{"_id":"69614b589e881ad3a80ccd3c","slug":"fir-against-six-on-court-orders-sitapur-news-c-102-1-slko1037-147877-2026-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: कोर्ट के आदेश पर छह पर एफआईआर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: कोर्ट के आदेश पर छह पर एफआईआर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 10 Jan 2026 12:09 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
सीतापुर। थानगांव के कैथोरा गांव के मजरा बैजवारी निवासी कुलदीप के सगे भाई ने अपनी मां की मौत के बाद एक अन्य महिला को गलत ढंग से निबंधक कार्यालय में प्रस्तुत कर बैनामा करा लिया। कुलदीप ने अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट संख्या 2 के माध्यम से छह आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
पीड़ित कुलदीप ने बताया कि उनके पिता हरेराम की मृत्यु 8 जुलाई 2020 को हो गई थी। पिता हरेराम की मृत्यु के बाद जमीन उनके सगे बड़े भाई बद्री प्रसाद और कौशल, उनके और उनकी मां गंगा देवी के नाम आ गई थी। वरासत राजस्व अभिलेखों में दर्ज भी हो गई थी। बताया कि 8 सितंबर 2021 को उनकी मां गंगादेवी की भी मृत्यु हो गई थी। पीड़ित ने अपने भाइयों बद्रीप्रसाद और कौशल के साथ मिलकर ग्रामीणों के सामने मां का अंतिम संस्का किया था।
उनकी मां के नाम आई भूमि उनके व अन्य दोनों भाइयों के नाम आनी चाहिए थी। बताया कि उनके एक भाई कौशल ने छल कर उनकी मां की मृत्यु के दो दिन बाद ही किसी अन्य महिला को कूटरचित ढंग से उपनिबंधक कार्यालय बिसवां ले जाकर 10 सितंबर को बैनामा करवा दिया। बताया कि इसमें उनके भाई बद्रीप्रसाद, मिश्रनपुरवा निवासी लक्ष्मीकांत, कैथोरा निवासी मोहित, तोताराम और मिथिलेश शामिल रहे। बताया कि जब उन्हें इस फर्जी बैनामा की जानकारी हुई। तब उन्होंने इसकी शिकायत की। जांच के दौरान उनकी मां की मृत्यु विपक्षियों ने 13 सितंबर को होना बताया।
जबकि पंचायत राज विभाग से जारी मृत्यु प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराया गया। इसके बाद तहसीलदार बिसवां ने थानगांव में एफआईआर कराने का सुझाव दिया। पीड़ित का आरोप है कि जब वह थानगांव गया तो उसे बिसवां में एफआईआर कराने के लिए कहा गया। पीड़ित दोनों थानों के चक्कर लगाते-लगाते थक गया। इसके बाद एसपी को रजिस्टर्ड डाक से शिकायती पत्र दिया। कोई कार्रवाई न होती देख पीड़ित ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर बिसवां में उनके विपक्षी कौशल, बद्रीप्रसाद, लक्ष्मीकांत, मोहित, तोताराम और मिथिलेश पर गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। प्रभारी निरीक्षक मुकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
Trending Videos
पीड़ित कुलदीप ने बताया कि उनके पिता हरेराम की मृत्यु 8 जुलाई 2020 को हो गई थी। पिता हरेराम की मृत्यु के बाद जमीन उनके सगे बड़े भाई बद्री प्रसाद और कौशल, उनके और उनकी मां गंगा देवी के नाम आ गई थी। वरासत राजस्व अभिलेखों में दर्ज भी हो गई थी। बताया कि 8 सितंबर 2021 को उनकी मां गंगादेवी की भी मृत्यु हो गई थी। पीड़ित ने अपने भाइयों बद्रीप्रसाद और कौशल के साथ मिलकर ग्रामीणों के सामने मां का अंतिम संस्का किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
उनकी मां के नाम आई भूमि उनके व अन्य दोनों भाइयों के नाम आनी चाहिए थी। बताया कि उनके एक भाई कौशल ने छल कर उनकी मां की मृत्यु के दो दिन बाद ही किसी अन्य महिला को कूटरचित ढंग से उपनिबंधक कार्यालय बिसवां ले जाकर 10 सितंबर को बैनामा करवा दिया। बताया कि इसमें उनके भाई बद्रीप्रसाद, मिश्रनपुरवा निवासी लक्ष्मीकांत, कैथोरा निवासी मोहित, तोताराम और मिथिलेश शामिल रहे। बताया कि जब उन्हें इस फर्जी बैनामा की जानकारी हुई। तब उन्होंने इसकी शिकायत की। जांच के दौरान उनकी मां की मृत्यु विपक्षियों ने 13 सितंबर को होना बताया।
जबकि पंचायत राज विभाग से जारी मृत्यु प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराया गया। इसके बाद तहसीलदार बिसवां ने थानगांव में एफआईआर कराने का सुझाव दिया। पीड़ित का आरोप है कि जब वह थानगांव गया तो उसे बिसवां में एफआईआर कराने के लिए कहा गया। पीड़ित दोनों थानों के चक्कर लगाते-लगाते थक गया। इसके बाद एसपी को रजिस्टर्ड डाक से शिकायती पत्र दिया। कोई कार्रवाई न होती देख पीड़ित ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर बिसवां में उनके विपक्षी कौशल, बद्रीप्रसाद, लक्ष्मीकांत, मोहित, तोताराम और मिथिलेश पर गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। प्रभारी निरीक्षक मुकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।