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Siddharthnagar News: चार दिन से लगातार बढ़ रहा राप्ती का जलस्तर, दहशत में ग्रामीण

Thu, 20 Aug 2026 12:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Thu, 20 Aug 2026 12:10 AM IST
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Siddharthnagar News: Rapti water level rising continuously for four days; villagers in a state of panic
डुमरियागंज क्षेत्र के रमवापुर उर्फ नेबुआ गांव का राजस्व गांव कोहल चक के मुख्य सड़क आया राप्ती न
- किसानों को धान की लहलहाती फसल डूबने का सताने लगा डर
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- डुमरियागंज क्षेत्र में राप्ती नदी के जलस्तर से पिछले चार दिन से लगातार मंडरा रहा खतरा
शाहपुर। डुमरियागंज क्षेत्र में राप्ती नदी का जलस्तर पिछले चार दिन से लगातार बढ़ रहा है। इसे देखकर ग्रामीणों और किसानों में डर और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि राप्ती का जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो बाढ़ आने से धान की लहलहाती फसल बर्बाद हो जाएगी।
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र गुजर कर जाने वली राप्ती नदी का जलस्तर में रविवार से बढ़ रहा है। बुधवार तक राप्ती नदी का दोनों छोर भर गए। लोगों ने कहा कि राप्ती नदी जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो दो से तीन दिन में नदी का पानी गांवों में घुसने लगेगा। इससे काफी नुकसान होने का अंदेशा है। पेड़ारी मुस्तहकम निवासी पप्पू चौधरी ने कहा राप्ती नदी जब उफनती है तो मछिया गांव की तरफ से नदी का पानी हमारे गांव में आ जाता है। बाढ़ के समय जानवरों को घर में रखना बढ़ा मुश्किल हो जाता है। राप्ती नदी का जलस्तर ऐसा ही बढ़ता रहा तो गांव में बहुत जल्द पानी घुस जाएगा।
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किसान सुदामा प्रसाद ने कहा धान की फसल लहलहा रही है। वहीं राप्ती नदी भी उफान पर है। बाढ़ आई तो सारी मेहनत पर पानी फिर जाएगा। वर्ष 2024 में भी धान की रोपाई के बाद आई बाढ़ में सारी फसल बर्बाद हो गई थी। तेनुई गांव निवासी मनोज पांडेय ने कहा राप्ती नदी तांडव से तंग आकर गांव से करीब 20 किलोमीटर दूर डुमरियागंज में घर बनवाकर बच्चों को पढ़ा-लिखा रहा हूं। शाहपुर से भोजपुर बांध निर्माण कार्य पूर्ण हो गया होता तो बाढ़ की चिंता नहीं रहती।
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रमवापुर उर्फ नेबुआ गांव निवासी सुकई गौड़ ने कहा शाहपुर से भोजपुर बांध निर्माण कार्य पिछले दो साल से बंद पड़ा है। वर्ष 2024 में आई बाढ़ में लोगों के घरों में पानी घुस गया था। बाढ़ के समय करीब 20 दिन रिश्तेदारों के घर रहना पड़ा था। आसपास के अन्य लोगों का भी यह दर्द है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही धड़कन भी बढ़ने लगी है।
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