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Sitapur News: कटानरोधी परियोजना का 15 फीसदी काम अधूरा
Fri, 17 Jul 2026 12:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 17 Jul 2026 12:42 AM IST
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रामपुर मथुरा इलाके में सरयू नदी के किनारे बनाई जा रही ठोकर। - संवाद
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रामपुर मथुरा। बाढ़ व कटान की रोकथाम के लिए करीब 15.48 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन कटानरोधी परियोजनाएं (ठोकर) अभी पूरी नहीं हो सकी हैं। लगभग 15 फीसदी काम अधूरा है। इस बीच बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी व मानसून के रफ्तार पकड़ने से सरयू नदी के उफनाने के आसार बन रहे हैं। ऐसे में अधूरी परियोजनाओं को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं।
हांलाकि, बाढ़ खंड बाराबंकी के अधिकारियों का दावा है कि परियोजना सुरक्षात्मक स्तर तक पूरी कर ली गई है। अब बाढ़ आने पर भी परियोजना को कोई खतरा नहीं पहुंच सकता है। सरयू नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं, लेकिन बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी से किसी भी समय नदी उफना सकती है।
तटबंध की सुरक्षा व कटान रोकने के लिए शुकुलपुरवा में तीन ठोकरें (स्पर) का निर्माण कराया जा रहा है। नयापुरवा और कोठार के मध्य बन रहीं इन ठोकरों की लंबाई क्रमशः 450 मीटर, 270 मीटर और 395 मीटर है। इस परियोजना का उद्देश्य सरयू नदी के तेज कटान से तटबंध की सुरक्षा करना है।
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ग्रामीणों के अनुसार ठोकरों का लगभग 85 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका है। स्पर पर खड़ंजा लगाने व बरसात के कारण कुछ जगहों पर धंसी मिट्टी व पत्थर की मरम्मत का कार्य बाकी है। यह कार्य जून माह के अंत तक पूरा हो जाना चाहिए था।
ग्रामीण देशराज, इंद्रपाल, नरेश व परसू ने बताया कि यदि अचानक बाढ़ या तेज कटान शुरू हुआ तो तटवर्ती गांव इसकी जद में आ सकते हैं। वहीं, अधिकारी परियोजना का कार्य सुरक्षात्मक स्तर तक पूरा होने का दावा कर रहे हैं।
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हांलाकि, बाढ़ खंड बाराबंकी के अधिकारियों का दावा है कि परियोजना सुरक्षात्मक स्तर तक पूरी कर ली गई है। अब बाढ़ आने पर भी परियोजना को कोई खतरा नहीं पहुंच सकता है। सरयू नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं, लेकिन बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी से किसी भी समय नदी उफना सकती है।
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तटबंध की सुरक्षा व कटान रोकने के लिए शुकुलपुरवा में तीन ठोकरें (स्पर) का निर्माण कराया जा रहा है। नयापुरवा और कोठार के मध्य बन रहीं इन ठोकरों की लंबाई क्रमशः 450 मीटर, 270 मीटर और 395 मीटर है। इस परियोजना का उद्देश्य सरयू नदी के तेज कटान से तटबंध की सुरक्षा करना है।
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ग्रामीणों के अनुसार ठोकरों का लगभग 85 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका है। स्पर पर खड़ंजा लगाने व बरसात के कारण कुछ जगहों पर धंसी मिट्टी व पत्थर की मरम्मत का कार्य बाकी है। यह कार्य जून माह के अंत तक पूरा हो जाना चाहिए था।
ग्रामीण देशराज, इंद्रपाल, नरेश व परसू ने बताया कि यदि अचानक बाढ़ या तेज कटान शुरू हुआ तो तटवर्ती गांव इसकी जद में आ सकते हैं। वहीं, अधिकारी परियोजना का कार्य सुरक्षात्मक स्तर तक पूरा होने का दावा कर रहे हैं।