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Siddharthnagar News: 2067 गांवों को जल्द मिलेगा शुद्ध पानी, भागेंगी बीमारियां

संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Thu, 29 Jan 2026 11:52 PM IST
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Siddharthnagar News: 2067 villages will soon get pure water, diseases will run away
भनवापुर क्षेत्र के फत्तेपुर डुमरिया में अधूरा वाटर टैंक। संवाद
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- 95 करोड़ बकाया होने से अटकीं थीं 600 से अधिक पेयजल परियोजनाएं
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- 15 करोड़ रुपये मिलने से ठप काम फिर होंगे शुरू

सिद्धार्थनगर। जल जीवन मिशन के तहत जिले के 2067 गांवों को पेयजल से संतृप्त करने के लिए चलाई जा रही परियोजनाओं को संजीवनी मिली है। आठ माह से अधिक समय से भुगतान न होने के कारण ठप पड़े ओवरहेड टैंक और पाइपलाइन निर्माण के लिए शासन ने 15 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। ऐसे में अटकी परियोजनाओं पर फिर से काम शुरू हो सकेगा और जल्द ही लोगों को शुद्ध पेयजल की सुविधा मिलने लगेगी। इससे बीमारियां भी दूर भागने लगेंगी।
ग्रामीण इलाकों में शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए शुरू हुई हर घर जल योजना बजट के अभाव में अटक गई थी। 600 से अधिक परियोजनाओं में कहीं टंकी बनी तो कहीं पाइपलाइन बिछाकर छोड़ दी गई। कहीं सप्लाई के लिए टोटी तक लगा दी गई, लेकिन पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो पाई, क्योंकि इसको शुरू करने के लिए 95 करोड़ रुपये की जरूरत थी। इसमें 200 परियोजनाएं ऐसी थीं, जिनमें 10 से 15 प्रतिशत ही काम बचा था, लेकिन रुपये के अभाव में काम ठप हो गया। अब सरकार की ओर से जारी यह बजट उन परियोजनाओं को शुरू करने में मदद देगा, जहां बस थोड़े से काम बाकी हैं।
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जल जीवन मिशन के तहत जिले के 2067 गांवों को पेयजल से संतृप्त करने के लिए पूर्व में संचालित वाटर सप्लाई के अतिरिक्त 762 नई परियोजनाएं बननी थीं। इसके तहत वर्ष 2019-20 में 176 परियोजना पर कार्य शुरू हुआ था, जिनमें कुछ परियोजनाएं पूरी हुईं, कुछ अधूरी पड़ी हैं। अधिकांश परियोजनाएं संचालित नहीं हो सकी हैं। इसके बाद 586 परियोजनाओं पर कार्य शुरू हुआ था। इनमें भी कई पर काम अधूरे पड़े हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पहले चरण में जारी 15 करोड़ रुपये से उन परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां बहुत कम काम बचे हैं। अधिकारियों का कहना है कि शासन स्तर से चरणबद्ध तरीके से आगे भी बजट जारी किया जाएगा, ताकि 95 करोड़ के बकाया को धीरे-धीरे निपटाया जा सके। जिले में वर्तमान में 600 से अधिक पेयजल परियोजनाएं चल रही हैं, जिनमें से बड़ी संख्या वित्तीय संकट से प्रभावित रही है।
दो से चार करोड़ होने हैं खर्च
बता दें कि प्रत्येक पेयजल परियोजना के निर्माण पर दो से चार करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। इनमें तीन से अधिक गांव के टोले शामिल होने पर परियोजना की लागत बढ़ जाती है। इसके तहत एक लाख लीटर क्षमता की टंकी बनानी है। साथ ही बाउंड्रीवाॅल, पंपघर, बोरिंग व संबंधित गांवों के प्रत्येक घर तक वाटर सप्लाई के लिए पाइपलाइन बिछाई जानी है। कहीं 20 प्रतिशत तो कहीं 10 प्रतिशत काम शेष रहने के कारण पूरी परियोजना ठप हो गई। भुगतान अटकने से ठेकेदारों ने काम रोक दिया और विभागीय फाइलें शासन और जिले के बीच घूमती रहीं। इस दौरान ग्रामीणों को हैंडपंप और निजी साधनों पर निर्भर रहना पड़ा जबकि योजना कागजों में पूरी मानी जाती रही।
इस संबंध में एक्सईएन जल निगम संजय कुमार जायसवाल ने बताया कि परियोजना के लिए 15 करोड़ रुपये जारी हुए हैं, जो परियोजनाएं अंतिम चरण में हैं, उन्हें इस राशि से शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
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एक साल पहले पूरा होना था काम
बांसी ब्लॉक क्षेत्र के तेजगढ़ गांव में जल जीवन मिशन के तहत 220.77 लाख रुपये की लागत से पानी टंकी का निर्माण होना था, लेकिन काम पूरा नहीं हो सका। प्लांट पर लगे बोर्ड के अनुसार निर्माण कार्य पांच अप्रैल 2023 को शुरू होकर पांच दिसंबर 2024 को पूरा हो जाना था। अधूरे प्रोजेक्ट से यहां चार हजार आबादी शुद्ध पानी की किल्लत से जूझ रही है। इसी तरह कदमहवा गांव के टोला रामापुर और तिवारीपुर गांव में करोड़ों रुपये की लागत से बन रही पानी टंकी का निर्माण कार्य अधूरा है। कदमहवा ग्रामसभा में शामिल कुशलपुर, सेमरा, रमवापुर गांव की छह हजार आबादी को पेयजल सप्लाई का इंतजार है। तिवारीपुर में अभी केवल तीन तरफ से बाउंड्रीवॉल और पंप हाउस का काम हुआ है। अधूरे कार्य से गांव की तीन हजार आबादी को शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हो रहा है। कमोबेश यही हाल अन्य गांव की परियोजनाओं का है।
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ये है परियोजनाओं की सच्चाई
- कई गांवों में ओवरहेड टैंक बनकर तैयार

- पाइपलाइन बिछने के बाद भी जलापूर्ति शुरू नहीं हुई

- 8 माह से भुगतान न होने पर ठेकेदारों ने रोका काम
- ग्रामीणों को अब भी हैंडपंप और टैंकर का सहारा

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अब रफ्तार पकड़ेगी परियोजना
- पहले चरण में 15 करोड़ रुपये हुए रिलीज

- कम लागत व अंतिम चरण की परियोजनाएं पहले पूरी करनी होंगी

- शासन से आगे भी चरणबद्ध बजट जारी होने का भरोसा
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