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Siddharthnagar News: बाॅर्डर पर हाई अलर्ट... अपराधियों की लिस्ट तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 25 Jan 2026 12:15 AM IST
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भारत नेपाल सीमा ठोठरी बाजार लोगों की जांच करते एसएसबी के जवान। संवाद
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सिद्धार्थनगर। नेपाल में मार्च में होने वाले चुनाव को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले अपराधियों, तस्करों और असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए नेपाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां विशेष नजर बनाए हुए हैं।
वहीं संदिग्धों की निगरानी के साथ वॉच लिस्ट तैयार की जा रही है। जेन-जी आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में जेलों से अपराधी जेल से फरार हो गए थे। इसमें कुछ अभी तक मिसिंग भी हैं, जिनकी तलाश में काम चल रहा है। कानून व्यवस्था के मद्देनजर नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही एजेंसियों ने अपनी सक्रियता और तेज कर दी है।
सीमावर्ती इलाकों में गोपनीय सर्च अभियान चलाया जा रहा है ताकि मतदान से पहले ही संभावित गड़बड़ी फैलाने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जा सके। एजेंसियों को इनपुट मिला है कि कुछ बाहरी और संगठित तत्व चुनाव के दौरान माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों का फोकस खासतौर पर भारत-नेपाल सीमा से सटे जिलों पर है, जहां पहले भी चुनावी हिंसा, अवैध आवाजाही, तस्करी और आपराधिक गतिविधियों के मामले सामने आते रहे हैं। नेपाल पुलिस पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, संदिग्ध गतिविधियों और हालिया मूवमेंट के आधार पर नामों को वॉच लिस्ट में शामिल कर रही है, जिन लोगों पर पहले भी चुनाव प्रभावित करने, हिंसा भड़काने या फंडिंग नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप रहे हैं। उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित किया जा रहा है।
भारत-नेपाल सुरक्षा एजेंसियों के बीच बढ़ा तालमेल: चुनावी सुरक्षा को देखते हुए भारत और नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ा दिया गया है। चुनाव से पूर्व बाॅर्डर पर दोनों देश की एजेंसी और अधिकारियों की बैठक हो चुकी है। समन्वय स्थापित करते हुए जांच की जा रही है। सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है। संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही, सीमापार नेटवर्क और तस्करी रूट पर साझा निगरानी की जा रही है। सूत्र बताते हैं कि जरूरत पड़ने पर संयुक्त स्तर पर कार्रवाई की रणनीति भी तैयार की गई है ताकि किसी भी स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
गोपनीय सर्च ऑपरेशन, बिना शोर-शराबे के हो रही कार्रवाई: नेपाल सुरक्षा एजेंसी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, नेपाल पुलिस ने सीमावर्ती इलाकों में लो-प्रोफाइल लेकिन हाई-इंटेंसिटी सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। होटलों, लॉज, किराये के मकानों और संदिग्ध ठिकानों पर नजर रखी जा रही है। स्थानीय खुफिया नेटवर्क को भी सक्रिय किया गया है, जिससे हर छोटी सूचना एजेंसियों तक पहुंचे। अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई बिना शोर-शराबे के की जा रही है ताकि अपराधी सतर्क होकर बच न सकें।
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वहीं संदिग्धों की निगरानी के साथ वॉच लिस्ट तैयार की जा रही है। जेन-जी आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में जेलों से अपराधी जेल से फरार हो गए थे। इसमें कुछ अभी तक मिसिंग भी हैं, जिनकी तलाश में काम चल रहा है। कानून व्यवस्था के मद्देनजर नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही एजेंसियों ने अपनी सक्रियता और तेज कर दी है।
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सीमावर्ती इलाकों में गोपनीय सर्च अभियान चलाया जा रहा है ताकि मतदान से पहले ही संभावित गड़बड़ी फैलाने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जा सके। एजेंसियों को इनपुट मिला है कि कुछ बाहरी और संगठित तत्व चुनाव के दौरान माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों का फोकस खासतौर पर भारत-नेपाल सीमा से सटे जिलों पर है, जहां पहले भी चुनावी हिंसा, अवैध आवाजाही, तस्करी और आपराधिक गतिविधियों के मामले सामने आते रहे हैं। नेपाल पुलिस पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, संदिग्ध गतिविधियों और हालिया मूवमेंट के आधार पर नामों को वॉच लिस्ट में शामिल कर रही है, जिन लोगों पर पहले भी चुनाव प्रभावित करने, हिंसा भड़काने या फंडिंग नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप रहे हैं। उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित किया जा रहा है।
भारत-नेपाल सुरक्षा एजेंसियों के बीच बढ़ा तालमेल: चुनावी सुरक्षा को देखते हुए भारत और नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ा दिया गया है। चुनाव से पूर्व बाॅर्डर पर दोनों देश की एजेंसी और अधिकारियों की बैठक हो चुकी है। समन्वय स्थापित करते हुए जांच की जा रही है। सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है। संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही, सीमापार नेटवर्क और तस्करी रूट पर साझा निगरानी की जा रही है। सूत्र बताते हैं कि जरूरत पड़ने पर संयुक्त स्तर पर कार्रवाई की रणनीति भी तैयार की गई है ताकि किसी भी स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
गोपनीय सर्च ऑपरेशन, बिना शोर-शराबे के हो रही कार्रवाई: नेपाल सुरक्षा एजेंसी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, नेपाल पुलिस ने सीमावर्ती इलाकों में लो-प्रोफाइल लेकिन हाई-इंटेंसिटी सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। होटलों, लॉज, किराये के मकानों और संदिग्ध ठिकानों पर नजर रखी जा रही है। स्थानीय खुफिया नेटवर्क को भी सक्रिय किया गया है, जिससे हर छोटी सूचना एजेंसियों तक पहुंचे। अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई बिना शोर-शराबे के की जा रही है ताकि अपराधी सतर्क होकर बच न सकें।
