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Sitapur News: सेवानिवृत्त कर्मचारी व पेंशनर्स एसोसिएशन ने दिया धरना
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 21 Apr 2026 11:46 PM IST
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सीतापुर। सेवानिवृत्त कर्मचारी व पेंशनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आठवें वेतन आयोग में शामिल करने की मांग को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। संगठन के जिलाध्यक्ष आरसी पांडेय ने बताया कि जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को 10 सूत्री ज्ञापन भेजा गया है।
जिला मंत्री प्रभात तिवारी ने बताया कि ज्ञापन में पेंशनर्स की समस्याओं का जिक्र किया गया है। वित्त विधेयक 2025 में पेंशनरों में तिथि के आधार पर विभेद पैदा करने वाला अंश शामिल है। इसे हटाकर पेंशनरों को आठवें वेतन आयोग की सीमा में लाना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि 29 अगस्त 2008 में प्रकाशित निर्णयों के अनुसार कर्मचारियों, पेंशनरों व शिक्षकों के लिए अलग सीपीआई बनाई जाए। ओपीएस को बहाल किया जाए। पेंशनरों के राशिकरण की कटौती 10 वर्ष पर बंद कर दी जाए। 65 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद प्रत्येक पांच वर्ष पर पांच प्रतिशत पेंशन की वृद्धि की जाए। पेंशनर्स को आयकर से मुक्त रखा जाए। कोरोना काल का 18 महीने का डीए व एरियर का भुगतान हो। वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में 50 प्रतिशत की छूट दी जाए। आयुष्मान भारत योजना में कैशलेस उपचार कराने की सीमा 10 लाख कर दी जाए। साथ ही महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे मूल वेतन या पेंशन में मर्ज किया जाए। इन मांगों के साथ पदाधिकारियों ने धरना दिया। इस मौके पर सती प्रसाद वर्मा, विंदेश्वर प्रसाद, राजेंद्र कश्यप, राजेश्वरी मिश्रा, एमपी यादव व अन्य मौजूद रहे।
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जिला मंत्री प्रभात तिवारी ने बताया कि ज्ञापन में पेंशनर्स की समस्याओं का जिक्र किया गया है। वित्त विधेयक 2025 में पेंशनरों में तिथि के आधार पर विभेद पैदा करने वाला अंश शामिल है। इसे हटाकर पेंशनरों को आठवें वेतन आयोग की सीमा में लाना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि 29 अगस्त 2008 में प्रकाशित निर्णयों के अनुसार कर्मचारियों, पेंशनरों व शिक्षकों के लिए अलग सीपीआई बनाई जाए। ओपीएस को बहाल किया जाए। पेंशनरों के राशिकरण की कटौती 10 वर्ष पर बंद कर दी जाए। 65 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद प्रत्येक पांच वर्ष पर पांच प्रतिशत पेंशन की वृद्धि की जाए। पेंशनर्स को आयकर से मुक्त रखा जाए। कोरोना काल का 18 महीने का डीए व एरियर का भुगतान हो। वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में 50 प्रतिशत की छूट दी जाए। आयुष्मान भारत योजना में कैशलेस उपचार कराने की सीमा 10 लाख कर दी जाए। साथ ही महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे मूल वेतन या पेंशन में मर्ज किया जाए। इन मांगों के साथ पदाधिकारियों ने धरना दिया। इस मौके पर सती प्रसाद वर्मा, विंदेश्वर प्रसाद, राजेंद्र कश्यप, राजेश्वरी मिश्रा, एमपी यादव व अन्य मौजूद रहे।
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