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Siddharthnagar News: लू में ‘कूल’ ड्रिंक का भ्रम, बढ़ रहा हीट स्ट्रोक का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 24 Apr 2026 06:15 AM IST
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दोपहर की तेज धूप में शहर के सिद्धार्थ तिराहे पर कपड़े से चेहरा टक्कर आते-जाते दिखे लोग।
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भीषण गर्मी में शराब-सोडा का कॉकटेल बढ़ा रहा खतरा, ओपीडी में 20-25 प्रतिशत मरीज बढ़े, डॉक्टरों ने दी सख्त चेतावनी
सिद्धार्थनगर। गर्मी से राहत के लिए अपनाया जा रहा ‘कूल ड्रिंक’ का फॉर्मूला अब उल्टा पड़ रहा है। जिले में शराब और सोडा काे साथ पीने का बढ़ता ट्रेंड शरीर को ठंडक नहीं दे रहा बल्कि हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के खतरे को बढ़ा रहा है। भीषण गर्मी और लू के बीच राहत के नाम पर लिया जा रहा ठंडा घूंट खतरनाक साबित हो रहा है और इसका सेवन करने वाले बीमार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
जिले में अल्कोहल में सोडा या कोल्ड ड्रिंक मिलाकर पीने का चलन तेजी से बढ़ा है, लेकिन डॉक्टर इसे सीधे तौर पर शरीर के साथ खिलवाड़ बता रहे हैं। यह कॉकटेल शरीर को ठंडक नहीं देता बल्कि अंदर से पानी खत्म कर हीट स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ा देता है। पिछले एक हफ्ते में जिले का तापमान 40 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चक्कर, उल्टी और तेज बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंतरिक आंकलन के अनुसार, ओपीडी में ऐसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या में 20-25 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।
शोहरतगढ़ क्षेत्र के रहने वाले 40 वर्षीय रामलाल (बदला हुआ नाम) को बीते दिनों हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल लाया गया। परिजनों के मुताबिक, उन्होंने खेत से लौटने के बाद शराब में सोडा मिलाकर पी थी, जिसके कुछ देर बाद ही चक्कर और उल्टी शुरू हो गई। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच में डिहाइड्रेशन और हीट एग्जॉशन की पुष्टि की। इसी तरह बांसी क्षेत्र से आए एक युवक को भी तेज बुखार और बेहोशी की हालत में भर्ती कराना पड़ा। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी में शराब के सेवन के बाद ऐसे मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
जिले के बांसी, इटवा, डुमरियागंज और ग्रामीण इलाकों के ढाबों व ठेकों पर शाम होते ही इसका ट्रेंड साफ नजर आता है। दिहाड़ी मजदूरों और युवाओं में यह धारणा तेजी से फैल रही है कि ठंडा मिलाकर शराब पीने से गर्मी का असर कम होता है जबकि हकीकत इसके बिल्कुल उलट है।
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एक्सपर्ट की राय
- मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. संजय कुमार बताते हैं, शराब एक डाईयूरेटिक है, यानी यह शरीर से पानी तेजी से बाहर निकालती है। लू के दौरान जब शरीर पहले से ही डिहाइड्रेशन से जूझ रहा होता है, तब शराब का सेवन खतरनाक हो जाता है। सोडा या कोल्ड ड्रिंक मिलाने से यह खतरा और बढ़ जाता है और हीट स्ट्रोक की स्थिति बन सकती है।
डॉ. गौरव दुबे कहते हैं, गर्मी में शरीर को पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की जरूरत होती है, लेकिन शराब और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स यह संतुलन बिगाड़ देते हैं। लोग इसे ठंडक समझते हैं जबकि यह शरीर को और ज्यादा कमजोर करता है।”
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इस तरह होती है प्रतिक्रिया
- मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जीएम शुक्ल के अनुसार गर्मी में शरीर का तापमान पहले से ही बढ़ा होता है। ऐसे में शराब लेने पर थर्मोरेगुलेशन सिस्टम प्रभावित होता है और शरीर खुद को ठंडा नहीं रख पाता। एथेनॉल एडीएच को दबाकर पानी तेजी से बाहर निकालता है, जिससे ब्लड वॉल्यूम कम होता है।
