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Sitapur News: आस्था के मार्ग पर भक्ति में डूबे श्रद्धालु, गूंजे जयकारें
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 21 May 2026 12:22 AM IST
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सीतापुर। नैमिषधाम की 84 कोसी परिक्रमा बुधवार को प्रथम पड़ाव कोरौना से दूसरे पड़ाव हर्रैया के लिए रवाना हो गई। ब्रह्म मुहूर्त में ही साधु-संतों और श्रद्धालुओं का जत्था भजन-कीर्तन करते हुए आगे गंतव्य की ओर बढ़ चला। ढोल-मंजीरे की धुन और हर-हर महादेव व जय श्रीराम के जयघोषों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
परिक्रमा का शुभारंभ नैमिष से महंत गोविंददास की अगुवाई में हुआ था। अधिकमास के उपलक्ष्य में शुरू की गई इस 84 कोसी यात्रा में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हैं। प्रथम पड़ाव कोरौना पहुंचने पर मंगलवार को श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ यात्रा का स्वागत किया था। बुधवार को दूसरे पड़ाव जनपद हरदोई के हर्रैया के लिए रवाना होते समय भी श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला।
महंत गोविंददास ने बताया कि यह परिक्रमा चित्रकूट से चलकर यहां पहुंची है और नैमिष क्षेत्र की 84 कोसी यात्रा पूर्ण करेगी। उन्होंने कहा कि इस माह में पहली बार यह परिक्रमा शुरू की जा रही है। अब यह परिक्रमा प्रत्येक वर्ष आयोजित की जाएगी। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पानी, विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाओं की निःशुल्क व्यवस्था समिति की ओर से कराई जा रही है। बुधवार सुबह श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए यात्रा मार्ग पर आगे बढ़ते रहे। महिला, पुरुष और बुजुर्ग श्रद्धालु बड़ी संख्या में परिक्रमा में शामिल नजर आए। परिक्रमा रामगढ़, पहला और सोनारी होते हुए दूसरे पड़ाव हर्रैया की ओर रवाना हो गई। इस बीच परिक्रमार्थियों ने आदि गंगा गोमती में स्नान कर पूजा-अर्चना की। कई श्रद्धालु कैलाश आश्रम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर आगे बढ़ गए।
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परिक्रमा का शुभारंभ नैमिष से महंत गोविंददास की अगुवाई में हुआ था। अधिकमास के उपलक्ष्य में शुरू की गई इस 84 कोसी यात्रा में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हैं। प्रथम पड़ाव कोरौना पहुंचने पर मंगलवार को श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ यात्रा का स्वागत किया था। बुधवार को दूसरे पड़ाव जनपद हरदोई के हर्रैया के लिए रवाना होते समय भी श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला।
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महंत गोविंददास ने बताया कि यह परिक्रमा चित्रकूट से चलकर यहां पहुंची है और नैमिष क्षेत्र की 84 कोसी यात्रा पूर्ण करेगी। उन्होंने कहा कि इस माह में पहली बार यह परिक्रमा शुरू की जा रही है। अब यह परिक्रमा प्रत्येक वर्ष आयोजित की जाएगी। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पानी, विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाओं की निःशुल्क व्यवस्था समिति की ओर से कराई जा रही है। बुधवार सुबह श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए यात्रा मार्ग पर आगे बढ़ते रहे। महिला, पुरुष और बुजुर्ग श्रद्धालु बड़ी संख्या में परिक्रमा में शामिल नजर आए। परिक्रमा रामगढ़, पहला और सोनारी होते हुए दूसरे पड़ाव हर्रैया की ओर रवाना हो गई। इस बीच परिक्रमार्थियों ने आदि गंगा गोमती में स्नान कर पूजा-अर्चना की। कई श्रद्धालु कैलाश आश्रम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर आगे बढ़ गए।