{"_id":"6a3c2975c0429fc6c7096668","slug":"the-family-members-relented-after-the-arrest-of-the-accused-and-performed-the-last-rites-of-the-body-siddharthnagar-news-c-207-1-bst1001-161135-2026-06-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद माने परिजन, किया शव का अंतिम संस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद माने परिजन, किया शव का अंतिम संस्कार
विज्ञापन
मेहनौना गांव में मृतक के घर जुटी भीड़ एवं फोर्स। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बस्ती। लक्ष्मण निषाद की हत्या के दूसरे दिन बुधवार को गांव से लेकर पुलिस कार्यालय तक दिन भर माहौल गर्म रहा। मंगलवार को पोस्टमार्टम होने के बाद पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार कराने के लिए देर शाम तक भरसक काेशिश की, मगर परिजन शव लेकर लालगंज थाना क्षेत्र के महनौना गांव स्थित घर चले गए। बुधवार की दोपहर बाद जब एएसपी श्यामकांत ने मृतक के घर पहुंचकर आरोपियों की गिरफ्तारी कर लेने का वीडियो दिखाए तब परिजन राजी हुए। इसके बाद गांव के निकट मनोरमा नदी के तट पर शव का अंतिम संस्कार किया गया।
बता दें कि लालगंज थाना क्षेत्र के मेहनौना गांव में सोमवार की देर रात जमीन की रजिस्ट्री में गवाह बनने के विवाद में लक्ष्मण निषाद की पीट पीटकर हत्या कर दी गई थी। घटना से आक्रोशित ग्रामीणोंं ने आरोपियों के घर पर हमला बोल दिया। आक्रोशित भीड़ ने बाइक व अन्य सामानों को क्षतिग्रस्त कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी सुभावती देवी की तहरीर पर गांव निवासी सुधाकर पाल और सौरभ पाल एवं चार अज्ञात पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद से पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश भी देनी शुरू कर दी थी।
बुधवार सुबह से ही मृतक लक्ष्मण के घर शुभचिंतक, ग्रामीण और विभिन्न संगठनों के लोगों की भीड़ जुटने लगी। इस बीच परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव के अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिए। सूचना पर एसडीएम सदर हिमांशु कुमार और सीओ रुधौली कुलदीप यादव मौके पर पहुंचे। उनके समझाने के बाद भी परिजन नहीं मानें। दोपहर बाद बाद एएसपी श्यामकांत भी मृतक के घर पहुंचे और उन्होंने परिजनों को आरोपियों की गिरफ्तारी का वीडियो फुटेज दिखाया। तब परिजन शव के अंतिम संस्कार को राजी हुए।
विज्ञापन
वहीं गांव में तनावपूर्ण माहौल अभी भी बना हुआ है। एहतियातन गांव में पीएसी एवं पुलिस फोर्स तैनात की गई है। स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए एसपी डॉ. यशवीर सिंह खुद मॉनीटरिंग कर रहे हैं। लालगंज थाने में दोनों के खिलाफ विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने न्यायालय में पेश कर दिया। वहां से दोनों आरोपी को जेल भेज दिए गए।
-- -- -- -- -- -
गवाह बनने के विवाद में हुई थी लक्ष्मण की हत्या
मृतक की पत्नी के अनुसार मेहनौना गांव निवासी अनिल ने अपनी लगभग पांच बिस्वा जमीन कटाईजोत निवासी सोनू चौधरी को मई माह में बेच दी थी। जिसमें हत्यारोपी सुधाकर पाल ने गवाही की थी। जब अनिल की पत्नी रीता और पुत्र सत्यम को जमीन बिक्री की जानकारी हुई तो वे दिल्ली से गांव आकर जानकारी लेने के लिए गवाह के घर गए। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया था। अनिल के घर के सामने ही लक्ष्मण निषाद का भी घर है। अनिल का बेटा सत्यम और पत्नी रीता लक्ष्मण के घर ही खाना खाती थीं। आरोप है कि गवाह बने व्यक्ति को जमीन विक्रेता अनिल की पत्नी और बेटे का उठना बैठना नागवार गुजरा। इसीलिए गवाह बने व्यक्ति का विवाद सीधे लक्ष्मण हो गया।
कोट
दोनों हत्यारोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई है। गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। गिरफ्तारी के बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार हो गए हैं। उन्हें निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है।
-डॉ. यशवीर सिंह, एसपी।
बता दें कि लालगंज थाना क्षेत्र के मेहनौना गांव में सोमवार की देर रात जमीन की रजिस्ट्री में गवाह बनने के विवाद में लक्ष्मण निषाद की पीट पीटकर हत्या कर दी गई थी। घटना से आक्रोशित ग्रामीणोंं ने आरोपियों के घर पर हमला बोल दिया। आक्रोशित भीड़ ने बाइक व अन्य सामानों को क्षतिग्रस्त कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी सुभावती देवी की तहरीर पर गांव निवासी सुधाकर पाल और सौरभ पाल एवं चार अज्ञात पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद से पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश भी देनी शुरू कर दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार सुबह से ही मृतक लक्ष्मण के घर शुभचिंतक, ग्रामीण और विभिन्न संगठनों के लोगों की भीड़ जुटने लगी। इस बीच परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव के अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिए। सूचना पर एसडीएम सदर हिमांशु कुमार और सीओ रुधौली कुलदीप यादव मौके पर पहुंचे। उनके समझाने के बाद भी परिजन नहीं मानें। दोपहर बाद बाद एएसपी श्यामकांत भी मृतक के घर पहुंचे और उन्होंने परिजनों को आरोपियों की गिरफ्तारी का वीडियो फुटेज दिखाया। तब परिजन शव के अंतिम संस्कार को राजी हुए।
वहीं गांव में तनावपूर्ण माहौल अभी भी बना हुआ है। एहतियातन गांव में पीएसी एवं पुलिस फोर्स तैनात की गई है। स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए एसपी डॉ. यशवीर सिंह खुद मॉनीटरिंग कर रहे हैं। लालगंज थाने में दोनों के खिलाफ विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने न्यायालय में पेश कर दिया। वहां से दोनों आरोपी को जेल भेज दिए गए।
गवाह बनने के विवाद में हुई थी लक्ष्मण की हत्या
मृतक की पत्नी के अनुसार मेहनौना गांव निवासी अनिल ने अपनी लगभग पांच बिस्वा जमीन कटाईजोत निवासी सोनू चौधरी को मई माह में बेच दी थी। जिसमें हत्यारोपी सुधाकर पाल ने गवाही की थी। जब अनिल की पत्नी रीता और पुत्र सत्यम को जमीन बिक्री की जानकारी हुई तो वे दिल्ली से गांव आकर जानकारी लेने के लिए गवाह के घर गए। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया था। अनिल के घर के सामने ही लक्ष्मण निषाद का भी घर है। अनिल का बेटा सत्यम और पत्नी रीता लक्ष्मण के घर ही खाना खाती थीं। आरोप है कि गवाह बने व्यक्ति को जमीन विक्रेता अनिल की पत्नी और बेटे का उठना बैठना नागवार गुजरा। इसीलिए गवाह बने व्यक्ति का विवाद सीधे लक्ष्मण हो गया।
कोट
दोनों हत्यारोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई है। गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। गिरफ्तारी के बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार हो गए हैं। उन्हें निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है।
-डॉ. यशवीर सिंह, एसपी।