्तचाप संबंधी समस्याओं से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसका सबसे अधिक असर माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में देखने को मिल रहा है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से 24 घंटे के भीतर 12 से 15 मरीज केवल उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर इमरजेंसी पहुंच रहे हैं। इनमें कई मरीजों को शरीर में पानी की कमी और अत्यधिक कमजोरी के चलते भर्ती करना पड़ रहा है। वहीं, तेज बुखार और हाई व लो ब्लड प्रेशर के मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
चिकित्सकों का कहना है कि, तापमान में अचानक बदलाव, पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना और खानपान में लापरवाही स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण बन रहा है। विशेष रूप से बुजुर्ग, बच्चे और पहले से बीमार लोग इसकी चपेट में अधिक आ रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की है। इमरजेंसी वार्ड में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया गया है ताकि उपचार में किसी प्रकार की परेशानी न हो। गंभीर मरीजों की निगरानी के लिए भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
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मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. सीबी चौधरी ने बताया कि, ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक मौसम जनित बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ी है। मरीजों की स्थिति के अनुसार उन्हें भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से दोपहर की तेज धूप में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी पीने और ताजा भोजन करने की सलाह दी।
कहा कि बच्चों और बुजुर्गों की सेहत को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। बुखार, उल्टी या दस्त की शिकायत होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए, ताकि समय रहते बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सके।
बढ़ती भीड़ को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन अलर्ट, दवाओं और बेड की व्यवस्था मजबूत
सिद्धार्थनगर। मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर अब लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। तेज धूप, उमस और तापमान में बदलाव के कारण उल्टी-दस्त, तेज बुखार और रक्तचाप संबंधी समस्याओं से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसका सबसे अधिक असर माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में देखने को मिल रहा है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से 24 घंटे के भीतर 12 से 15 मरीज केवल उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर इमरजेंसी पहुंच रहे हैं। इनमें कई मरीजों को शरीर में पानी की कमी और अत्यधिक कमजोरी के चलते भर्ती करना पड़ रहा है। वहीं, तेज बुखार और हाई व लो ब्लड प्रेशर के मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
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चिकित्सकों का कहना है कि, तापमान में अचानक बदलाव, पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना और खानपान में लापरवाही स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण बन रहा है। विशेष रूप से बुजुर्ग, बच्चे और पहले से बीमार लोग इसकी चपेट में अधिक आ रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की है। इमरजेंसी वार्ड में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया गया है ताकि उपचार में किसी प्रकार की परेशानी न हो। गंभीर मरीजों की निगरानी के लिए भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. सीबी चौधरी ने बताया कि, ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक मौसम जनित बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ी है। मरीजों की स्थिति के अनुसार उन्हें भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से दोपहर की तेज धूप में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी पीने और ताजा भोजन करने की सलाह दी।
कहा कि बच्चों और बुजुर्गों की सेहत को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। बुखार, उल्टी या दस्त की शिकायत होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए, ताकि समय रहते बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सके।