{"_id":"6a6bbea2d11896fdf0061269","slug":"no-more-waiting-hassles-ct-scans-will-be-easily-available-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-162059-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: वेटिंग का झंझट होगा दूर, आसानी से होगी सीटी स्कैन जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: वेटिंग का झंझट होगा दूर, आसानी से होगी सीटी स्कैन जांच
Fri, 31 Jul 2026 02:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 31 Jul 2026 02:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के लिए अच्छी खबर है। सीटी स्कैन जांच के लिए न तो उन्हें दो दिन का इंतजार करना पड़ेगा और न ही जांच के लिए बाहर ही जाने की जरूरत होगी। मेडिकल कॉलेज में लगभग 10 करोड़ रुपये लागत वाली 128 स्लाइड की मशीन आ गई है। इसके संचालन को लेकर कागजी प्रक्रिया चल रही है, जल्द ही इसके शुरू होने की उम्मीद है।
जिला अस्पताल के माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में तब्दील होने के बाद नए डॉक्टर और जांच की सुविधाएं बढ़ी तो मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। मेडिकल कॉलेज के आंकड़ों पर गौर करें तो इन दिनों में दो हजार से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंच जा रहे हैं। इमरजेंसी में भी मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। मरीजों को त्वरित इलाज और जांच सुविधा मिल सके। इसके लिए पुरानी भवन, महिला अस्पताल और नए भवन में जांच और ओपीडी की सुविधा अलग-अलग विभागों की की गई है।
मेडिकल कॉलेज में मरीजों के अनुपात और बीमारी के लक्षण के आधार पर जांच के हिसाब से सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड जांच में दिक्कत होती है। मरीजों की संख्या के हिसाब से प्रतिदिन उतनी जांच संभव नहीं हो पाती है। आंकड़ों पर गौर करें तो प्रतिदिन 100 से अधिक मरीजों का सीटी स्कैन किया जा रहा है। इसमें भी क्रिटिकल केस आने के बाद सामान्य जांच वाले मरीज लटक जाते हैं या फिर देर से जांच की लिखी गई तो नंबर अगले दिन आता है। ऐसे में जो मरीज दूर से आते हैं या फिर जिन्हें बहुत जरूरी है, वह न चाहते हुए निजी केंद्रों पर जांच के लिए जाने को मजबूर होते हैं। ऐसे में उनकी जेब का बोझ भी बढ़ता है, वहीं मरीज को लाने-लेजाने में भी परेशानी होती है।
विज्ञापन
जांच में मरीजों को होने वाली दिक्कत को देखते हुए मेडिकल काॅलेज प्रशासन की ओर से एक और सीटी स्कैन मशीन लगाने जाने के लिए पहल की थी। शासन से मशीन की स्वीकृति के साथ ही लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत की मशीन आ गई है। टेक्नीशियन के अनुसार यह मशीन हाई क्वालिटी और पूर्ण रूप से डिजिटल है। पहले वाले मशीन जो संचालित हो रही है। वह 28 स्लाइड की थी। जबकि, इसी क्षमता 128 स्लाइड की है, जो बहुत बारीक समस्या को भी कैप्चर करेगी और जांच रिपोर्ट में हकीकत सामने आ जाएगी। जांच बहुत स्पष्ट होगा तो दवा करने में सहूलियत मिलेगी। मशीन को महिला अस्पताल में लगाया जाएगा। इसके लिए रूम भी तय कर लिया गया है। संचालन के संबंध में कागजी प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि जल्द ही यह मशीन मरीजों की सेवा में आ जाएगी।
-- -
दो मशीन हो जाने से नहीं लगाना पड़ेगा चक्कर
पहले से जो मशीन संचालित हो रही है, वह पुराने भवन में इमरजेंसी वार्ड के पास ही है। इस मशीन पर इसलिए दवा अधिक रहता है कि हादसे के शिकार मरीजों की कई बार तत्काल जांच करानी होती है। ऐसे में ओपीडी से आने वाले मरीजों का इंतजार बढ़ जाता है। जब नई मशीन शुरू हो जाएगी तो इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की यहां जांच हो जाएगी। साथ ही ओपीडी के सामान्य मरीजों की जांच भी आसानी से की जा सकेगी। भीड़ बढ़ने या अन्य मरीजों को दूसरी मशीन पर भेजा जाएगा। ऐसे में किसी को बिना जांच कराए नहीं लौटना पड़ेगा। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 100 मरीजों की जांच की जा रही है। एक और मशीन के शुरू होने से 200 की क्षमता हो जाएगी तो मरीजों को सहूलियत के साथ तत्काल जांच होगी और आसानी से इलाज हो जाएगा।
-- -
लगाई जाएगी एक और अल्ट्रासाउंड मशीन
मेडिकल काॅलेज में अभी तक एक अल्ट्रासाउंड मशीन से जांच की जा रही है। भीड़ अधिक होने के कारण लोगों को नंबर लगाना पड़ता है। पर जिन्हें तत्काल रिपोर्ट की जरूरत होती है, उन्हें मजबूर होकर निजी जांच केंद्रों पर जाना पड़ता है। इसके लिए उन्हें 600 से 800 रुपये तक जांच के लिए खर्च करने पड़ते हैं। अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन एक और मशीन लगाने की तैयारी में है, जिसके शुरू होने से मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उनकी जांच बिना देर किए हाे जाएगी।
-- -
बोले जिम्मेदार
