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Sitapur News: जल जीवन मिशन योजना में लापरवाही का ग्रहण
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 16 Mar 2026 12:35 AM IST
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सीतापुर। सीतापुर। शासन की महत्वाकांक्षी जलजीवन मिशन योजना जिले के कई गांवों में अभी भी अधूरी पड़ी है। शुरुआत में कार्य तेजी से हुआ, लेकिन बाद में लापरवाही के कारण योजना की रफ्तार थम गई। नतीजतन कई गांवों में वर्षों बाद भी ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल की सुविधा नहीं मिल सकी है।
मछरेहटा और महोली क्षेत्र के कई गांवों में पानी की टंकियां बनकर तैयार हैं, लेकिन पाइपलाइन का कार्य अधूरा होने से जलापूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना का काम लंबे समय से ठप पड़ा है, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
मछरेहटा विकासखंड की ग्राम पंचायत राठौरपुर में पानी की टंकी का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन कई स्थानों पर अभी तक पाइप नहीं बिछाई गई है। इससे घरों तक शुद्ध पानी पहुंचाने का उद्देश्य अधूरा रह गया है। इसी ग्राम पंचायत में विकासखंड मुख्यालय के साथ मछरेहटा थाना भी स्थित है, लेकिन यहां भी कई जगह भूमिगत पाइपलाइन नहीं डाली गई है।
रास्तों पर जलभराव और कीचड़
राठौरपुर ग्राम पंचायत के ऊंचेवाली बाजार में पाइप डालने के लिए सड़क की खुदाई तो कर दी गई, लेकिन पाइप नहीं डाली गई। इससे रास्तों पर जलभराव और कीचड़ की समस्या बनी हुई है। सप्ताह में दो दिन यहां बाजार लगती है, जहां सैकड़ों ग्रामीणों का आना-जाना रहता है। ग्रामीण राहुल कुमार, शोभित कुमार, दीपक पटेल, गिरीश कुमार, रवि पटेल और अनुपम सिंह ने बताया कि करीब पांच हजार की आबादी वाले गांव में अब तक शुद्ध पेयजल की सुविधा नहीं मिल सकी है। उन्होंने शीघ्र जलापूर्ति शुरू कराने की मांग की है।
करीब दो सौ मीटर पाइप डालने का काम बाकी है। अधिकांश स्थानों पर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। जहां पाइप नहीं डाली गई है, वहां जल्द काम पूरा कराकर जलापूर्ति शुरू कराई जाएगी।
— मोहित पांडेय, अवर अभियंता, जल निगम
चंद्रा गांव में भी अधूरी योजना
महोली तहसील क्षेत्र के ग्राम चंद्रा में कंपोजिट विद्यालय के पीछे पानी की टंकी का निर्माण शुरू होने पर ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन वर्षों बाद भी योजना पूरी नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि पाइपलाइन डालने के लिए गांव की आरसीसी सड़क और खड़ंजे की खुदाई कर दी गई थी, लेकिन बाद में मरम्मत में खानापूर्ति कर दी गई। जब योजना का काम शुरू हुआ था, तब एक वर्ष में जलापूर्ति शुरू करने का दावा किया गया था, लेकिन लंबे समय बीतने के बाद भी ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है।
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मछरेहटा और महोली क्षेत्र के कई गांवों में पानी की टंकियां बनकर तैयार हैं, लेकिन पाइपलाइन का कार्य अधूरा होने से जलापूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना का काम लंबे समय से ठप पड़ा है, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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मछरेहटा विकासखंड की ग्राम पंचायत राठौरपुर में पानी की टंकी का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन कई स्थानों पर अभी तक पाइप नहीं बिछाई गई है। इससे घरों तक शुद्ध पानी पहुंचाने का उद्देश्य अधूरा रह गया है। इसी ग्राम पंचायत में विकासखंड मुख्यालय के साथ मछरेहटा थाना भी स्थित है, लेकिन यहां भी कई जगह भूमिगत पाइपलाइन नहीं डाली गई है।
रास्तों पर जलभराव और कीचड़
राठौरपुर ग्राम पंचायत के ऊंचेवाली बाजार में पाइप डालने के लिए सड़क की खुदाई तो कर दी गई, लेकिन पाइप नहीं डाली गई। इससे रास्तों पर जलभराव और कीचड़ की समस्या बनी हुई है। सप्ताह में दो दिन यहां बाजार लगती है, जहां सैकड़ों ग्रामीणों का आना-जाना रहता है। ग्रामीण राहुल कुमार, शोभित कुमार, दीपक पटेल, गिरीश कुमार, रवि पटेल और अनुपम सिंह ने बताया कि करीब पांच हजार की आबादी वाले गांव में अब तक शुद्ध पेयजल की सुविधा नहीं मिल सकी है। उन्होंने शीघ्र जलापूर्ति शुरू कराने की मांग की है।
करीब दो सौ मीटर पाइप डालने का काम बाकी है। अधिकांश स्थानों पर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। जहां पाइप नहीं डाली गई है, वहां जल्द काम पूरा कराकर जलापूर्ति शुरू कराई जाएगी।
— मोहित पांडेय, अवर अभियंता, जल निगम
चंद्रा गांव में भी अधूरी योजना
महोली तहसील क्षेत्र के ग्राम चंद्रा में कंपोजिट विद्यालय के पीछे पानी की टंकी का निर्माण शुरू होने पर ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन वर्षों बाद भी योजना पूरी नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि पाइपलाइन डालने के लिए गांव की आरसीसी सड़क और खड़ंजे की खुदाई कर दी गई थी, लेकिन बाद में मरम्मत में खानापूर्ति कर दी गई। जब योजना का काम शुरू हुआ था, तब एक वर्ष में जलापूर्ति शुरू करने का दावा किया गया था, लेकिन लंबे समय बीतने के बाद भी ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है।