जब इसमें सोडा या कोल्ड ड्रिंक मिलती है तो ऑस्मोटिक इफेक्ट के कारण कोशिकाओं से पानी बाहर खींचता है और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन बढ़ता है। इससे दिमाग और दिल दोनों प्रभावित होते हैं और मरीज की हालत अचानक बिगड़ सकती है। यह कॉम्बिनेशन शरीर के कूलिंग सिस्टम को फेल कर देता है और सीधे हीट स्ट्रोक की स्थिति पैदा करता है।
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तीन चरण में दिखता है असर
- गर्मी में लोग शराब (एथेनॉल) को सोडा या कोल्ड ड्रिंक के साथ मिलाकर पी रहे हैं, जिसमें हाई शुगर और कार्बन डाइऑक्साइड मौजूद होती है। यह मिश्रण शरीर में पहुंचते ही एडीएच हार्मोन को दबाता है, जिससे पानी तेजी से बाहर निकलता है। साथ ही हाई शुगर खून की ऑस्मोलैलिटी बढ़ाकर कोशिकाओं से पानी खींचती है और गैस शरीर का थर्मल बैलेंस बिगाड़ती है। इसके चलते शरीर तेजी से डिहाइड्रेट हो जाता है, जिससे चक्कर, उल्टी, कमजोरी शुरू होती है और हालत बिगड़ने पर यह हीट स्ट्रोक व बेहोशी तक पहुंच सकती है।
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गर्मी का असर
- एक हफ्ते में ओपीडी में 20-25 प्रतिशत मरीज बढ़े
- चक्कर, उल्टी और बुखार के केस में इजाफा
- ग्रामीण क्षेत्रों से ज्यादा मरीज आ रहे
- दोपहर 12 से 4 बजे के बीच सबसे ज्यादा केस
- डिहाइड्रेशन और हीट एग्जॉशन प्रमुख वजह
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डॉक्टर की चेतावनी
- शराब शरीर से पानी तेजी से कम करती है
- सोडा/कोल्ड ड्रिंक मिलाने से डिहाइड्रेशन कई गुना बढ़ता है
- हीट स्ट्रोक का खतरा तेजी से बढ़ जाता है
- लक्षण: चक्कर, उल्टी, तेज बुखार, बेहोशी
- सलाह: पानी, ओआरएस, नींबू पानी जैसे पेय ही सुरक्षित
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जमीनी हकीकत
- बांसी, इटवा, डुमरियागंज में शाम को ठेकों पर भीड़
- मजदूर वर्ग में थकान मिटाने के नाम पर सेवन
- गांवों में इसे ठंडक देने वाला मानने का भ्रम
- सस्ती कोल्ड ड्रिंक के साथ खुलेआम परोसा जा रहा
- निगरानी और जागरूकता दोनों की कमी
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बचाव ही उपाय
- धूप से लौटते ही शराब से बचें
- पहले पर्याप्त पानी और नमक-चीनी का घोल लें
- खाली पेट शराब बिल्कुल न लें
- लक्षण दिखते ही तुरंत अस्पताल जाएं
- दिन के समय शराब का सेवन पूरी तरह टालें
(सभी सुझाव फिजिशियन डॉ. संजय कुमार के अनुसार )
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सिद्धार्थनगर। गर्मी से राहत के लिए अपनाया जा रहा ‘कूल ड्रिंक’ का फॉर्मूला अब उल्टा पड़ रहा है। जिले में शराब और सोडा काे साथ पीने का बढ़ता ट्रेंड शरीर को ठंडक नहीं दे रहा बल्कि हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के खतरे को बढ़ा रहा है। भीषण गर्मी और लू के बीच राहत के नाम पर लिया जा रहा ठंडा घूंट खतरनाक साबित हो रहा है और इसका सेवन करने वाले बीमार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
जिले में अल्कोहल में सोडा या कोल्ड ड्रिंक मिलाकर पीने का चलन तेजी से बढ़ा है, लेकिन डॉक्टर इसे सीधे तौर पर शरीर के साथ खिलवाड़ बता रहे हैं। यह कॉकटेल शरीर को ठंडक नहीं देता बल्कि अंदर से पानी खत्म कर हीट स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ा देता है। पिछले एक हफ्ते में जिले का तापमान 40 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चक्कर, उल्टी और तेज बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंतरिक आंकलन के अनुसार, ओपीडी में ऐसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या में 20-25 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।