एक और सीटी स्कैन मशीन जल्द ही शुरू होगी जो बहुत ही अच्छी और उच्च क्वालिटी की है। संचालन के लिए कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जल्द ही इस संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इससे मरीजों को जांच में काफी लाभ मिलेग। इसके अलावा एक अल्ट्रासाउंड मशीन और लगाई जाएगी।
प्रो. राजेश मोहन, प्राचार्य, माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल काॅलेज
विज्ञापन
जिला अस्पताल के माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में तब्दील होने के बाद नए डॉक्टर और जांच की सुविधाएं बढ़ी तो मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। मेडिकल कॉलेज के आंकड़ों पर गौर करें तो इन दिनों में दो हजार से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंच जा रहे हैं। इमरजेंसी में भी मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। मरीजों को त्वरित इलाज और जांच सुविधा मिल सके। इसके लिए पुरानी भवन, महिला अस्पताल और नए भवन में जांच और ओपीडी की सुविधा अलग-अलग विभागों की की गई है।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज में मरीजों के अनुपात और बीमारी के लक्षण के आधार पर जांच के हिसाब से सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड जांच में दिक्कत होती है। मरीजों की संख्या के हिसाब से प्रतिदिन उतनी जांच संभव नहीं हो पाती है। आंकड़ों पर गौर करें तो प्रतिदिन 100 से अधिक मरीजों का सीटी स्कैन किया जा रहा है। इसमें भी क्रिटिकल केस आने के बाद सामान्य जांच वाले मरीज लटक जाते हैं या फिर देर से जांच की लिखी गई तो नंबर अगले दिन आता है। ऐसे में जो मरीज दूर से आते हैं या फिर जिन्हें बहुत जरूरी है, वह न चाहते हुए निजी केंद्रों पर जांच के लिए जाने को मजबूर होते हैं। ऐसे में उनकी जेब का बोझ भी बढ़ता है, वहीं मरीज को लाने-लेजाने में भी परेशानी होती है।
विज्ञापन
जांच में मरीजों को होने वाली दिक्कत को देखते हुए मेडिकल काॅलेज प्रशासन की ओर से एक और सीटी स्कैन मशीन लगाने जाने के लिए पहल की थी। शासन से मशीन की स्वीकृति के साथ ही लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत की मशीन आ गई है। टेक्नीशियन के अनुसार यह मशीन हाई क्वालिटी और पूर्ण रूप से डिजिटल है। पहले वाले मशीन जो संचालित हो रही है। वह 28 स्लाइड की थी। जबकि, इसी क्षमता 128 स्लाइड की है, जो बहुत बारीक समस्या को भी कैप्चर करेगी और जांच रिपोर्ट में हकीकत सामने आ जाएगी। जांच बहुत स्पष्ट होगा तो दवा करने में सहूलियत मिलेगी। मशीन को महिला अस्पताल में लगाया जाएगा। इसके लिए रूम भी तय कर लिया गया है। संचालन के संबंध में कागजी प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि जल्द ही यह मशीन मरीजों की सेवा में आ जाएगी।
दो मशीन हो जाने से नहीं लगाना पड़ेगा चक्कर
पहले से जो मशीन संचालित हो रही है, वह पुराने भवन में इमरजेंसी वार्ड के पास ही है। इस मशीन पर इसलिए दवा अधिक रहता है कि हादसे के शिकार मरीजों की कई बार तत्काल जांच करानी होती है। ऐसे में ओपीडी से आने वाले मरीजों का इंतजार बढ़ जाता है। जब नई मशीन शुरू हो जाएगी तो इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की यहां जांच हो जाएगी। साथ ही ओपीडी के सामान्य मरीजों की जांच भी आसानी से की जा सकेगी। भीड़ बढ़ने या अन्य मरीजों को दूसरी मशीन पर भेजा जाएगा। ऐसे में किसी को बिना जांच कराए नहीं लौटना पड़ेगा। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 100 मरीजों की जांच की जा रही है। एक और मशीन के शुरू होने से 200 की क्षमता हो जाएगी तो मरीजों को सहूलियत के साथ तत्काल जांच होगी और आसानी से इलाज हो जाएगा।
लगाई जाएगी एक और अल्ट्रासाउंड मशीन
मेडिकल काॅलेज में अभी तक एक अल्ट्रासाउंड मशीन से जांच की जा रही है। भीड़ अधिक होने के कारण लोगों को नंबर लगाना पड़ता है। पर जिन्हें तत्काल रिपोर्ट की जरूरत होती है, उन्हें मजबूर होकर निजी जांच केंद्रों पर जाना पड़ता है। इसके लिए उन्हें 600 से 800 रुपये तक जांच के लिए खर्च करने पड़ते हैं। अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन एक और मशीन लगाने की तैयारी में है, जिसके शुरू होने से मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उनकी जांच बिना देर किए हाे जाएगी।
बोले जिम्मेदार
एक और सीटी स्कैन मशीन जल्द ही शुरू होगी जो बहुत ही अच्छी और उच्च क्वालिटी की है। संचालन के लिए कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जल्द ही इस संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इससे मरीजों को जांच में काफी लाभ मिलेग। इसके अलावा एक अल्ट्रासाउंड मशीन और लगाई जाएगी।
प्रो. राजेश मोहन, प्राचार्य, माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल काॅलेज