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Sitapur News: औषधीय खेती ने बदली महिलाओं की तकदीर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 30 Mar 2026 12:44 AM IST
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सीतापुर। महिला किसानों के लिए औषधीय खेती फायदेमंद साबित हो रही है। बिसवां ब्लॉक की नौ कृषि सखियाें ने औषधीय खेती कर अपनी तकदीर बदल ली है। अब इनसे अन्य ग्रामीण महिलाएं प्रेरणा ले रही हैं। यह सभी कृषि सखियाें के खेतों में ब्लू कार्न के फूल खिले हैं। इससे उन्हें एक बीघे खेत में 50 हजार रुपये से अधिक का फायदा होगा।
बिसवां ब्लॉक की कृषि सखी आरती, किरन, रुचि, पूनम देवी, सरिता मिश्रा, रैनावती, वंदना देवी, सीता देवी और शशिबाला पूर्व में गेहूं और धान की पारंपरिक खेती करती थीं। इसमें अधिक फायदा नहीं होता था। केवीके कटिया, कृषि विभाग के विशेषज्ञों और एनआरएलएम के प्रशिक्षण के बाद यह सभी अपने खेतों में औषधीय खेती कर रही हैं। इन्होंने ब्लू कॉर्न, कैमोमाइल, अपराजिता आदि की खेती की है।
वर्तमान में इनके खेतों में ब्लू कॉर्न के पौधे लहलहा रहे हैं। इनमें फूल भी खिले हैं। इन फूलों को तोड़ने का काम हो रहा है। इसके बाद इन्हें सुखाकर बिसवां स्थित अन्नदाता एग्रो एफपीओ में बेचा जाएगा। कृषि सखियों ने बताया कि बीते साल 50 हजार रुपये प्रति बीघा आमदनी हुई थी। इस बार फसल पहले से अच्छी है। इससे अधिक आमदनी होने की उम्मीद है।
सीता देवी ने बताया कि शुक्रवार को करीब 50 किलोग्राम फूल तोड़े गए हैं। इस कार्य में गांव की अन्य महिलाओं काे भी रोजगार मिल रहा है। उन्होंने बताया कि ब्लू कॉर्न के बाद अपराजिता की खेती की जाएगी। यह क्रम जारी रहेगा।
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वर्तमान में इनके खेतों में ब्लू कॉर्न के पौधे लहलहा रहे हैं। इनमें फूल भी खिले हैं। इन फूलों को तोड़ने का काम हो रहा है। इसके बाद इन्हें सुखाकर बिसवां स्थित अन्नदाता एग्रो एफपीओ में बेचा जाएगा। कृषि सखियों ने बताया कि बीते साल 50 हजार रुपये प्रति बीघा आमदनी हुई थी। इस बार फसल पहले से अच्छी है। इससे अधिक आमदनी होने की उम्मीद है।
सीता देवी ने बताया कि शुक्रवार को करीब 50 किलोग्राम फूल तोड़े गए हैं। इस कार्य में गांव की अन्य महिलाओं काे भी रोजगार मिल रहा है। उन्होंने बताया कि ब्लू कॉर्न के बाद अपराजिता की खेती की जाएगी। यह क्रम जारी रहेगा।