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शोहरतगढ़ क्षेत्र के रहने वाले 40 वर्षीय रामलाल (बदला हुआ नाम) को बीते दिनों हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल लाया गया। परिजनों के मुताबिक, उन्होंने खेत से लौटने के बाद शराब में सोडा मिलाकर पी थी, जिसके कुछ देर बाद ही चक्कर और उल्टी शुरू हो गई। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच में डिहाइड्रेशन और हीट एग्जॉशन की पुष्टि की। इसी तरह बांसी क्षेत्र से आए एक युवक को भी तेज बुखार और बेहोशी की हालत में भर्ती कराना पड़ा। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी में शराब के सेवन के बाद ऐसे मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
जिले के बांसी, इटवा, डुमरियागंज और ग्रामीण इलाकों के ढाबों व ठेकों पर शाम होते ही इसका ट्रेंड साफ नजर आता है। दिहाड़ी मजदूरों और युवाओं में यह धारणा तेजी से फैल रही है कि ठंडा मिलाकर शराब पीने से गर्मी का असर कम होता है जबकि हकीकत इसके बिल्कुल उलट है।
एक्सपर्ट की राय
- मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. संजय कुमार बताते हैं, शराब एक डाईयूरेटिक है, यानी यह शरीर से पानी तेजी से बाहर निकालती है। लू के दौरान जब शरीर पहले से ही डिहाइड्रेशन से जूझ रहा होता है, तब शराब का सेवन खतरनाक हो जाता है। सोडा या कोल्ड ड्रिंक मिलाने से यह खतरा और बढ़ जाता है और हीट स्ट्रोक की स्थिति बन सकती है।
डॉ. गौरव दुबे कहते हैं, गर्मी में शरीर को पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की जरूरत होती है, लेकिन शराब और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स यह संतुलन बिगाड़ देते हैं। लोग इसे ठंडक समझते हैं जबकि यह शरीर को और ज्यादा कमजोर करता है।”
इस तरह होती है प्रतिक्रिया
- मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जीएम शुक्ल के अनुसार गर्मी में शरीर का तापमान पहले से ही बढ़ा होता है। ऐसे में शराब लेने पर थर्मोरेगुलेशन सिस्टम प्रभावित होता है और शरीर खुद को ठंडा नहीं रख पाता। एथेनॉल एडीएच को दबाकर पानी तेजी से बाहर निकालता है, जिससे ब्लड वॉल्यूम कम होता है।
जब इसमें सोडा या कोल्ड ड्रिंक मिलती है तो ऑस्मोटिक इफेक्ट के कारण कोशिकाओं से पानी बाहर खींचता है और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन बढ़ता है। इससे दिमाग और दिल दोनों प्रभावित होते हैं और मरीज की हालत अचानक बिगड़ सकती है। यह कॉम्बिनेशन शरीर के कूलिंग सिस्टम को फेल कर देता है और सीधे हीट स्ट्रोक की स्थिति पैदा करता है।
तीन चरण में दिखता है असर
- गर्मी में लोग शराब (एथेनॉल) को सोडा या कोल्ड ड्रिंक के साथ मिलाकर पी रहे हैं, जिसमें हाई शुगर और कार्बन डाइऑक्साइड मौजूद होती है। यह मिश्रण शरीर में पहुंचते ही एडीएच हार्मोन को दबाता है, जिससे पानी तेजी से बाहर निकलता है। साथ ही हाई शुगर खून की ऑस्मोलैलिटी बढ़ाकर कोशिकाओं से पानी खींचती है और गैस शरीर का थर्मल बैलेंस बिगाड़ती है। इसके चलते शरीर तेजी से डिहाइड्रेट हो जाता है, जिससे चक्कर, उल्टी, कमजोरी शुरू होती है और हालत बिगड़ने पर यह हीट स्ट्रोक व बेहोशी तक पहुंच सकती है।
गर्मी का असर
- एक हफ्ते में ओपीडी में 20-25 प्रतिशत मरीज बढ़े
- चक्कर, उल्टी और बुखार के केस में इजाफा
- ग्रामीण क्षेत्रों से ज्यादा मरीज आ रहे
- दोपहर 12 से 4 बजे के बीच सबसे ज्यादा केस
- डिहाइड्रेशन और हीट एग्जॉशन प्रमुख वजह
डॉक्टर की चेतावनी
- शराब शरीर से पानी तेजी से कम करती है
- सोडा/कोल्ड ड्रिंक मिलाने से डिहाइड्रेशन कई गुना बढ़ता है
- हीट स्ट्रोक का खतरा तेजी से बढ़ जाता है
- लक्षण: चक्कर, उल्टी, तेज बुखार, बेहोशी
- सलाह: पानी, ओआरएस, नींबू पानी जैसे पेय ही सुरक्षित
जमीनी हकीकत
- बांसी, इटवा, डुमरियागंज में शाम को ठेकों पर भीड़
- मजदूर वर्ग में थकान मिटाने के नाम पर सेवन
- गांवों में इसे ठंडक देने वाला मानने का भ्रम
- सस्ती कोल्ड ड्रिंक के साथ खुलेआम परोसा जा रहा
- निगरानी और जागरूकता दोनों की कमी
बचाव ही उपाय
- धूप से लौटते ही शराब से बचें
- पहले पर्याप्त पानी और नमक-चीनी का घोल लें
- खाली पेट शराब बिल्कुल न लें
- लक्षण दिखते ही तुरंत अस्पताल जाएं
- दिन के समय शराब का सेवन पूरी तरह टालें
(सभी सुझाव फिजिशियन डॉ. संजय कुमार के अनुसार )

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