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Siddharthnagar News: कॉन्वेंट की तर्ज पर साल में तीन बार होगा छात्रों का टेस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 29 Mar 2026 01:13 AM IST
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सिद्धार्थनगर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए नए सत्र में व्यापक बदलाव किया जा रहा है। पढ़ाई में शिक्षकों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। वहीं, बच्चों को भी पढ़ाई पर ध्यान देना होगा।
अब घर पर बैठकर उनकी उपस्थिति नहीं दर्ज होगी। वहीं, बिना पढ़े वे परीक्षा भी पास नहीं कर पाएंगे। 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की तैयारियों के लिए हर चार माह पर मॉक टेस्ट लिया जाएगा। इससे तैयारी की हकीकत सामने आएगी। इसमें जो बच्चे कमजोर होंगे उन्हें अतिरिक्त तैयारी कराई जाएगी। माना जा रहा है कि इससे शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जिले में राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्त विहीन के 200 से अधिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसमें कक्षा 9वीं से 12वीं तक करीब सवा लाख बच्चे पंजीकृत हैं। विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए सरकार की ओर से नियत नई व्यवस्था लागू की जाती है।
इस बार एक अप्रैल से शुरु हाेने वाले सत्र में कई प्रकार के बदलाव किए गए है। कॉन्वेंट की तर्ज पर प्रतिस्पर्धा पर जोर दिया गया है। उसी प्रकार से शिक्षा और उसी प्रकार से टेस्ट सहित अन्य प्रक्रिया तय की गई है। इसमें बच्चों की पढ़ाई के साथ शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ा दी गई है।
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अब घर पर बैठकर उनकी उपस्थिति नहीं दर्ज होगी। वहीं, बिना पढ़े वे परीक्षा भी पास नहीं कर पाएंगे। 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की तैयारियों के लिए हर चार माह पर मॉक टेस्ट लिया जाएगा। इससे तैयारी की हकीकत सामने आएगी। इसमें जो बच्चे कमजोर होंगे उन्हें अतिरिक्त तैयारी कराई जाएगी। माना जा रहा है कि इससे शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जिले में राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्त विहीन के 200 से अधिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसमें कक्षा 9वीं से 12वीं तक करीब सवा लाख बच्चे पंजीकृत हैं। विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए सरकार की ओर से नियत नई व्यवस्था लागू की जाती है।
इस बार एक अप्रैल से शुरु हाेने वाले सत्र में कई प्रकार के बदलाव किए गए है। कॉन्वेंट की तर्ज पर प्रतिस्पर्धा पर जोर दिया गया है। उसी प्रकार से शिक्षा और उसी प्रकार से टेस्ट सहित अन्य प्रक्रिया तय की गई है। इसमें बच्चों की पढ़ाई के साथ शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ा दी गई है।
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